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सैकड़ो ने किया सामुहिक रोजा इफ्तार
Updated Sat, 24 Jun 2017 01:27 AM IST
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भदोही। माहे रमजान अपने आखरी मरहले मे है। आखरी दिनों में नगर में सामुहिक रोजा इफ्तार कार्यक्रमों का आयोजन तेज हो गया है। अलविदा के दिन शाम को फत्तुपुर स्थित कालीन निर्यातक हाजी मुख्तार अहमद के प्रतिष्ठान में सामुहिक इफ्तार कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इफ्तार में हर शामिल सैकड़ो लोगों ने साथ रोजा खोला और भाईचारा सौहार्द की मिसाल पेश की।
इफ्तार की खास बात यह रही कि इसमे सामाजिक संगठनों, राजनीतिक दलों के कार्यकर्ताओं समेत कालीन निर्यातक, व्यापारी, मजदूर आदि शामिल हुए। ठीक 6.54 बजे हाफिज मतीउर्रहमान के अजान पर लोगों ने खजूर से रोजा खोला। इसके बाद मुफ्ती सोहैल ने प्रांगण में ही मगरिब की नमाज पढ़ाई। मुफ्ती सोहैल ने कहा कि इस्लाम में सामुहिक इफ्तार का व्यापक महत्व है। एक साथ सैकड़ो रोजेदार जब रोजा खोलते हैं तो इससे भाईचारा बढ़ता है। हाजी मुख्तार और इफ्तेखार अहमद ने आए रोजेदारों का इस्तकबाल किया।
एकमाध्यक्ष गुलाम सर्फुद्दीन अंसारी, हाजी अब्दुल रब, इम्तीयाज अंसारी, सीए केपी दूबे, सीए आफताब आलम, सगीर एजाज, परवेज अंसारी, हाजी अश्फाक, पप्पू कुरैशी, निसार अहमद, खुरशीद अंसारी, नसरुल्लाह उस्ताद आदि शामिल हुए।
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इफ्तार की खास बात यह रही कि इसमे सामाजिक संगठनों, राजनीतिक दलों के कार्यकर्ताओं समेत कालीन निर्यातक, व्यापारी, मजदूर आदि शामिल हुए। ठीक 6.54 बजे हाफिज मतीउर्रहमान के अजान पर लोगों ने खजूर से रोजा खोला। इसके बाद मुफ्ती सोहैल ने प्रांगण में ही मगरिब की नमाज पढ़ाई। मुफ्ती सोहैल ने कहा कि इस्लाम में सामुहिक इफ्तार का व्यापक महत्व है। एक साथ सैकड़ो रोजेदार जब रोजा खोलते हैं तो इससे भाईचारा बढ़ता है। हाजी मुख्तार और इफ्तेखार अहमद ने आए रोजेदारों का इस्तकबाल किया।
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एकमाध्यक्ष गुलाम सर्फुद्दीन अंसारी, हाजी अब्दुल रब, इम्तीयाज अंसारी, सीए केपी दूबे, सीए आफताब आलम, सगीर एजाज, परवेज अंसारी, हाजी अश्फाक, पप्पू कुरैशी, निसार अहमद, खुरशीद अंसारी, नसरुल्लाह उस्ताद आदि शामिल हुए।
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