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कलम की जगह असलहा लेकर पढ़ा रहे हैं गुरुजी
ब्यूरो अमर उजाला/ बस्ती
Updated Mon, 04 Jul 2016 10:40 PM IST
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कलम की जगह असलहा लेकर पढ़ा रहे हैं गुरुजी
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बस्ती जिले के लगभग 150 ऐसे गुरुजी हैं, जिनके पास लाइसेंसी असलहा है। इन लोगों के रसूख और व्यवहार से अधिकारी भी दहशत में रहते हैं, और ऐसे शिक्षकों के विरुद्ध कार्रवाई करने से परहेज करते हैं। हालात इतने बदतर है कि स्कूल में असलहा लेकर आने वाले एक शिक्षक की बंदूक से निकली गोली से एक बच्चे की मौत हो गई । कार्रवाई के नाम पर कुछ दिन शिक्षक को निलंबित किया गया, बाद में बहाली कर दी गई। शिक्षा विभाग के पास असलहा धारक शिक्षकों की कोई सूची नहीं है और न जहां से असलहा का लाइसेंस जारी होता वहीं पर है। बीएसए मनिराम सिंह ने बताया कि विभाग को कभी असलहा धारक शिक्षकों के सूची की आवश्यकता ही नहीं पड़ी।
एक अपुष्ट आकड़ों के मुताबिक जिले के 14 ब्लॉक के 2549 परिषदीय और एडेड स्कूलों के लगभग सात हजार गुरूजी में लगभग 150 ऐसे हैं, जिनके पास असलहा है, हालांकि इनमें सभी शिक्षक असलहा लेकर स्कूल नहीं आते हैं, मगर जो रिपोर्ट सामने आ रही है, उनमें 60 फीसदी शिक्षक असलहा लेकर स्कूल आते हैं। इनमें कई सुरक्षा के मद्देनजर और कई शान दिखाने के लिए असलहा लेकर आते हैं।
एक खंड शिक्षा अधिकारी का कहना है कि उनके क्षेत्र में कई ऐसे शिक्षक हैं जो असलहा लेकर सिर्फ स्कूल ही नहीं आते बल्कि उनके कार्यालय में भी यह एहसास कराने आते हैं कि उनके विरुद्ध अगर कोई कार्रवाई हुई तो ठीक नहीं होगा। बीएसए कार्यालय में भी कभी कभार असलहे के साथ गुरूजी देखे जा सकते हैं। जबकि इन सब स्थानों पर असलहा लेकर जाना प्रतिबंधित है।
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एक अपुष्ट आकड़ों के मुताबिक जिले के 14 ब्लॉक के 2549 परिषदीय और एडेड स्कूलों के लगभग सात हजार गुरूजी में लगभग 150 ऐसे हैं, जिनके पास असलहा है, हालांकि इनमें सभी शिक्षक असलहा लेकर स्कूल नहीं आते हैं, मगर जो रिपोर्ट सामने आ रही है, उनमें 60 फीसदी शिक्षक असलहा लेकर स्कूल आते हैं। इनमें कई सुरक्षा के मद्देनजर और कई शान दिखाने के लिए असलहा लेकर आते हैं।
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एक खंड शिक्षा अधिकारी का कहना है कि उनके क्षेत्र में कई ऐसे शिक्षक हैं जो असलहा लेकर सिर्फ स्कूल ही नहीं आते बल्कि उनके कार्यालय में भी यह एहसास कराने आते हैं कि उनके विरुद्ध अगर कोई कार्रवाई हुई तो ठीक नहीं होगा। बीएसए कार्यालय में भी कभी कभार असलहे के साथ गुरूजी देखे जा सकते हैं। जबकि इन सब स्थानों पर असलहा लेकर जाना प्रतिबंधित है।
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