Basti News: जमीन मालिक को पता ही नहीं, दूसरे ने करा लिया बैनामा
जमीन के असली मालिक की जगह दूसरे को खड़ा करके बैनामा कराने के मामले भी सामने आ रहे हैं। इसे लेकर थाने में केस दर्ज हैं और पुलिस तफ्तीश कर रही है। यहां दूसरे को खड़ा कर बैनामा कराने और बहला-फुसलाकर बैनामा कराने वालों की तादाद ज्यादा है। कई बार हिस्सेदारी में इसी वजह से विवाद खड़ा होता है।
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बस्ती जिले में फर्जी बैनामा करने के केस आए दिन सामने आ रहे हैं। इसमें घर वालों को झांसा देकर जमीन की रजिस्ट्री या वसीयत कराने के मामले सबसे ज्यादा हैं। कई ऐसे भी प्रकरण सामने आए हैं जिनमें घर के मुखिया को खिला-पिलाकर भू माफिया ने उनकी जमीन का बैनामा करवा लिया। जबकि कुछ साझे की जमीन एक ही भाई से बैनामा कराने के प्रकरण भी सामने आ रहे हैं।
जमीन के असली मालिक की जगह दूसरे को खड़ा करके बैनामा कराने के मामले भी सामने आ रहे हैं। इसे लेकर थाने में केस दर्ज हैं और पुलिस तफ्तीश कर रही है। यहां दूसरे को खड़ा कर बैनामा कराने और बहला-फुसलाकर बैनामा कराने वालों की तादाद ज्यादा है। कई बार हिस्सेदारी में इसी वजह से विवाद खड़ा होता है। मान लीजिए किसी जमीन में तीन भाइयों का हिस्सा है तो भू माफिया एक भाई को अपने झांसे में लेकर दूसरे भाई का भी हिस्सा बैनामा करा लेता है।
बताया जा रहा है कि भू-माफिया पहले खरीदारों को ढूंढते हैं। उन्हें बताते हैं कि फलां जगह की जमीन सस्ते में बिक रही है। ग्राहक उसके मालिक से मिलने की बात करता है तो एक छद्म व्यक्ति को खड़ा कर ग्राहक से बातचीत कराते हैं। उसका नाम वही बताते हैं जो वहां की खतौनी में दर्ज होता है। सौदा तय होने के बाद उसी छद्म व्यक्ति की फोटो लगाकर जमीन के असली मालिक के नाम का फर्जी आईकार्ड, आधार कार्ड, मतदाता पहचान पत्र बनवा लेते हैं।
किसी बैंक में उसी नाम का एक खाता भी खोलवा लेते हैं, जिसमें रुपये का लेनदेन होता है। इस तरह से असली जमीन मालिक के नाम का फर्जी दस्तावेज तैयार कराया जाता है और स्टांप पेपर आदि पर फोटो छ्दम व्यक्ति की लगाई जाती है। वही व्यक्ति रजिस्ट्री दफ्तर में जाकर सब रजिस्ट्रार के सामने खड़ा भी होता है। इसके बाद बैनामा हो जाता है।
इस तरह खुलती है पोल
इस तरह की जालसाजी करने वाले भू-माफिया अमूमन खारिज-दाखिल भी तहसील की मिलीभगत से करवा लेते हैं। ऐसे में फर्जी बैनामे की पोल दो स्थितियों में खुलती है। एक तो जब जमीन का असली मालिक खतौनी निकालता है और उसमें उसी के नाम का बैनामा किया हुआ दिखता है तो उसे पता चलता है कि उसकी जमीन का बैनामा हो चुका है। अन्यथा खरीदने वाला जब जमीन पर कब्जा करने पहुंचता तो असली मालिक उस पर आपत्ति करता है तब जानकारी हो पाती है।
केस एक
दो जुलाई को फर्जी तरीके से जमीन बैनामा करा लेने के एक मामले में हर्रैया थाने की पुलिस ने सात आरोपियों पर केस दर्ज किया। हर्रैया थाना क्षेत्र के महाखरपुर निवासी राम सुरेश ने तहरीर में कहा है कि 27 जुलाई 2021 से दो नवंबर 2021 के बीच उप निबंधक कार्यालय हर्रैया में विपक्षियों ने उसकी जमीन हड़पने की नीयत से जालसाजी व धोखाधड़ी कर अवैध तरीके से बैनामा करा लिया। इस मामले में पुलिस साक्ष्यों के आधार पर केस दर्ज कर छानबीन कर रही है।
केस दो
पांच जून 2022 को कोतवाली क्षेत्र के मड़वानगर में स्टांप चोरी की जांच करने पहुंचे उप निबंधक कार्यालय के जांच अधिकारी को बड़े गोलमाल की जानकारी हुई। पता चला कि जमीन के असली मालिक के स्थान पर दूसरे व्यक्ति को खड़ा कर कूटरचित दस्तावेज के सहारे करीब 24 बिस्वा जमीन का बैनामा करा लिया गया। वह जमीन महज 10 लाख रुपये में बैनामा हुई थी। जमीन के असली मालिक को जानकारी हुुई तो वह प्रकरण की शिकायत लेकर एसपी के पास पहुंचे। कोतवाली में केस दर्ज है।
सात नवंबर 2022 को गोंडा जिले के बरहना हाल मुकाम छावनी थाना क्षेत्र के फूलडीह निवासी रामदुलारी ने तहरीर दी। बताया कि उनकी जमीन का षड्यंत्र कर फर्जी व कूटरचित दस्तावेज तैयार करबैनामा करा लिया गया। पुलिस ने तहरीर के अनुसार कलंदरहा थाना छावनी, साईनाथपुर थाना दुबौलिया, एकमा हीरमिया थाना छावनी के अलावा विक्रमजोत के पंचायत विभाग के तत्कालीन कर्मचारी, नाम व पता अज्ञात तथा तहसील हर्रैया के राजस्व कर्मी पर केस दर्ज किया।
केस चार
कप्तानगंज थाना क्षेत्र के मसजिदिया निवासी अर्चना तिवारी पत्नी शिवाकांत तिवारी ने तहरीर देकर बताया कि 27 जुलाई की सुबह 10:30 से 5:00 बजे शाम के बीच विपक्षियों ने उनके पति का अपहरण कर लिया। इस दौरान फर्जी दस्तावेज तैयार कर उनकी जमीन का बैनामा करा लिया गया। पुलिस ने तहरीर के अनुसार शिवचंद्र तिवारी निवासी चैनपुर थाना कप्तानगंज, उनकी पत्नी कुसुम तिवारी, अवनीश कुमार निवासी चिकनी, पवन तिवारी निवासी मसजिदिया, रमेश पाठक कोइलपुरा और प्रेम प्रकाश मिश्रा निवासी मसजिदिया पर केस दर्ज किया।