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एकजुटता और ज्ञान पर दें ध्यान
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 04 Apr 2016 12:33 AM IST
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चौहान महासभा की गोष्ठी को संबोधित करते महेंद्र चौहान।
- फोटो : रमेश मिश्र
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बस्ती। रविवार को महाराजा पृथ्वीराज चौहान किसान विद्यालय समिति की ओर से ‘चौहान समाज की दशा दिशा’ विषयक संगोष्ठी आयोजित की गई। बतौर मुख्य अतिथि अखिल भारतीय चौहान महासभा अध्यक्ष ईश्वर चंद चौहान ने कहा कि चौहान समाज का अतीत जितना गौरवशाली रहा है, वर्तमान उतना ही उपेक्षित और संकटपूर्ण। पृथ्वीराज चौहान के वंशज समाज की मुख्य धारा से खुद को कटा सा महसूस कर रहे हैं। बिना राजनीतिक, सामाजिक चेतना को विकसित किए चौहान समाज का उत्थान संभव नहीं है।
ईश्वरचंद ने कहा कि शिक्षा और संघर्ष ही वह आधार है, जिसके बल पर चौहान समाज अपनी खोई प्रतिष्ठा अर्जित कर सकता है। संगोष्ठी को लालमन चौहान, डा. आरके चौहान, प्रहलाद चौहान, छोटेलाल चौहान, शंभू चौहान, मनीराम चौहान, डा. जीसी चौहान, राम सिंह पटेल आदि ने कहा कि कुछ वर्ग विशेष के हाथों देश का लोकतंत्र संचालित हो रहा है और आजादी के छह दशक बाद भी गरीब और गरीब होते जा रहे हैं। इसके लिए वे नीतियां जिम्मेदार हैं, जिनके कारण विकास के दरवाजे गरीबों के लिए नहीं खुल पा रहे हैं।
वक्ताओं ने एकजुटता और ज्ञान पर विशेष ध्यान देने की अपील की, जिससे चौहान समाज देश की मुख्य धारा में तेजी से विकास कर सके। आयोजक महेंद्र चौहान ने अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा कि राजनीतिक स्तर पर प्रदेश में चौहान समाज की छवि चंद लोगों तक सिमटी है। इसे और विस्तार देने की जरूरत है। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए भदई प्रसाद ने एकजुटता पर जोर दिया। कार्यक्रम में विजय चौहान, वेद प्रकाश चौहान, स्वारथ लाल चौहान, जितेंद्र, रामदौर, रामनरेश, इंद्रदेव, अभय, जगदीश, श्याम सुंदर, अनिल के साथ ही चौहान समाज के अनेक लोग मौजूद रहे।
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ईश्वरचंद ने कहा कि शिक्षा और संघर्ष ही वह आधार है, जिसके बल पर चौहान समाज अपनी खोई प्रतिष्ठा अर्जित कर सकता है। संगोष्ठी को लालमन चौहान, डा. आरके चौहान, प्रहलाद चौहान, छोटेलाल चौहान, शंभू चौहान, मनीराम चौहान, डा. जीसी चौहान, राम सिंह पटेल आदि ने कहा कि कुछ वर्ग विशेष के हाथों देश का लोकतंत्र संचालित हो रहा है और आजादी के छह दशक बाद भी गरीब और गरीब होते जा रहे हैं। इसके लिए वे नीतियां जिम्मेदार हैं, जिनके कारण विकास के दरवाजे गरीबों के लिए नहीं खुल पा रहे हैं।
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वक्ताओं ने एकजुटता और ज्ञान पर विशेष ध्यान देने की अपील की, जिससे चौहान समाज देश की मुख्य धारा में तेजी से विकास कर सके। आयोजक महेंद्र चौहान ने अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा कि राजनीतिक स्तर पर प्रदेश में चौहान समाज की छवि चंद लोगों तक सिमटी है। इसे और विस्तार देने की जरूरत है। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए भदई प्रसाद ने एकजुटता पर जोर दिया। कार्यक्रम में विजय चौहान, वेद प्रकाश चौहान, स्वारथ लाल चौहान, जितेंद्र, रामदौर, रामनरेश, इंद्रदेव, अभय, जगदीश, श्याम सुंदर, अनिल के साथ ही चौहान समाज के अनेक लोग मौजूद रहे।
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