{"_id":"6a63a8a012453652000bed83","slug":"saryu-level-stabilizes-34-cm-below-danger-mark-risk-of-erosion-increases-basti-news-c-207-1-bst1006-162987-2026-07-24","type":"story","status":"publish","title_hn":"Basti News: खतरे के निशान से 34 सेमी नीचे स्थिर हुई सरयू, कटान का बढ़ा खतरा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Basti News: खतरे के निशान से 34 सेमी नीचे स्थिर हुई सरयू, कटान का बढ़ा खतरा
विज्ञापन
मईपुर के अस्तित्व पर भी मंडराने लगा खतरा। संवाद
विक्रमजोत। सरयू नदी का जलस्तर शुक्रवार को स्थिर रहा, लेकिन तटबंध और नदी के बीच बसे गांवों में बाढ़ और कटान का खतरा बना हुआ है। जलस्तर बढ़ने पर बाढ़ और घटने पर तेज कटान की आशंका से ग्रामीणों की चिंता बढ़ गई है।
केंद्रीय जल आयोग, अयोध्या के अनुसार शुक्रवार को सरयू नदी का जलस्तर 92.390 मीटर दर्ज किया गया। यह चेतावनी बिंदु 91.730 मीटर से 66 सेंटीमीटर ऊपर, जबकि खतरे के निशान 92.730 मीटर से 34 सेंटीमीटर नीचे रहा। नदी का जलस्तर बढ़ने के बाद विक्रमजोत के लोलपुर-विक्रमजोत और विक्रमजोत-धुंसवा तटबंधों पर बाढ़ खंड ने निगरानी बढ़ा दी है। बाढ़ चौकियों पर अतिरिक्त कर्मियों की तैनाती कर उन्हें अलर्ट मोड में रखा गया है। वहीं जलस्तर बढ़ने के कारण एलबी तटबंध पर निर्माणाधीन डैंपनर का कार्य फिलहाल रोक दिया गया है।
बीडी तटबंध के किनारे बसे सौरी ग्राम पंचायत के पकड़ी संग्राम, पूरे चेतन के शंभूपुर, लखना, लकड़ी और अर्जुनपुर गांवों में सरयू की धारा लगातार कटान कर रही है। पकड़ी संग्राम के पास स्थित लकड़ी गांव का श्मशान घाट भी कटान की जद में आ गया है। ग्रामीण झिनकाई निषाद, दुर्गा, संतोष और विजय बहादुर ने बताया कि यदि समय रहते प्रभावी कटान रोधी कार्य कराया गया होता तो उनकी कृषि भूमि और मकानों को नुकसान से बचाया जा सकता था।
विज्ञापन
एसडीओ बाढ़ खंड बृजेश सोनी ने बताया कि नदी का जलस्तर बढ़ा जरूर है, लेकिन अभी खतरे के निशान से नीचे है। बीडी तटबंध पर नदी का दबाव बढ़ा है, इसलिए निगरानी बढ़ा दी गई है। फिलहाल स्थिति सामान्य है और घबराने की आवश्यकता नहीं है।
विज्ञापन
केंद्रीय जल आयोग, अयोध्या के अनुसार शुक्रवार को सरयू नदी का जलस्तर 92.390 मीटर दर्ज किया गया। यह चेतावनी बिंदु 91.730 मीटर से 66 सेंटीमीटर ऊपर, जबकि खतरे के निशान 92.730 मीटर से 34 सेंटीमीटर नीचे रहा। नदी का जलस्तर बढ़ने के बाद विक्रमजोत के लोलपुर-विक्रमजोत और विक्रमजोत-धुंसवा तटबंधों पर बाढ़ खंड ने निगरानी बढ़ा दी है। बाढ़ चौकियों पर अतिरिक्त कर्मियों की तैनाती कर उन्हें अलर्ट मोड में रखा गया है। वहीं जलस्तर बढ़ने के कारण एलबी तटबंध पर निर्माणाधीन डैंपनर का कार्य फिलहाल रोक दिया गया है।
विज्ञापन
बीडी तटबंध के किनारे बसे सौरी ग्राम पंचायत के पकड़ी संग्राम, पूरे चेतन के शंभूपुर, लखना, लकड़ी और अर्जुनपुर गांवों में सरयू की धारा लगातार कटान कर रही है। पकड़ी संग्राम के पास स्थित लकड़ी गांव का श्मशान घाट भी कटान की जद में आ गया है। ग्रामीण झिनकाई निषाद, दुर्गा, संतोष और विजय बहादुर ने बताया कि यदि समय रहते प्रभावी कटान रोधी कार्य कराया गया होता तो उनकी कृषि भूमि और मकानों को नुकसान से बचाया जा सकता था।
विज्ञापन
एसडीओ बाढ़ खंड बृजेश सोनी ने बताया कि नदी का जलस्तर बढ़ा जरूर है, लेकिन अभी खतरे के निशान से नीचे है। बीडी तटबंध पर नदी का दबाव बढ़ा है, इसलिए निगरानी बढ़ा दी गई है। फिलहाल स्थिति सामान्य है और घबराने की आवश्यकता नहीं है।