{"_id":"5c61b948bdec2273a9249709","slug":"141549908296-bhadohi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"डोर टू डोर हो रही है पुशुओं की गणना","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
डोर टू डोर हो रही है पुशुओं की गणना
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
ज्ञानपुर। पिछली गणना के आंकड़ों में गड़बड़ी की शिकायतें सामने आने के बाद जिले के पशुओं की गणना दोबारा शुरू हो गई है। अबकी बार गणना की जिम्मेदारी पशु चिकित्सा विभाग को दी गई है। अब तक 70 हजार परिवारों के पशुओं की गणना हो चुकी है। जबकि जिले में लगभग दो लाख परिवार हैं। पिछली गणना में तीन लाख 37 हजार पशु मिले थे।
पशु चिकित्सा विभाग की ओर से पशुओं की गणना जनवरी से ही शुरू कर दी गई है। जिले में अब तक 70 हजार परिवारों के पशुओं की गणना होे पाई है। गणना का काम मार्च तक पूरा किया जाना। पिछली गणना के अनुसार जिले में 3 लाख 37 हजार पशु पाए गए, जिनमें दो लाख भैंस और एक लाख 37 हजार गायें शामिल हैं। पशु चिकित्सा विभाग की ओर से चल रही पशुओं की गणना में ब्लाक स्तर पर अब तक 70 हजार परिवारों के पशुओं की गणना हो चुकी है। पशु चिकित्साधिकारी डॉ. जेडी सिंह के मुताबिक पिछली गणना के लिए लेखपाल और ग्राम प्रधानों को चयनित किया गया था, जिसमें लापरवाही के चलते तीन लाख 37 हजार पशुओं की मौजूदगी का आंकड़ा सामने आया था। इस बार पशु चिकित्सा विभाग ने खुद चिकित्सकों की टीम गठित कर गणना शुरू की है। डॉ. सिंह ने बताया कि एक टीम में एक सुपरवाइजर और चार कर्मचारियों को शामिल किया गया है। इस दौरान गठित टीमें आधुनिक उपकरणों से डोर टू डोर पशुओं की गणना कर रही हैं। कहा कि पशुओं की गणना का उद्देश्य उनकी नश्लों को बढ़ावा देना और योजनाएं बनाना होता है, जिससे जिले के सभी पशुपालक योजनाओं से लाभान्वित हो सकें।
पशु चिकित्सा विभाग की ओर से पशुओं की गणना जनवरी से ही शुरू कर दी गई है। जिले में अब तक 70 हजार परिवारों के पशुओं की गणना होे पाई है। गणना का काम मार्च तक पूरा किया जाना। पिछली गणना के अनुसार जिले में 3 लाख 37 हजार पशु पाए गए, जिनमें दो लाख भैंस और एक लाख 37 हजार गायें शामिल हैं। पशु चिकित्सा विभाग की ओर से चल रही पशुओं की गणना में ब्लाक स्तर पर अब तक 70 हजार परिवारों के पशुओं की गणना हो चुकी है। पशु चिकित्साधिकारी डॉ. जेडी सिंह के मुताबिक पिछली गणना के लिए लेखपाल और ग्राम प्रधानों को चयनित किया गया था, जिसमें लापरवाही के चलते तीन लाख 37 हजार पशुओं की मौजूदगी का आंकड़ा सामने आया था। इस बार पशु चिकित्सा विभाग ने खुद चिकित्सकों की टीम गठित कर गणना शुरू की है। डॉ. सिंह ने बताया कि एक टीम में एक सुपरवाइजर और चार कर्मचारियों को शामिल किया गया है। इस दौरान गठित टीमें आधुनिक उपकरणों से डोर टू डोर पशुओं की गणना कर रही हैं। कहा कि पशुओं की गणना का उद्देश्य उनकी नश्लों को बढ़ावा देना और योजनाएं बनाना होता है, जिससे जिले के सभी पशुपालक योजनाओं से लाभान्वित हो सकें।
विज्ञापन