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कर्मचारी नेताओं ने दी बड़े आंदोलन की चेतावनी
अमर उजाला बस्ती
Updated Fri, 29 Jul 2016 11:36 PM IST
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प्रदर्शन किया ।
- फोटो : अमर उजाला
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कर्मचारी नेताओं ने दी बड़े आंदोलन की चेतावनी
डीडीओ कार्यालय के वरिष्ठ सहायक देवेंद्र कुमार सिंह के बर्खास्तगी को लेकर विकास भवन से विकास खंड मुख्यालयों तक चल रहा आंदोलन तीसरे दिन शुक्रवार को भी जारी रहा। अधिकारियों की ओर से इस मामले में चुप्पी साधने से नाराज कर्मचारी नेताओं ने बड़े आंदोलन की चेतावनी दी है।
वरिष्ठ सहायक देवेंद्र कुमार सिंह की बर्खास्तगी से गुस्साए कर्मचारी, विभिन्न कर्मचारी संगठनों के पदाधिकारियों की अगुवाई में तीसरे दिन भी विकास भवन में तालाबंदी कर हड़ताल पर बैठे रहे। ब्लाकों में भी कर्मचारियों ने कार्य बहिष्कार जारी रखा।
राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के अध्यक्ष मस्तराम वर्मा ने कहा कि देवेंद्र कुमार सिंह के प्रकरण पर अधिकारियों की ओर से हीलाहवाली की जा रही है। इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। शनिवार को बैठक कर आगे के आंदोलन पर चर्चा की जाएगी। विकास भवन कर्मचारी संघ के महामंत्री रामअधार पाल ने कहा कि गलत बर्खास्तगी में अधिकारी तेजी दिखते है। बर्खास्तगी को वापस लेने में आखिर दिक्कत क्या है। जब तक देवेंद्र की बर्खास्तगी वापस नहीं हो जाती तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
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ग्राम विकास अधिकारी संघ के अध्यक्ष मनोज कुमार यादव, कोषागार कर्मचारी संघ के अध्यक्ष अखिलेश पाठक, कलेक्ट्रेट मिनिस्ट्रियल संघ के संरक्षक अशोक मिश्र ने कहा कि देवेंद्र की बर्खास्तगी नियमविरुद्घ और हाईकोर्ट की अवहेलना है।
ग्राम्य विकास मिनिस्ट्रियल एसोसिएशन बस्ती के सचिव संत कुमार नंदन ने कहा कि अब पानी सर से ऊपर आ गया है, शीघ्र बर्खास्तगी का आदेश वापस नहीं हुआ तो आंदोलन के साथ आमरण अनशन भी किया जाएगा। आंदोलन के समर्थन में आए ट्यूबवेल टेक्निकल इंप्लाइज एसोसिएशन के मंडल अध्यक्ष श्याम बिहारी ने कहा कि अधिकारी हठवादिता छोड़े, अन्यथा उनके लिए आंदोलन हितकारी नहीं होगा।
इस मौके पर ग्राम विकास अधिकारी संघ के अमरनाथ गौतम, आलोक श्रीवास्तव, राजेश श्रीवास्तव, संजय श्रीवास्तव, रामयज्ञ, हीरामन, प्रदीप कुमार सिंह, मुकेश सोनकर वीरेंद्र प्रताप, वीके श्रीवास्तव, आलोक चौधरी, गोवर्धन उपाध्याय, अमृतनाथ, घनश्याम, सत्यनरायन चौधरी, हरीराम, ओमप्रकाश, सज्जन प्रसाद, वीर बहादुर सिंह, दिनश शुक्ल, चंद्रप्रकाश चौधरी, अशोक श्रीवास्तव, ज्ञानेंद्र श्रीवास्तव, अखिलेश शरण पांडेय, मोहम्मद कलीम सहित विकास भवन के सभी कर्मचारी मौजूद रहे।
पहली अगस्त से रोजगार सेवक भी साथ
उत्तर प्रदेश रोजगार सेवक संघ भी देवेंद्र के साथ आ गया है। शुक्रवार को विकास भवन में धरना में शामिल होने के बाद संघ के जिलाध्यक्ष रमेश चंद्र चौधरी, जिला महामंत्री शत्रुहंता यादव, कोषाध्यक्ष श्यामकरन यादव ने कहा कि 30 जुलाई तक बर्खास्तगी वापस नहीं हुई तो पहली अगस्त से रोजगार सेवक भी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले जाएंगे।
देवेंद्र के पिता ने डीएम से लगाई गुहार
शुक्रवार को बर्खास्त कर्मचारी देवेंद्र कुमार सिंह के पिता शिवराज सिंह अपने बेटे के समर्थन में धरना स्थल पर पहुंच गए। काफी देर तक वह वहां रहे और बाद में उन्होंने डीएम को प्रार्थना पत्र देकर बेटे के सेवा समाप्ति के आदेश को निरस्त करने का अनुरोध किया। पत्र में उन्होने कहा है कि उनकी पत्नी शिवरानी सदर ब्लाक में ग्राम विकास अधिकारी के पद पर तैनात थी, इनका निधन सात जुलाई 1988 को हो गया। उनके और उनकी स्वर्गवासी पत्नी शिवरानी सिंह से एक पुत्र देवेंद्र कुमार सिंह और दो पुत्रियां चंदा सिंह और सूरज सिंह है। मकान हड़पने और रुपयों की लालच में बेटी सूरज सिंह 23 वर्ष बाद अपने सगे भाई को नौकरी से निकलवा दी। जबकि यह मामला हाईकोर्ट और बस्ती के सिविल जज सीनियर डिवीजन में विचाराधीन है। कहा कि भाई बहन के विवाद में उनका बयान तक लेने की कोशिश किसी अधिकारी ने नहीं की।
मैं ही असली वारिस:सूरज
देवेंद्र सिंह की बहन सूरज सिंह का कहना है कि देवेंद्र उसकी पहली मां के बेटे हैं। वह उसके सगे भाई नहीं है। देवेंद्र सिंह ने फर्जी अभिलेखों के जरिए नौकरी हथिया ली, जबकि वह अपने मां की असली वारिस हैं। ऐसे में मां की जगह उसे नौकरी मिलनी चाहिए। देवेंद्र और उसके पिता दोनों मिलकर कर्मचारियों को गुमराह कर रहे है। सूरज ने कर्मचारियों से अनुरोध किया है कि वह उसकी बात को समझे और देवेंद्र का साथ न दें।
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कर्मचारी नेताओं ने दी बड़े आंदोलन की चेतावनी
डीडीओ कार्यालय के वरिष्ठ सहायक देवेंद्र कुमार सिंह के बर्खास्तगी को लेकर विकास भवन से विकास खंड मुख्यालयों तक चल रहा आंदोलन तीसरे दिन शुक्रवार को भी जारी रहा। अधिकारियों की ओर से इस मामले में चुप्पी साधने से नाराज कर्मचारी नेताओं ने बड़े आंदोलन की चेतावनी दी है।
वरिष्ठ सहायक देवेंद्र कुमार सिंह की बर्खास्तगी से गुस्साए कर्मचारी, विभिन्न कर्मचारी संगठनों के पदाधिकारियों की अगुवाई में तीसरे दिन भी विकास भवन में तालाबंदी कर हड़ताल पर बैठे रहे। ब्लाकों में भी कर्मचारियों ने कार्य बहिष्कार जारी रखा।
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राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के अध्यक्ष मस्तराम वर्मा ने कहा कि देवेंद्र कुमार सिंह के प्रकरण पर अधिकारियों की ओर से हीलाहवाली की जा रही है। इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। शनिवार को बैठक कर आगे के आंदोलन पर चर्चा की जाएगी। विकास भवन कर्मचारी संघ के महामंत्री रामअधार पाल ने कहा कि गलत बर्खास्तगी में अधिकारी तेजी दिखते है। बर्खास्तगी को वापस लेने में आखिर दिक्कत क्या है। जब तक देवेंद्र की बर्खास्तगी वापस नहीं हो जाती तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
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ग्राम विकास अधिकारी संघ के अध्यक्ष मनोज कुमार यादव, कोषागार कर्मचारी संघ के अध्यक्ष अखिलेश पाठक, कलेक्ट्रेट मिनिस्ट्रियल संघ के संरक्षक अशोक मिश्र ने कहा कि देवेंद्र की बर्खास्तगी नियमविरुद्घ और हाईकोर्ट की अवहेलना है।
ग्राम्य विकास मिनिस्ट्रियल एसोसिएशन बस्ती के सचिव संत कुमार नंदन ने कहा कि अब पानी सर से ऊपर आ गया है, शीघ्र बर्खास्तगी का आदेश वापस नहीं हुआ तो आंदोलन के साथ आमरण अनशन भी किया जाएगा। आंदोलन के समर्थन में आए ट्यूबवेल टेक्निकल इंप्लाइज एसोसिएशन के मंडल अध्यक्ष श्याम बिहारी ने कहा कि अधिकारी हठवादिता छोड़े, अन्यथा उनके लिए आंदोलन हितकारी नहीं होगा।
इस मौके पर ग्राम विकास अधिकारी संघ के अमरनाथ गौतम, आलोक श्रीवास्तव, राजेश श्रीवास्तव, संजय श्रीवास्तव, रामयज्ञ, हीरामन, प्रदीप कुमार सिंह, मुकेश सोनकर वीरेंद्र प्रताप, वीके श्रीवास्तव, आलोक चौधरी, गोवर्धन उपाध्याय, अमृतनाथ, घनश्याम, सत्यनरायन चौधरी, हरीराम, ओमप्रकाश, सज्जन प्रसाद, वीर बहादुर सिंह, दिनश शुक्ल, चंद्रप्रकाश चौधरी, अशोक श्रीवास्तव, ज्ञानेंद्र श्रीवास्तव, अखिलेश शरण पांडेय, मोहम्मद कलीम सहित विकास भवन के सभी कर्मचारी मौजूद रहे।
पहली अगस्त से रोजगार सेवक भी साथ
उत्तर प्रदेश रोजगार सेवक संघ भी देवेंद्र के साथ आ गया है। शुक्रवार को विकास भवन में धरना में शामिल होने के बाद संघ के जिलाध्यक्ष रमेश चंद्र चौधरी, जिला महामंत्री शत्रुहंता यादव, कोषाध्यक्ष श्यामकरन यादव ने कहा कि 30 जुलाई तक बर्खास्तगी वापस नहीं हुई तो पहली अगस्त से रोजगार सेवक भी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले जाएंगे।
देवेंद्र के पिता ने डीएम से लगाई गुहार
शुक्रवार को बर्खास्त कर्मचारी देवेंद्र कुमार सिंह के पिता शिवराज सिंह अपने बेटे के समर्थन में धरना स्थल पर पहुंच गए। काफी देर तक वह वहां रहे और बाद में उन्होंने डीएम को प्रार्थना पत्र देकर बेटे के सेवा समाप्ति के आदेश को निरस्त करने का अनुरोध किया। पत्र में उन्होने कहा है कि उनकी पत्नी शिवरानी सदर ब्लाक में ग्राम विकास अधिकारी के पद पर तैनात थी, इनका निधन सात जुलाई 1988 को हो गया। उनके और उनकी स्वर्गवासी पत्नी शिवरानी सिंह से एक पुत्र देवेंद्र कुमार सिंह और दो पुत्रियां चंदा सिंह और सूरज सिंह है। मकान हड़पने और रुपयों की लालच में बेटी सूरज सिंह 23 वर्ष बाद अपने सगे भाई को नौकरी से निकलवा दी। जबकि यह मामला हाईकोर्ट और बस्ती के सिविल जज सीनियर डिवीजन में विचाराधीन है। कहा कि भाई बहन के विवाद में उनका बयान तक लेने की कोशिश किसी अधिकारी ने नहीं की।
मैं ही असली वारिस:सूरज
देवेंद्र सिंह की बहन सूरज सिंह का कहना है कि देवेंद्र उसकी पहली मां के बेटे हैं। वह उसके सगे भाई नहीं है। देवेंद्र सिंह ने फर्जी अभिलेखों के जरिए नौकरी हथिया ली, जबकि वह अपने मां की असली वारिस हैं। ऐसे में मां की जगह उसे नौकरी मिलनी चाहिए। देवेंद्र और उसके पिता दोनों मिलकर कर्मचारियों को गुमराह कर रहे है। सूरज ने कर्मचारियों से अनुरोध किया है कि वह उसकी बात को समझे और देवेंद्र का साथ न दें।