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Basti News: अलर्ट हुआ विभाग, उर्वरक वितरण के लिए बनी पारदर्शी व्यवस्था
Sat, 08 Nov 2025 01:37 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
Updated Sat, 08 Nov 2025 01:37 AM IST
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डीएओ कार्यालय में उर्वरक वितरक एजेंसियों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक करते डीएओ।
बस्ती। रबी सीजन में उर्वरक वितरण में घालमेल किया गया तो जिम्मेदारों पर भारी पड़ सकता है। खरीफ सीजन में यूरिया वितरण में धांधली के बाद शासन स्तर से सतर्कता बरती जा रही है। इस बार जिले में पारदर्शी व्यवस्था में डीएपी, यूरिया समेत अन्य उर्वरकों का वितरण सुनिश्चित करने के लिए अलग से टास्क फोर्स गठित की गई है। इसमें गैर जनपदों के कृषि विभाग, सहकारिता एवं अन्य विभागों से जुड़े अधिकारी शामिल किए गए हैं।
यह टीम किसी भी समिति या निजी क्षेत्र के उर्वरक विक्रेता के यहां पहुंचकर खाद वितरण की क्रॉस चेकिंग करेगी। स्टॉक रजिस्टर से गोदाम का मिलान, पीओएस मशीन में दर्ज किसानों से बातचीत कर असलियत का पता लगाया जाएगा। यदि इस दौरान वितरण में खामियां मिली तो संबंधित जिम्मेदार के खिलाफ कार्रवाई सुनिश्चित होगी। हालांकि शासन की सख्ती के बाद महकमा भी इस बार अलर्ट मोड में है।
अगले सप्ताह से गेहूं की बुआई शुरू होने से पहले ही समितियों और निजी क्षेत्र के उर्वरक विक्रेताओं के यहां खाद की उपलब्धता सुनिश्चित कर दी गई है। वितरण के नियम भी बता दिए गए हैं। प्रत्येक किसान को एक हेक्टेयर भूमि पर दो बोरी डीएपी उपलब्ध कराई जानी है। इसमें भी किसान की खतौनी, फार्मर रजिस्ट्री, आधार जैसे प्रपत्र लेने अनिवार्य किए गए हैं। पीओएस मशीन में प्रत्येक किसान का विवरण दर्ज करने के बाद ही वितरण किया जाना है।
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इसके अलावा कृषि विभाग ने छापेमारी की कार्रवाई भी इधर शुरू कर दी है। पिछले सप्ताह जिला कृषि अधिकारी (डीएओ) डॉ. बाबूराम मौर्य कप्तानगंज ब्लॉक के एक निजी समिति के गोदाम में छापेमारी कर एक हजार बोरी यूरिया की कालाबाजारी का भंडाफोड़ भी किया है।
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उर्वरक उपलब्धता और वितरण को लेकर दिन भर चला मंथन
डीएओ ने शुक्रवार को अपने कार्यालय में जिले के सभी थोक उर्वरक विक्रेता, कंपनी प्रतिनिधि एवं किसानों की बैठक बुलाई। इसमें उर्वरक वितरण, आपूर्ति, उपलब्धता जैसे मुद्दों पर दिन भर मंथन चला। बताया गया कि इस माह नवंबर आवंटित लक्ष्य यूरिया 10955 एमटी के सापेक्ष 19054 एमटी उपलब्ध है। जबकि 4919 एमटी का वितरण हुआ है। डीएपी 9333 एमटी लक्ष्य के सापेक्ष 11708 एमटी उपलब्ध है। जबकि 5351 एमटी वितरित किया गया है। एनपीके 1823 एमटी लक्ष्य के सापेक्ष 6486 एमटी उपलब्धता और वितरण 1337 एमटी का हुआ है। एमओपी 620 एमटी लक्ष्य के सापेक्ष 1050 एमटी उपलब्धता और वितरण 120 एमटी किया गया है। एसएसपी 3412 एमटी लक्ष्य के सापेक्ष उपलब्धता 19203 एमटी और वितरण 1142 एमटी का हुआ है। बताया गया कि शुक्रवार को 14135 एमटी यूरिया, 6345 एमटी डीएपी, 5149 एमटी एनपीके, 930 एमटी एमओपी, 19203 एमटी एसएसपी उपलब्ध है। डीएओ ने कहा कि जिले में उर्वरक की कमी नहीं है। किसान अपनी जरूरत के अनुसार उर्वरक विक्रेता एवं समिति से निर्धारित मूल्य पर इसे प्राप्त कर सकते हैं।
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यह टीम किसी भी समिति या निजी क्षेत्र के उर्वरक विक्रेता के यहां पहुंचकर खाद वितरण की क्रॉस चेकिंग करेगी। स्टॉक रजिस्टर से गोदाम का मिलान, पीओएस मशीन में दर्ज किसानों से बातचीत कर असलियत का पता लगाया जाएगा। यदि इस दौरान वितरण में खामियां मिली तो संबंधित जिम्मेदार के खिलाफ कार्रवाई सुनिश्चित होगी। हालांकि शासन की सख्ती के बाद महकमा भी इस बार अलर्ट मोड में है।
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अगले सप्ताह से गेहूं की बुआई शुरू होने से पहले ही समितियों और निजी क्षेत्र के उर्वरक विक्रेताओं के यहां खाद की उपलब्धता सुनिश्चित कर दी गई है। वितरण के नियम भी बता दिए गए हैं। प्रत्येक किसान को एक हेक्टेयर भूमि पर दो बोरी डीएपी उपलब्ध कराई जानी है। इसमें भी किसान की खतौनी, फार्मर रजिस्ट्री, आधार जैसे प्रपत्र लेने अनिवार्य किए गए हैं। पीओएस मशीन में प्रत्येक किसान का विवरण दर्ज करने के बाद ही वितरण किया जाना है।
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इसके अलावा कृषि विभाग ने छापेमारी की कार्रवाई भी इधर शुरू कर दी है। पिछले सप्ताह जिला कृषि अधिकारी (डीएओ) डॉ. बाबूराम मौर्य कप्तानगंज ब्लॉक के एक निजी समिति के गोदाम में छापेमारी कर एक हजार बोरी यूरिया की कालाबाजारी का भंडाफोड़ भी किया है।
उर्वरक उपलब्धता और वितरण को लेकर दिन भर चला मंथन
डीएओ ने शुक्रवार को अपने कार्यालय में जिले के सभी थोक उर्वरक विक्रेता, कंपनी प्रतिनिधि एवं किसानों की बैठक बुलाई। इसमें उर्वरक वितरण, आपूर्ति, उपलब्धता जैसे मुद्दों पर दिन भर मंथन चला। बताया गया कि इस माह नवंबर आवंटित लक्ष्य यूरिया 10955 एमटी के सापेक्ष 19054 एमटी उपलब्ध है। जबकि 4919 एमटी का वितरण हुआ है। डीएपी 9333 एमटी लक्ष्य के सापेक्ष 11708 एमटी उपलब्ध है। जबकि 5351 एमटी वितरित किया गया है। एनपीके 1823 एमटी लक्ष्य के सापेक्ष 6486 एमटी उपलब्धता और वितरण 1337 एमटी का हुआ है। एमओपी 620 एमटी लक्ष्य के सापेक्ष 1050 एमटी उपलब्धता और वितरण 120 एमटी किया गया है। एसएसपी 3412 एमटी लक्ष्य के सापेक्ष उपलब्धता 19203 एमटी और वितरण 1142 एमटी का हुआ है। बताया गया कि शुक्रवार को 14135 एमटी यूरिया, 6345 एमटी डीएपी, 5149 एमटी एनपीके, 930 एमटी एमओपी, 19203 एमटी एसएसपी उपलब्ध है। डीएओ ने कहा कि जिले में उर्वरक की कमी नहीं है। किसान अपनी जरूरत के अनुसार उर्वरक विक्रेता एवं समिति से निर्धारित मूल्य पर इसे प्राप्त कर सकते हैं।