{"_id":"11c15c67c65e462100551907fe6ba497","slug":"transferred-of-lekpals-on-zone-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"मंडल में हाेगा लेखपालों का तबादला","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मंडल में हाेगा लेखपालों का तबादला
ब्यूरो, अमर उजाला बस्ती
Updated Tue, 01 Dec 2015 12:48 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सरकार ने लेखपाल सेवा नियमावली में संशोधन कर 65 सालों से चली आ रही
विज्ञापन
पुरानी व्यवस्था को बदल दिया है। नई व्यवस्था के तहत अब लेखपाल को मंडल के
किसी भी जिले में तबादला किया जा सकता है।
तबादला करने का अधिकार कमिश्नर को दिया गया है। राज्यपाल की ओर से इसकी मंजूरी भी मिल चुकी है। कमिश्नर एक साल में 20 फीसदी लेखपालों का तबादला कर सकेंगे।
लेखपाल संघ ने सरकार के इस फैसले का विरोध किया है और कहा है कि इससे लेखपालों का उत्पीड़न और शोषण बढ़ेगा। विरोध स्वरूप आंदोलन करने की चेतावनी दी है।सरकार ने लेखपाल सेवा नियमावली में संशोधन करते हुए अब उन्हें मंडल स्तर का लेखपाल बना दिया है।
पहले यह जिला स्तर के लेखपाल के रूप में जाने थे। जिसके तहत इनका तबादला जिले से बाहर नहीं हो सकता था। जिले के भीतर तबादला करने का अधिकार पहले शासन ने डीएम को दिया था।
तहसील स्तर एसडीएम करते थे। अब नहीं व्यवस्था के तहत जिले के 20 फीसदी लेखपालों का तबादला मंडल के अन्य जनपदों में कमिश्नर करेंगे। इतना ही नहीं, शासन ने जिन आवेदकों की आयु पहली जुलाई को 18 वर्ष प्राप्त कर ली हो और 40 साल से अधिक न हो उसकी नियुक्ति लेखपाल के पद पर हो सकती है।
पहले अधिकतम आयु 35 साल की थी। लेखपाल संघ के मंडलीय मंत्री नरेंद्र बहादुर उपाध्याय ने बताया कि लेखपाल संघ सरकार के इस फैसले का विरोध करता है।
इसे लेकर संघ की ओर से सीएम और डीएम को ज्ञापन दिया जा चुका है। बताया कि जनपद में कई ऐसे पद हैं जो लेखपाल के समक्ष या उससे ऊपर के हैं। सरकार की मंशा पूरी नहीं होने दी जाएगी और इसके लिए व्यापक आंदोलन छेड़ा जाएगा।
तबादला करने का अधिकार कमिश्नर को दिया गया है। राज्यपाल की ओर से इसकी मंजूरी भी मिल चुकी है। कमिश्नर एक साल में 20 फीसदी लेखपालों का तबादला कर सकेंगे।
लेखपाल संघ ने सरकार के इस फैसले का विरोध किया है और कहा है कि इससे लेखपालों का उत्पीड़न और शोषण बढ़ेगा। विरोध स्वरूप आंदोलन करने की चेतावनी दी है।सरकार ने लेखपाल सेवा नियमावली में संशोधन करते हुए अब उन्हें मंडल स्तर का लेखपाल बना दिया है।
पहले यह जिला स्तर के लेखपाल के रूप में जाने थे। जिसके तहत इनका तबादला जिले से बाहर नहीं हो सकता था। जिले के भीतर तबादला करने का अधिकार पहले शासन ने डीएम को दिया था।
तहसील स्तर एसडीएम करते थे। अब नहीं व्यवस्था के तहत जिले के 20 फीसदी लेखपालों का तबादला मंडल के अन्य जनपदों में कमिश्नर करेंगे। इतना ही नहीं, शासन ने जिन आवेदकों की आयु पहली जुलाई को 18 वर्ष प्राप्त कर ली हो और 40 साल से अधिक न हो उसकी नियुक्ति लेखपाल के पद पर हो सकती है।
पहले अधिकतम आयु 35 साल की थी। लेखपाल संघ के मंडलीय मंत्री नरेंद्र बहादुर उपाध्याय ने बताया कि लेखपाल संघ सरकार के इस फैसले का विरोध करता है।
इसे लेकर संघ की ओर से सीएम और डीएम को ज्ञापन दिया जा चुका है। बताया कि जनपद में कई ऐसे पद हैं जो लेखपाल के समक्ष या उससे ऊपर के हैं। सरकार की मंशा पूरी नहीं होने दी जाएगी और इसके लिए व्यापक आंदोलन छेड़ा जाएगा।