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टैबलेट में दर्ज होंगे पशु- पक्षियों के नाम
Updated Mon, 29 Oct 2018 12:56 AM IST
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ज्ञानपुर। शासन के निर्देश पर पशुपालन विभाग पशु-पक्षियों की गणना कराएगा। इसके तहत गाय, भैंस, बैल, बकरी, मुर्गी, बत्तख आदि पालतू पशु-पक्षियों की मौजूदा प्रजातियों का लेखा-जोखा तैयार किया जाएगा। पशुगणना की एक नवंबर से होगी। इसकी सारी प्रक्रिया पेपरलेस होगी। गणना में लगे कर्मचारी टैबलेट पर पूरा ब्योरा दर्ज करेंगे। जिले में बढ़ती जनसंख्या के सापेक्ष पशु-पक्षियों की तादाद कम होती जा रही है। पालतू जानवरों में तमाम ऐसी प्रजातियां हैं, जो धीरे-धीरे विलुप्त हो रही हैं। जनपद में देसी गायों की नस्ल सीमित रह गई हैं। पालतू जानवरों की प्रमुख प्रजातियों के संरक्षण के लिए सरकार हर पांच साल पर गणना कराती है। पशुपालन विभाग के पशुधन प्रसार अधिकारी, फर्मासिस्ट, पशुमित्र, कृत्रिम गर्भाधान कार्यकर्ताओं को पशुगणना की जिम्मेदारी दी गई है। एक गणनाकार को 4500 घरों की गणना का जिम्मा सौंपा गया है। इन्हें प्रति परिवार के हिसाब से विभाग की ओर से सात रुपये मानदेय दिया जाएगा। खास बात यह कि इस बार पशुगणना की प्रक्रिया पेपरलेस होगी। गणनाकारों को विभाग की ओर टेबलेट मुहैया कराया जाएगा। इसमें सिर्फ पशुगणना का सॉफ्टवेयर लोड होगा। सभी निर्देशों को भरकर गणना की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। इसके बाद टेबलेट विभाग में जमा कर दिए जाएंगे। बता दें कि 2012 की गणना के अनुसार जिले में गौवंश दो लाख से अधिक, महिषवंश तीन लाख से अधिक, भेड़ 74 हजार और बकरी की संख्या 45 हजार है।
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