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Basti News: फिर गरजते हुए बिना बरसे चले गए बादल
Mon, 09 Sep 2024 10:57 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
Updated Mon, 09 Sep 2024 10:57 PM IST
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15 दिन से बारिश न होने से उमस भरी गर्मी से सभी परेशान
24 घंटों में गरज चमक के साथ बारिश का पूर्वानुमान
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। जिले में करीब 15 दिन से बारिश नहीं हुई है। सोमवार की दोपहर में देखते ही देखते घने बादल घिर आए। गरज-चमक के साथ छिटपुट बूंदाबांदी शुरू हुई तो लगा कि अच्छी बारिश होगी। मगर, बारिश की आस में आसमान की तरफ टकटकी लगाए बैठे लोगों को निराश होना पड़ा। बिना बरसे ही फिर बादल चले गए।
जेष्ठ मास की तरह हो रही धूप से वातावरण में नमी का प्रभाव कम हो रहा है। तेज धूप और उमस भरी गर्मी से हर कोई परेशान हैं। ऊपर से अघोषित बिजली कटौती कोढ़ में खाज का काम कर रही है। धान की फसल से नमी लगभग गायब हो चुकी है। किसानों को फसलों की सिंचाई करनी पड़ रही है। इससे उनकी लागत में इजाफा हो रहा है।
यदि हफ्ते भर और बारिश न हुई तो इसका सीधा असर धान के उत्पादन पर पड़ेगे। फसल सुरक्षा वैज्ञानिक डॉ. प्रेमशंकरबताते हैं कि अब फसल में बालियों का फुटाव शुरू होने का समय आ गया है। यदि बारिश न हुई तो बालियों में पड़ने वाले दाने कमजोर होंगे। इसका सीधा असर उत्पादन पर पड़ेगा।
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सोमवार को घने बादल को देखकर बारिश की उम्मीद जगी लेकिन घंटेभर में ही निकली तेज धूप ने उम्मीदों पर पानी फेर दिया। मौसम विज्ञानी डॉ. अमरनाथ मिश्र ने बताया कि पूर्वी उत्तर प्रदेश में 24 घंटों में गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना बनी हुई है।
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24 घंटों में गरज चमक के साथ बारिश का पूर्वानुमान
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। जिले में करीब 15 दिन से बारिश नहीं हुई है। सोमवार की दोपहर में देखते ही देखते घने बादल घिर आए। गरज-चमक के साथ छिटपुट बूंदाबांदी शुरू हुई तो लगा कि अच्छी बारिश होगी। मगर, बारिश की आस में आसमान की तरफ टकटकी लगाए बैठे लोगों को निराश होना पड़ा। बिना बरसे ही फिर बादल चले गए।
जेष्ठ मास की तरह हो रही धूप से वातावरण में नमी का प्रभाव कम हो रहा है। तेज धूप और उमस भरी गर्मी से हर कोई परेशान हैं। ऊपर से अघोषित बिजली कटौती कोढ़ में खाज का काम कर रही है। धान की फसल से नमी लगभग गायब हो चुकी है। किसानों को फसलों की सिंचाई करनी पड़ रही है। इससे उनकी लागत में इजाफा हो रहा है।
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यदि हफ्ते भर और बारिश न हुई तो इसका सीधा असर धान के उत्पादन पर पड़ेगे। फसल सुरक्षा वैज्ञानिक डॉ. प्रेमशंकरबताते हैं कि अब फसल में बालियों का फुटाव शुरू होने का समय आ गया है। यदि बारिश न हुई तो बालियों में पड़ने वाले दाने कमजोर होंगे। इसका सीधा असर उत्पादन पर पड़ेगा।
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सोमवार को घने बादल को देखकर बारिश की उम्मीद जगी लेकिन घंटेभर में ही निकली तेज धूप ने उम्मीदों पर पानी फेर दिया। मौसम विज्ञानी डॉ. अमरनाथ मिश्र ने बताया कि पूर्वी उत्तर प्रदेश में 24 घंटों में गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना बनी हुई है।