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सत्संग में ज्ञान धर्म और भक्ति पर डाला प्रकाश
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जंगीगंज। शिवसमाधि स्थल जंगीगंज के राधास्वामी में आयोजित सत्संग में ज्ञान, धर्म और भक्ति पर प्रकाश डाला गया। मानवता मंदिर होशियारपुर से आए संत दयाल कमल जी महाराज ने भक्तों को सत्य एवं दायित्व का बोध कराया।
कहा कि आत्मा -परमात्मा का ज्ञान खेल अनुभव का विषय है, जितने साधन और करने वाले योगी अब तक हुए, सबने अपने-अपने अनुभव लिखे हैं। आज के समय में कथाओ में लोग अपना अनुभव नहीं बताते हैं, बल्कि शास्त्रों या पिछले महापुरुषों की कथाओं को बताते रहते है। यह अध्यात्म ज्ञान अनुभव का विषय है। यह अनुभव ईमानदारी से नही बताया जाएगा तो इसका फायदा क्या है। उन्होंने अपनी बातों या अनुभवों को सच्चाई से रहने पर बल दिया, कहाकि भक्तों का विश्वास खेल है क्योंकि मैं समझता हूँ कि मेरे अंदर कोई ऋद्धि सिद्धि नही है लेकिन भक्तों के विश्वास का कमाल है कि मेरे हाथों से बने प्रसाद ले जाते हैं जो उनका काम होता हैं वो उनके विश्वास का फल होता हैं मै तो उन्हें सिर्फ़ सही रास्ते पर चलने को प्रेरित मात्र करता हूं। सत्संग के बाद आश्रम में देश भर से आये भक्तों ने प्रसाद ग्रहण किया। इस मौके पर डॉ.मोहनलाल विश्वकर्मा, भीम सिंह खरे, लक्खू खरे, डॉ. वीरेंद्र सिंह आदि
कहा कि आत्मा -परमात्मा का ज्ञान खेल अनुभव का विषय है, जितने साधन और करने वाले योगी अब तक हुए, सबने अपने-अपने अनुभव लिखे हैं। आज के समय में कथाओ में लोग अपना अनुभव नहीं बताते हैं, बल्कि शास्त्रों या पिछले महापुरुषों की कथाओं को बताते रहते है। यह अध्यात्म ज्ञान अनुभव का विषय है। यह अनुभव ईमानदारी से नही बताया जाएगा तो इसका फायदा क्या है। उन्होंने अपनी बातों या अनुभवों को सच्चाई से रहने पर बल दिया, कहाकि भक्तों का विश्वास खेल है क्योंकि मैं समझता हूँ कि मेरे अंदर कोई ऋद्धि सिद्धि नही है लेकिन भक्तों के विश्वास का कमाल है कि मेरे हाथों से बने प्रसाद ले जाते हैं जो उनका काम होता हैं वो उनके विश्वास का फल होता हैं मै तो उन्हें सिर्फ़ सही रास्ते पर चलने को प्रेरित मात्र करता हूं। सत्संग के बाद आश्रम में देश भर से आये भक्तों ने प्रसाद ग्रहण किया। इस मौके पर डॉ.मोहनलाल विश्वकर्मा, भीम सिंह खरे, लक्खू खरे, डॉ. वीरेंद्र सिंह आदि
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