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Basti News: जितने परीक्षा केंद्र नहीं उससे ज्यादा आपत्तियां... बदल सकता है निर्धारण
Thu, 30 Nov 2023 12:23 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
Updated Thu, 30 Nov 2023 12:23 AM IST
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माध्यमिक शिक्षा परिषद की हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट परीक्षा- 2024 के लिए केंद्रों का निर्धारण कर दिया गया है। परीक्षा केंद्र के रूप में 122 राजकीय, सहायता प्राप्त एवं वित्तविहीन विद्यालयों की सूची जारी होते ही हलचल मच गई। जितने परीक्षा केंद्र नहीं हैं, उससे ज्यादा तो आपत्तियां आ गई हैं।
ऑनलाइन आवेदन के बाद अधिकांश विद्यालयों का भौतिक सत्यापन नहीं किया गया। जिससे मानक के अनुरूप परीक्षा केंद्र नहीं बन पाए हैं। ऐसे में यदि आपत्तियों के निस्तारण के समय जिला स्तरीय समिति विद्यालयों का भौतिक सत्यापन किया गया तो तमाम परीक्षा केंद्र बदल सकते हैं। परीक्षा केंद्रों के निर्धारण के बाद जिले भर से आई 170 आपत्तियां विभाग के लिए फिलहाल चुनौतीपूर्ण हो गई हैं। इनमें सबसे अधिक परीक्षा केंद्र नहीं बनाए जाने के मामले हैं। इसके अलावा कुछ स्कूलों की ओर से 20 से 25 किलोमीटर दूर सेंटर बनाए जाने पर आपत्ति दर्ज कराई गई है। कुछ केंद्रों पर पर्याप्त फर्नीचर, सीसीटीवी कैमरा व अन्य संसाधनों की उपलब्धता न होने पर आपत्ति की गई है। निष्पक्षता से यदि इन बिंदुओं पर जांच हुई तो केंद्रों के परिवर्तन की संभावना बढ़ जाएगी।
क्या हैं परीक्षा केंद्र बनने का मानक
विद्यालय के चारों तरफ ऊंची चहारदीवारी और गेट हो। प्रशासनिक कक्ष से लेकर परीक्षा कक्ष और परिसर तथा बरामदों में सीसीटीवी कैमरा अनिवार्य है। इसके अलावा सभी कक्ष के दरवाजे और खिड़कियां दुरुस्त होनी चाहिए। परीक्षा के दौरान निर्वाध विद्युत आपूर्ति भी अनिवार्य है। ताकि बंद कमरे में सुचारू रूप से परीक्षा कराई जा सकें। यह भी ध्यान देना है कि परीक्षा केंद्र की दूरी वास्तविक विद्यालय से आठ किलोमीटर के दायरे में हो। ताकि विद्यार्थियों को आने-जाने में दिक्कत न हो। परीक्षा केंद्र पर पहुंचने का मार्ग भी सुगम होना चाहिए। पगडंडी एवं गलियों जैसे रास्ते में स्थित विद्यालयों को परीक्षा केंद्र नहीं बनाया जा सकता है।
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परीक्षा केंद्र बनाए जाने की प्रक्रिया
परीक्षा केंद्र बनाए जाने के लिए विद्यालयों की ओर से परिषद की वेबसाइट पर ऑनलाइन आवेदन किया जाता है। इसमें परिषद के प्रारूप में जरूरी संसाधनों का ब्योरा अंकित करना होता है और विद्यालय की फोटो अपलोड की जाती है। इसके बाद विभाग एवं प्रशासनिक अधिकारी मिलकर एक-एक विद्यालय का भौतिक सत्यापन कर रिपोर्ट प्रेषित करते हैं। इस आधार पर परिषद केंद्रों का निर्धारण करता हैं।
अधिकांश विद्यालयों का कागज में ही कर दिया गया सत्यापन
ऑनलाइन आवेदन के बाद अधिकांश विद्यालयों के भौतिक सत्यापन की रिपोर्ट बिना स्थलीय निरीक्षण के ही तैयार कर ली गई। इसी वजह से परीक्षा केंद्रों के निर्धारण में खामियां सामने आई हैं। विद्यालयों की ओर से आपत्तियां दर्ज करा दी गई हैं।
जिले में बोर्ड परीक्षार्थियों की संख्या
कुल परीक्षार्थी- 78206
हाईस्कूल- 42306
इंटरमीडिएट- 36274
परीक्षा केंद्र- 122
माध्यमिक विद्यालय- 401
ऑनलाइन आवेदन के बाद सभी विद्यालयों का भौतिक सत्यापन कराया गया है। आपत्तियों के निस्तारण के लिए डीएम की अगुवाई में कमेटी गठित की गई है। आपत्तियों की जांच कर उनका समय से निस्तारण सुनिश्चित कराया जाएगा। इस दौरान जहां जरूरी होगा वहां फिर से भौतिक सत्यापन किया जाएगा।
-जगदीश शुक्ल, बीएसए
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ऑनलाइन आवेदन के बाद अधिकांश विद्यालयों का भौतिक सत्यापन नहीं किया गया। जिससे मानक के अनुरूप परीक्षा केंद्र नहीं बन पाए हैं। ऐसे में यदि आपत्तियों के निस्तारण के समय जिला स्तरीय समिति विद्यालयों का भौतिक सत्यापन किया गया तो तमाम परीक्षा केंद्र बदल सकते हैं। परीक्षा केंद्रों के निर्धारण के बाद जिले भर से आई 170 आपत्तियां विभाग के लिए फिलहाल चुनौतीपूर्ण हो गई हैं। इनमें सबसे अधिक परीक्षा केंद्र नहीं बनाए जाने के मामले हैं। इसके अलावा कुछ स्कूलों की ओर से 20 से 25 किलोमीटर दूर सेंटर बनाए जाने पर आपत्ति दर्ज कराई गई है। कुछ केंद्रों पर पर्याप्त फर्नीचर, सीसीटीवी कैमरा व अन्य संसाधनों की उपलब्धता न होने पर आपत्ति की गई है। निष्पक्षता से यदि इन बिंदुओं पर जांच हुई तो केंद्रों के परिवर्तन की संभावना बढ़ जाएगी।
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क्या हैं परीक्षा केंद्र बनने का मानक
विद्यालय के चारों तरफ ऊंची चहारदीवारी और गेट हो। प्रशासनिक कक्ष से लेकर परीक्षा कक्ष और परिसर तथा बरामदों में सीसीटीवी कैमरा अनिवार्य है। इसके अलावा सभी कक्ष के दरवाजे और खिड़कियां दुरुस्त होनी चाहिए। परीक्षा के दौरान निर्वाध विद्युत आपूर्ति भी अनिवार्य है। ताकि बंद कमरे में सुचारू रूप से परीक्षा कराई जा सकें। यह भी ध्यान देना है कि परीक्षा केंद्र की दूरी वास्तविक विद्यालय से आठ किलोमीटर के दायरे में हो। ताकि विद्यार्थियों को आने-जाने में दिक्कत न हो। परीक्षा केंद्र पर पहुंचने का मार्ग भी सुगम होना चाहिए। पगडंडी एवं गलियों जैसे रास्ते में स्थित विद्यालयों को परीक्षा केंद्र नहीं बनाया जा सकता है।
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परीक्षा केंद्र बनाए जाने की प्रक्रिया
परीक्षा केंद्र बनाए जाने के लिए विद्यालयों की ओर से परिषद की वेबसाइट पर ऑनलाइन आवेदन किया जाता है। इसमें परिषद के प्रारूप में जरूरी संसाधनों का ब्योरा अंकित करना होता है और विद्यालय की फोटो अपलोड की जाती है। इसके बाद विभाग एवं प्रशासनिक अधिकारी मिलकर एक-एक विद्यालय का भौतिक सत्यापन कर रिपोर्ट प्रेषित करते हैं। इस आधार पर परिषद केंद्रों का निर्धारण करता हैं।
अधिकांश विद्यालयों का कागज में ही कर दिया गया सत्यापन
ऑनलाइन आवेदन के बाद अधिकांश विद्यालयों के भौतिक सत्यापन की रिपोर्ट बिना स्थलीय निरीक्षण के ही तैयार कर ली गई। इसी वजह से परीक्षा केंद्रों के निर्धारण में खामियां सामने आई हैं। विद्यालयों की ओर से आपत्तियां दर्ज करा दी गई हैं।
जिले में बोर्ड परीक्षार्थियों की संख्या
कुल परीक्षार्थी- 78206
हाईस्कूल- 42306
इंटरमीडिएट- 36274
परीक्षा केंद्र- 122
माध्यमिक विद्यालय- 401
ऑनलाइन आवेदन के बाद सभी विद्यालयों का भौतिक सत्यापन कराया गया है। आपत्तियों के निस्तारण के लिए डीएम की अगुवाई में कमेटी गठित की गई है। आपत्तियों की जांच कर उनका समय से निस्तारण सुनिश्चित कराया जाएगा। इस दौरान जहां जरूरी होगा वहां फिर से भौतिक सत्यापन किया जाएगा।
-जगदीश शुक्ल, बीएसए