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शहरी क्षेत्र के छह परिषदीय स्कूल एक शिक्षक के भरोसे

Wed, 08 Dec 2021 10:06 PM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Wed, 08 Dec 2021 10:06 PM IST
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teachers problem in government school
प्राथमिक विद्यालय महरीखावां । संवाद - फोटो : BASTI
शहरी क्षेत्र के छह परिषदीय स्कूल एक शिक्षक के भरोसे
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- कई स्कूलों में एक साथ बैठकर पढ़ते हैं सभी कक्षाओं के बच्चे
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। परिषदीय विद्यालयों में भवन, शौचालय, पेयजल समेत अन्य मूलभूत सुविधाएं बढ़ीं, लेकिन बच्चों को पढ़ाने के लिए अभी भी शिक्षकों की कमी है। नगर क्षेत्र में 27 परिषदीय विद्यालयों में से आधा दर्जन विद्यालय एकल शिक्षक के भरोसे चल रहे हैं।

प्राथमिक विद्यालय मंगल बाजार में कुल 73 बच्चे पंजीकृत हैं। यहां शिक्षामित्र के भरोसे विद्यालय संचालित किया जा रहा है। यहां के प्रधानाध्यापक को दूसरे के विद्यालय में अटैच कर दिया गया है। बच्चों के संग शिक्षकों को भी परेशानी झेलनी पड़ रही है। प्राथमिक विद्यालय मुुरलीजोत में भी यही हाल है। यहां 72 बच्चे पंजीकृत हैं। यहां भी एक शिक्षिका और शिक्षामित्र तैनात हैं। प्राथमिक विद्यालय दक्षिण दरवाजा द्वितीय राजा मैदान में 82 बच्चे नामांकित हैं। यहां केवल एक शिक्षक तैनात हैं। कक्षा एक से पांच तक के बच्चों की पढ़ाई एक कमरे होती है। प्राथमिक विद्यालय महरीखावां में 65 बच्चे पंजीकृत केवल एक शिक्षिका तैनात है। जिसके कारण सभी बच्चों को कमरे में पढ़ते हैं। प्राथमिक विद्यालय पुलिस में लगभग 80 बच्चे पंजीकृत हैं। यहां कई वर्षों से एक शिक्षक के भरोसे विद्यालय चल रहा है। कायाकल्प योजना के तहत विद्यालय का जीर्णोद्धार तो हो गया लेकिन शिक्षक नहीं मिले। प्राथमिक विद्यालय दक्षिण दरवाजा के प्रधानाध्यापक ने बताया कि यहां विद्यालय किराए के भवन में होने के कारण बच्चों को पूरी सुविधाएं नहीं मिल पा रही है। वैसे तो यहां कक्षा एक से पांच तक के हिसाब से कम से कम पांच शिक्षक होने चाहिए। शिक्षकों की कमी के बावजूद बच्चों की पढ़ाई पर हमारा फोकस रहता है। विद्यालय में बच्चों के बैठने के प्रयास करके कुर्सी बेंच की व्यवस्था की गई है। लेकिन शौचालय न होने के कारण लड़कियों को काफी परेशानी होती है।
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शिक्षकों की कमी है, लेकिन अधिकतर स्कूलों में मानक के अनुसार शिक्षक नियुक्त हैं। जहां शिक्षक कम हैं वहां पर शिक्षामित्र नियुक्त हैं।
- जगदीश शुक्ला, बीएसए
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