{"_id":"67feae2430e329a649020f2e","slug":"18-lakh-plants-are-being-prepared-using-sprinkler-method-bhadohi-news-c-191-1-gyn1001-124826-2025-04-16","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bhadohi News: स्प्रिंकलर विधि से तैयार हो रहे 18 लाख पौधे","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bhadohi News: स्प्रिंकलर विधि से तैयार हो रहे 18 लाख पौधे
विज्ञापन
ज्ञानपुर। इस साल मानसून सत्र में 12 लाख 60 हजार पौधे रोपित होंगे। इसको लेकर वन विभाग की ओर से तैयारियां शुरू कर दी गई है। विभाग की नौ नर्सरी में इस समय 18 लाख पौधे तैयार किए जा रहे हैं। विभाग की ओर से इसकी नियमित निगरानी की जा रही है। विभाग कुल 23 प्रकार के पौधे तैयार कर रहा है। खास बात है कि इस साल पहली बार मुख्यालय की नर्सरी जोरई में स्प्रिंकलर विधि से पौधों की सिंचाई की जा रही है।
धरती के हरा भरा करने की दिशा हर साल सभी विभागों के समन्वय से लाखों पौधों का रोपण होता है। पौधे रोपित तो किए जाते हैं, लेकिन अधिकतर पौधे सूख जाते हैं। वहीं तमाम पौधों को पशु नुकसान पहुंचाते हैं। हालांकि इस साल फिर से मानसून सीजन में 12 लाख 60 हजार पौधे रोपित किए जाने का लक्ष्य रखा गया है।
वन विभाग समेत 15 विभागों के संयुक्त तत्वावधान में पौधे रोपित होंगे। इसमें तीन लाख पौधे वन विभाग रोपित करेगा। उद्यान विभाग को छोड़ कर सभी विभाग को वन विभाग पौधों की सप्लाई करता है। इस समय वन विभाग 18 लाख पौधे तैयार कर रहा है। जिसमें आम, अमरुद, महुआ, पीपल, बरगद, पाकड, शनि, सईजन, नीम, नीबू, करौंदा, जामुन, कटहल, बेल, इमली आदि शामिल है। ज्ञानपुर के चार रेंज, भदोही के दो और औराई के तीन रेंज की नर्सरी में यह पौधे तैयार हो रहे हैं। इसे मानसून सत्र में जुलाई से सितंबर के मध्य रोपित किया जाता है। बीते साल 12 लाख 50 हजार पौधे रोपित करने का लक्ष्य था।
विज्ञापन
स्प्रिंकलर विधि से यह होते हैं पौधे
पौधों की सिंचाई स्प्रिंकलर विधि से होने पर पौधों की गुणवत्ता अच्छी होती है। इसमें पौधों को आवश्यकता अनुसार पानी मिलता है। पानी पौधों की तना को भींगोते हुए जड़ तक पहुंचता था। इससे पौधों की गुणवत्ता उत्तम होती है। स्प्रिंकलर सिंचाई में, पानी को पौधों के ऊपर या आसपास छिड़काव की तरह डाला जाता है।
विभाग के नौ नर्सरी में करीब 18 लाख पौधे तैयार किए जा रहे हैं। इसमें से 12.60 लाख पौध रोपित होगा। इस साल 23 प्रकार के पौधे तैयार किए जा रहे हैं। जिन्हें अलग-अलग विभागों को दिया जाएगा। - नीरज आर्य, डीएफओ, भदोही
विज्ञापन
धरती के हरा भरा करने की दिशा हर साल सभी विभागों के समन्वय से लाखों पौधों का रोपण होता है। पौधे रोपित तो किए जाते हैं, लेकिन अधिकतर पौधे सूख जाते हैं। वहीं तमाम पौधों को पशु नुकसान पहुंचाते हैं। हालांकि इस साल फिर से मानसून सीजन में 12 लाख 60 हजार पौधे रोपित किए जाने का लक्ष्य रखा गया है।
विज्ञापन
वन विभाग समेत 15 विभागों के संयुक्त तत्वावधान में पौधे रोपित होंगे। इसमें तीन लाख पौधे वन विभाग रोपित करेगा। उद्यान विभाग को छोड़ कर सभी विभाग को वन विभाग पौधों की सप्लाई करता है। इस समय वन विभाग 18 लाख पौधे तैयार कर रहा है। जिसमें आम, अमरुद, महुआ, पीपल, बरगद, पाकड, शनि, सईजन, नीम, नीबू, करौंदा, जामुन, कटहल, बेल, इमली आदि शामिल है। ज्ञानपुर के चार रेंज, भदोही के दो और औराई के तीन रेंज की नर्सरी में यह पौधे तैयार हो रहे हैं। इसे मानसून सत्र में जुलाई से सितंबर के मध्य रोपित किया जाता है। बीते साल 12 लाख 50 हजार पौधे रोपित करने का लक्ष्य था।
विज्ञापन
स्प्रिंकलर विधि से यह होते हैं पौधे
पौधों की सिंचाई स्प्रिंकलर विधि से होने पर पौधों की गुणवत्ता अच्छी होती है। इसमें पौधों को आवश्यकता अनुसार पानी मिलता है। पानी पौधों की तना को भींगोते हुए जड़ तक पहुंचता था। इससे पौधों की गुणवत्ता उत्तम होती है। स्प्रिंकलर सिंचाई में, पानी को पौधों के ऊपर या आसपास छिड़काव की तरह डाला जाता है।
विभाग के नौ नर्सरी में करीब 18 लाख पौधे तैयार किए जा रहे हैं। इसमें से 12.60 लाख पौध रोपित होगा। इस साल 23 प्रकार के पौधे तैयार किए जा रहे हैं। जिन्हें अलग-अलग विभागों को दिया जाएगा। - नीरज आर्य, डीएफओ, भदोही