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Basti News: सरयू लाल निशान से 27 सेमी ऊपर... बाढ़ का बढ़ा खतरा
Thu, 11 Jul 2024 01:42 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
Updated Thu, 11 Jul 2024 01:42 AM IST
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दुबौलिया क्षेत्र में नदी उस पार के गांवों में भर गया बाढ़ का पानी, झोपड़ी में कैद हुए नागरिक
मोटरबोट से हो रहा सुबिका बाबू गांव के नागरिकोें का आवागमन, अन्य गांव भी पानी से घिरे
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती/दुबौलिया। सरयू नदी बुधवार को लाल निशान से 27 सेंटीमीटर ऊपर होकर प्रवाहित होने लगी । जिसे देख ग्रामीणों व प्रशासनिक मशीनरी के हाथ-पांच फूलने लगे। हालांकि, सुबह आठ बजे के बाद से नदी का जलस्तर स्थिर बना हुआ है। लेकिन, उफनाती लहरों ने तबाही का संकेत दे दिया है। दुबौलिया और विक्रमजोत ब्लॉक के एक दर्जन से अधिक गांव पानी से घिरे हुए नजर आ रहे हैं।
उधर, विक्रमजोत क्षेत्र के लोलपुर विक्रमजोत तटबंध और विक्रमजोत-धुसवा तटबंध से नदी सटकर बहने लगी है। जबकि लोलपुर विक्रमजोत तटबंध के रैंपों और ठोकरों पर पानी का दबाव बढ़ गया है। एडीएम प्रतिपाल चौहान ने बताया कि हालात फिलहाल काबू में हैं। प्रशासन और बाढ़ विभाग की टीमें लगातार निगरानी कर रही हैं।
केंद्रीय जल आयोग अयोध्या के अनुसार बुधवार शाम पांच बजे जलस्तर 93.00 मीटर पर स्थिर बताया गया है। फिलहाल यह खतरे के निशान से 27 सेंटीमीटर ऊपर है। जलस्तर बढने से दुबौलिया ब्लॉक क्षेत्र के तटबंध और नदी के बीच स्थित सुविकाबाबू गांव चौतरफा पानी से घिर चुका है। यहां प्रशासन की तरफ से मोटरबोट और नाव की व्यवस्था कर दी गई है। ग्रामीण मोटरबोट के सहारे आवागमन कर दैनिक जरूरतों को पूरा कर रहे हैं। जबकि देवारागंगबरार का उस पार स्थित एक पुरवा और आराजीडूही धरमुपुर मुस्तहकम का उस पार स्थित कुर्मियाना पुरवा भी चाैतरफा पानी से घिर गया है।
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यहां के लोग अपनी झोपड़ी में कैद हो गए है। प्रशासन ने अभी इन पुरवों को मैरूंड घोषित नहीं किया है। इसके अलावा नदी उस पार होने के नाते यहां किसी तरह का राहत कार्य भी नहीं किया जा रहा है। विशुनदासपुर की अनुसूचित बस्ती, आंशिक टेढ़वा भी पानी से घिरा है। लेकिन, अभी गांव के मुख्य मार्ग पर पानी नहीं पहुंचा है। जबकि मोजपुर, अशोकपुर ग्राम पंचायत के तीन पुरवे के तरफ पानी बढ़ रहा है। गौरा सैफाबाद तटबंध पर 500 मीटर की दूरी में स्थिति संवेदनशील बनी हुई है। बाढ़ खंड यहां लगातार निगरानी कर रहा है। कटरिया- चांदपुर तटबंध पर खजांचीपुर से लेकर खलवा गांव तक स्थिति संवेदनशील हैं। इस तटबंध पर दो स्परों का कार्य अभी निर्माणाधीन है।
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बैराजों से छोड़ा गया 361233 क्यूसेक पानी
बुधवार को भी विभिन्न बैराजों से 361233 लाख क्यूसेक पानी नदी में छोड़ा गया है। गिरिजा बैराज से 128600 क्यूसेक, शारदा बैराज से 230676 क्यूसेक व सरयू बैराज से 1957 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है।
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यहां बनाए गए शरणालय
दुबौलिया ब्लॉक क्षेत्र में प्राथमिक विद्यालय कटरिया प्रथम व द्वितीय, सर्वोदय विद्यालय सांडपुर, हेंगापुर, प्राथमिक विद्यालय बरसाव में शरणालय बनाए गए हैं। यहां की सफाई कराकर लोगों के रहने आदि की व्यवस्था की गई हैं। हालांकि अभी इस तरह की नौबत नहीं आई है। इसलिए बाढ़ पीड़ित नहीं पहुंचे हैं।
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सुविकाबाबू में पहुंची स्वास्थ्य टीम
सीएचसी दुबौलिया के अधीक्षक सुशील कुमार के नेतृत्व में बाढ प्रभावित गांव सुविकाबाबू में चिकित्सकों की टीम पहुंची। यहां ग्रामीणों का स्वास्थ्य परीक्षण कर दवाएं दी गई। चिकित्सक ने बताया कि पानी उबालकर पीए। खाना ढककर रखें। सोते समय मच्छरदानी का उपयोग करें। वहीं पशुचिकित्साधिकारी अजय कुमार गौड़ ने बताया की बाढ के पहले प्रभावित क्षेत्रों के पशुओं का टीकाकरण करा दिया गया है। पशुपालकों को दवाएं दी जा चुकी है।
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मोटरबोट से हो रहा सुबिका बाबू गांव के नागरिकोें का आवागमन, अन्य गांव भी पानी से घिरे
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती/दुबौलिया। सरयू नदी बुधवार को लाल निशान से 27 सेंटीमीटर ऊपर होकर प्रवाहित होने लगी । जिसे देख ग्रामीणों व प्रशासनिक मशीनरी के हाथ-पांच फूलने लगे। हालांकि, सुबह आठ बजे के बाद से नदी का जलस्तर स्थिर बना हुआ है। लेकिन, उफनाती लहरों ने तबाही का संकेत दे दिया है। दुबौलिया और विक्रमजोत ब्लॉक के एक दर्जन से अधिक गांव पानी से घिरे हुए नजर आ रहे हैं।
उधर, विक्रमजोत क्षेत्र के लोलपुर विक्रमजोत तटबंध और विक्रमजोत-धुसवा तटबंध से नदी सटकर बहने लगी है। जबकि लोलपुर विक्रमजोत तटबंध के रैंपों और ठोकरों पर पानी का दबाव बढ़ गया है। एडीएम प्रतिपाल चौहान ने बताया कि हालात फिलहाल काबू में हैं। प्रशासन और बाढ़ विभाग की टीमें लगातार निगरानी कर रही हैं।
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केंद्रीय जल आयोग अयोध्या के अनुसार बुधवार शाम पांच बजे जलस्तर 93.00 मीटर पर स्थिर बताया गया है। फिलहाल यह खतरे के निशान से 27 सेंटीमीटर ऊपर है। जलस्तर बढने से दुबौलिया ब्लॉक क्षेत्र के तटबंध और नदी के बीच स्थित सुविकाबाबू गांव चौतरफा पानी से घिर चुका है। यहां प्रशासन की तरफ से मोटरबोट और नाव की व्यवस्था कर दी गई है। ग्रामीण मोटरबोट के सहारे आवागमन कर दैनिक जरूरतों को पूरा कर रहे हैं। जबकि देवारागंगबरार का उस पार स्थित एक पुरवा और आराजीडूही धरमुपुर मुस्तहकम का उस पार स्थित कुर्मियाना पुरवा भी चाैतरफा पानी से घिर गया है।
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यहां के लोग अपनी झोपड़ी में कैद हो गए है। प्रशासन ने अभी इन पुरवों को मैरूंड घोषित नहीं किया है। इसके अलावा नदी उस पार होने के नाते यहां किसी तरह का राहत कार्य भी नहीं किया जा रहा है। विशुनदासपुर की अनुसूचित बस्ती, आंशिक टेढ़वा भी पानी से घिरा है। लेकिन, अभी गांव के मुख्य मार्ग पर पानी नहीं पहुंचा है। जबकि मोजपुर, अशोकपुर ग्राम पंचायत के तीन पुरवे के तरफ पानी बढ़ रहा है। गौरा सैफाबाद तटबंध पर 500 मीटर की दूरी में स्थिति संवेदनशील बनी हुई है। बाढ़ खंड यहां लगातार निगरानी कर रहा है। कटरिया- चांदपुर तटबंध पर खजांचीपुर से लेकर खलवा गांव तक स्थिति संवेदनशील हैं। इस तटबंध पर दो स्परों का कार्य अभी निर्माणाधीन है।
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बैराजों से छोड़ा गया 361233 क्यूसेक पानी
बुधवार को भी विभिन्न बैराजों से 361233 लाख क्यूसेक पानी नदी में छोड़ा गया है। गिरिजा बैराज से 128600 क्यूसेक, शारदा बैराज से 230676 क्यूसेक व सरयू बैराज से 1957 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है।
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यहां बनाए गए शरणालय
दुबौलिया ब्लॉक क्षेत्र में प्राथमिक विद्यालय कटरिया प्रथम व द्वितीय, सर्वोदय विद्यालय सांडपुर, हेंगापुर, प्राथमिक विद्यालय बरसाव में शरणालय बनाए गए हैं। यहां की सफाई कराकर लोगों के रहने आदि की व्यवस्था की गई हैं। हालांकि अभी इस तरह की नौबत नहीं आई है। इसलिए बाढ़ पीड़ित नहीं पहुंचे हैं।
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सुविकाबाबू में पहुंची स्वास्थ्य टीम
सीएचसी दुबौलिया के अधीक्षक सुशील कुमार के नेतृत्व में बाढ प्रभावित गांव सुविकाबाबू में चिकित्सकों की टीम पहुंची। यहां ग्रामीणों का स्वास्थ्य परीक्षण कर दवाएं दी गई। चिकित्सक ने बताया कि पानी उबालकर पीए। खाना ढककर रखें। सोते समय मच्छरदानी का उपयोग करें। वहीं पशुचिकित्साधिकारी अजय कुमार गौड़ ने बताया की बाढ के पहले प्रभावित क्षेत्रों के पशुओं का टीकाकरण करा दिया गया है। पशुपालकों को दवाएं दी जा चुकी है।