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Basti News: श्रमिकों-किसानों ने चीनी मिल प्रबंधन के विरुद्ध दिया धरना
Wed, 20 Aug 2025 01:40 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
Updated Wed, 20 Aug 2025 01:40 AM IST
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वाल्टरगंज। बंद पड़ी गोविंद नगर चीनी मिल को चालू कराने के लिए श्रमिकों, क्षेत्र के किसानों के साथ भाकियू और सुभासपा ने मिल गेट पर धरना दिया। श्रमिकों का कहना है कि उनकी पांच सूत्री मांगें पूरी होने तक धरना जारी रहेगा।
मंगलवार सुबह 10 बजे श्रमिकों और किसानों ने धरना शुरू कर दिया। वे मरम्मत करा कर चीनी मिल को चालू कराने की मांग करने लगे। स्थायी कर्मचारियों के नियमित वेतन भुगतान के साथ ही मौसमी कर्मचारियों का 2017-18 से अब तक का भुगतान कराने की मांग की। श्रमिक नेता अंगद चौधरी ने कहा कि नौकरी के बदले हम लोगों ने इस मिल को अपनी जमीन दी है। इस समय हम लोगों के पास न तो नौकरी है न ही जमीन है। हमारा परिवार भुखमरी के कगार पर है।
श्रमिक महेश पांडेय ने कहा कि जिला प्रशासन के निर्देश पर मिल प्रबंधन ने कुछ महीनों के वेतन का भुगतान किया था लेकिन अब कई महीनों से भुगतान नहीं हो रहा है। इससे बच्चों की पढ़ाई लिखाई से लेकर खेती किसानी पर भी इसका प्रभाव पड़ रहा है। किसान गनीराम चौधरी एवं सुभासपा के जिलाध्यक्ष मनोज राजभर का कहना है कि जब से मिल बंद हुई है, क्षेत्र के किसान अन्य फसलों पर निर्भर होने के लिए मजबूर हैं। भाकियू भानू गुट के जिलाध्यक्ष रोलू सिंह का कहना है कि जब तक मिल चालू नहीं कराई जाएगी और श्रमिकों का भुगतान नहीं किया जाएगा तब तक धरना जारी रहेगा।
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हिंदू युवा वाहिनी के पूर्व जिला महामंत्री विनय सिंह ने कहा कि मिल बंद होने के कारण जहां एक तरफ किसान प्रभावित है वहीं दूसरी तरफ कस्बे के व्यवसायियों पर भी प्रतिकूल असर पड़ रहा है। इस दौरान श्रमिक राकेश चौधरी, धर्मेंद्र कुमार जिला कार्यालय प्रभारी हियुवा, अंगद वर्मा, वीरेंद्र कुमार, कमलेश पटेल, धीरेंद्र सिंह, बंदू यादव, रामलखन शुक्ल, अशोक सिंह, शिवाकांत सिंह, संजय सिंह, रामप्रकाश सिंह, भीसंभर चौधरी, बसंत चौधरी आदि उपस्थित रहे।
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मंगलवार सुबह 10 बजे श्रमिकों और किसानों ने धरना शुरू कर दिया। वे मरम्मत करा कर चीनी मिल को चालू कराने की मांग करने लगे। स्थायी कर्मचारियों के नियमित वेतन भुगतान के साथ ही मौसमी कर्मचारियों का 2017-18 से अब तक का भुगतान कराने की मांग की। श्रमिक नेता अंगद चौधरी ने कहा कि नौकरी के बदले हम लोगों ने इस मिल को अपनी जमीन दी है। इस समय हम लोगों के पास न तो नौकरी है न ही जमीन है। हमारा परिवार भुखमरी के कगार पर है।
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श्रमिक महेश पांडेय ने कहा कि जिला प्रशासन के निर्देश पर मिल प्रबंधन ने कुछ महीनों के वेतन का भुगतान किया था लेकिन अब कई महीनों से भुगतान नहीं हो रहा है। इससे बच्चों की पढ़ाई लिखाई से लेकर खेती किसानी पर भी इसका प्रभाव पड़ रहा है। किसान गनीराम चौधरी एवं सुभासपा के जिलाध्यक्ष मनोज राजभर का कहना है कि जब से मिल बंद हुई है, क्षेत्र के किसान अन्य फसलों पर निर्भर होने के लिए मजबूर हैं। भाकियू भानू गुट के जिलाध्यक्ष रोलू सिंह का कहना है कि जब तक मिल चालू नहीं कराई जाएगी और श्रमिकों का भुगतान नहीं किया जाएगा तब तक धरना जारी रहेगा।
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हिंदू युवा वाहिनी के पूर्व जिला महामंत्री विनय सिंह ने कहा कि मिल बंद होने के कारण जहां एक तरफ किसान प्रभावित है वहीं दूसरी तरफ कस्बे के व्यवसायियों पर भी प्रतिकूल असर पड़ रहा है। इस दौरान श्रमिक राकेश चौधरी, धर्मेंद्र कुमार जिला कार्यालय प्रभारी हियुवा, अंगद वर्मा, वीरेंद्र कुमार, कमलेश पटेल, धीरेंद्र सिंह, बंदू यादव, रामलखन शुक्ल, अशोक सिंह, शिवाकांत सिंह, संजय सिंह, रामप्रकाश सिंह, भीसंभर चौधरी, बसंत चौधरी आदि उपस्थित रहे।