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महंगाई : टमाटर में घुली मिठास, अब रुलाने लगा प्याज

Tue, 31 Oct 2023 12:40 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती Updated Tue, 31 Oct 2023 12:40 AM IST
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Sweetness dissolved in tomato, now onion starts crying
मध्य प्रदेश व महाराष्ट्र से प्याज की आपूर्ति कम होने से बढ़ रहे दाम
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संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। टमाटर पर छाई महंगाई काफी हद तक कम हो चुकी है, लेकिन प्याज की बढ़ती कीमतें जेब पर भारी पड़ रही हैं। फुटकर बाजार में प्याज की कीमत 70-80 रुपये तक पहुंच गई है। थोक व्यवसायी बताते हैं कि यदि ऐसा ही चलता रहा तो दीपावली तक 100 रुपये प्रति किलो पहुंच जाएगी।
नवीन सब्जी मंडी के आढ़ती विक्रम के अनुसार, प्रदेश में प्याज का उत्पादन कम होने के चलते मध्य प्रदेश व महाराष्ट्र से इसकी आपूर्ति हो रही है। स्टोर में अब प्याज का स्टॉक कम हो रहा है। ऐसे में कीमतें आसमान छूने लगी हैं। फुटकर व्यापारियों को बढ़ दाम पर ही प्याज की खेप उपलब्ध कराई जा रही है। प्याज की नई फसल जब तक बाजार नहीं पहुंचती है, तब तक हर दिन दाम में बढ़ोत्तरी हो सकती है। 20 दिन बाद दाम फिर सामान्य होने की संभावना है।
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अन्य सब्जियों के दाम में भी उछाल
दस दिन पहले भिंडी 15-20 रुपये किलो बिक रही थी, जो अब 25-30 रुपये में है। पुराना आलू 15 रुपये व नया 25-30 रुपये में बिक रहा है। तुरई 20-35, अरवी 40-55, मिर्च 40-50, धनिया 40-70, लौकी 10-15, शिमला मिर्च 40-60, परवल 40-50 और मटर 80-100 रुपये प्रति किलो है।
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10 दिन में ही बढ़ गए दाम
व्यवसायी बताते हैं कि 10 दिन पहले तक प्याज की कीमत 20-25 रुपये तक थी, जो अब 70-80 रुपये तक पहुंच गई है। जब आढ़तियों पर महंगाई की मार पड़ रही है तो फुटकर विक्रेता उसे और ऊंची कीमत में बेच रहे हैं।
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कभी टमाटर तो कभी प्याज की कीमत आसमान छूती है। इस पर सरकार का कोई नियंत्रण नहीं है। मध्य वर्गीय परिवार को इस महंगाई में पिसना पड़ता है। घर खर्च असंतुलित होने से परेशानी का सामना करना पड़ता है।

मिथिलेश, गृहिणी
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हर सीजन में किसी न किसी सब्जी का दाम आसमान छूता है। शासन-प्रशासन के पास आम लोगों को राहत देने के लिए कोई ठोस नीति नहीं है। महंगाई में जरूरतों में कटौती करनी पड़ रही है।
अनुपमा उपाध्याय
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