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चौथी और पांचवीं का जुलूस नहीं निकला
ब्यूरो, अमर उजाला बस्ती
Updated Tue, 20 Oct 2015 12:19 AM IST
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शहर में दुर्गा पूजा और मोहर्रम को शांति पूर्ण तरीके से संपन्न कराना प्रशासन के लिए चुनौती बन गया है। जुलूस निकालने को लेकर कुछ मामले में समझौते के अनुरूप पालन न होने की बात कहते हुए रविवार और सोमवार को चौथी और पांचवीं का जुलूस नहीं निकाला। इसे देखते हुए प्रशासन ने आपसी सहमति की कोशिशें तेज कर दी हैं।
इसे लेकर लगातार दो पक्षों के बीच बैठकें की जा रही हैं। मगर एक पक्ष अभी भी प्रशासन के निर्देशों को लेकर सहमत नजर नहीं आ रहा है। रविवार की रात में बस्ती थाना क्षेत्र के दक्षिण दरवाजा पुलिस चौकी पर ताजियादरानों मोहम्मद नसीम, नसीम अख्तर, मोहम्मद अशरफ अली आदि ने सीओ कलवारी तनवीर अहमद और पुरानी बस्ती के प्रभारी निरीक्षक के साथ ही चौकी प्रभारी सर्वेश राय के साथ बैठक की।
मगर कोई हल नहीं निकला। ताजियादरान चाहते थे कि सातवीं के दिन निकलने वाले जुलूस के दौरान जिला अस्पताल चौराहे पर दुर्गा प्रतिमा स्थल के पास लगे गेट को हटा लिया जाए।
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वहीं प्रतिमा स्थापित करने वाले लोगों का कहा है कि वर्ष 1983 में हुए समझौते के तहत सातवीं के दिन गेट हटाने की बात नहीं कही गई है। प्रशासन भी नए नियम लागू करने के पक्ष में नहीं है। हालांकि समय की नजाकत को देखते हुए दोनों पक्षों की ओर से पहल तेज हो गई है।
सीओ सिटी अतुल सोनकर, शहर कोतवाल डीके श्रीवास्तव और प्रभारी निरीक्षक पुरानी बस्ती जेपी वर्मा मोहर्रम के जुलूस को लेकर सोमवार को कमेटियों से संपर्क करते रहे। मोहर्रम कमेटी के पदाधिकारी सैय्यद साजिद गुमनाम ने बताया कि दोनों पक्ष की ओर से बातचीत हो रही है। उम्मीद है कि कोई सर्वमान्य हल निकल जाएगा। इसके बाद ही छठीं का जुलूस निकाला जाएगा।
मोहर्रम का जुलूस न निकाले जाने के सवाल पर डीएम अनिल कुमार दमेले ने कहा कि पूर्व में ही सारी बातें तय हो चुकी थी। इसका पालन पूरी तरह से प्रशासन करने को तैयार है। मोहर्रम कमेटियों में आपस में ही सहमति नहीं बन पा रही है। वे लोग जुलूस निकालें प्रशासन उन्हें पूरी तरह से सुरक्षा देगा।
पूर्व में ही सहमति बनी थी कि 23 अक्टूबर की देर रात गेट का उपरी हिस्सा उतार लिया जाएगा और ताजिए को कर्बला में दफन करने के बाद 24 की देर शाम तक उसे वापस बना दिया जाएगा।
डीआईजी लक्ष्मीनरायन ने कहा कि त्योहारों को शांतिपूर्वक मनाएं, जो पूर्व की बैठक में तय हुआ है, उसे दोनो पक्षों को मानना चाहिए। मोहर्रम के दिन बड़ी संख्या में पुलिस फोर्स की तैनाती की जाएगी, किसी को डरने की जरूरत नहीं है।
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इसे लेकर लगातार दो पक्षों के बीच बैठकें की जा रही हैं। मगर एक पक्ष अभी भी प्रशासन के निर्देशों को लेकर सहमत नजर नहीं आ रहा है। रविवार की रात में बस्ती थाना क्षेत्र के दक्षिण दरवाजा पुलिस चौकी पर ताजियादरानों मोहम्मद नसीम, नसीम अख्तर, मोहम्मद अशरफ अली आदि ने सीओ कलवारी तनवीर अहमद और पुरानी बस्ती के प्रभारी निरीक्षक के साथ ही चौकी प्रभारी सर्वेश राय के साथ बैठक की।
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मगर कोई हल नहीं निकला। ताजियादरान चाहते थे कि सातवीं के दिन निकलने वाले जुलूस के दौरान जिला अस्पताल चौराहे पर दुर्गा प्रतिमा स्थल के पास लगे गेट को हटा लिया जाए।
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वहीं प्रतिमा स्थापित करने वाले लोगों का कहा है कि वर्ष 1983 में हुए समझौते के तहत सातवीं के दिन गेट हटाने की बात नहीं कही गई है। प्रशासन भी नए नियम लागू करने के पक्ष में नहीं है। हालांकि समय की नजाकत को देखते हुए दोनों पक्षों की ओर से पहल तेज हो गई है।
सीओ सिटी अतुल सोनकर, शहर कोतवाल डीके श्रीवास्तव और प्रभारी निरीक्षक पुरानी बस्ती जेपी वर्मा मोहर्रम के जुलूस को लेकर सोमवार को कमेटियों से संपर्क करते रहे। मोहर्रम कमेटी के पदाधिकारी सैय्यद साजिद गुमनाम ने बताया कि दोनों पक्ष की ओर से बातचीत हो रही है। उम्मीद है कि कोई सर्वमान्य हल निकल जाएगा। इसके बाद ही छठीं का जुलूस निकाला जाएगा।
मोहर्रम का जुलूस न निकाले जाने के सवाल पर डीएम अनिल कुमार दमेले ने कहा कि पूर्व में ही सारी बातें तय हो चुकी थी। इसका पालन पूरी तरह से प्रशासन करने को तैयार है। मोहर्रम कमेटियों में आपस में ही सहमति नहीं बन पा रही है। वे लोग जुलूस निकालें प्रशासन उन्हें पूरी तरह से सुरक्षा देगा।
पूर्व में ही सहमति बनी थी कि 23 अक्टूबर की देर रात गेट का उपरी हिस्सा उतार लिया जाएगा और ताजिए को कर्बला में दफन करने के बाद 24 की देर शाम तक उसे वापस बना दिया जाएगा।
डीआईजी लक्ष्मीनरायन ने कहा कि त्योहारों को शांतिपूर्वक मनाएं, जो पूर्व की बैठक में तय हुआ है, उसे दोनो पक्षों को मानना चाहिए। मोहर्रम के दिन बड़ी संख्या में पुलिस फोर्स की तैनाती की जाएगी, किसी को डरने की जरूरत नहीं है।