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मुख्यमंत्री का नाम सुझाना संतों का काम नहीं 

Sat, 04 Jun 2016 12:00 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो/अरुण पाठक
अमर उजाला ब्यूरो/अरुण पाठक Updated Sat, 04 Jun 2016 12:00 AM IST
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saints cannot proposed CM's name
रामभद्राचार्य महाराज। - फोटो : रमेश मिश्र
बस्ती। चित्रकूट तुलसी पीठाधीश्वर जगद्गुरु रामानंदाचार्य स्वामी रामभद्राचार्य न सिर्फ यूपी में अगली सरकार भाजपा की मान के चल रहे हैं बल्कि अयोध्या में राममंदिर निर्माण को लेकर भी पूर्ण आश्वस्त हैं। उनका मानना है कि छह दिसंबर 2018 तक अयोध्या में भव्य राममंदिर का निर्माण पूरा हो जाएगा। 
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अयोध्या में छह दिसंबर को विवादित ढांचा ढहाए जाने के बाद जुलाई 2003 में इस मामले को लेकर इलाहाबाद हाईकोर्ट में बतौर धार्मिक विशेषज्ञ प्रस्तुत हुए चित्रकूट तुलसी पीठाधीश्वर आजकल बस्ती में हैं। जीआईसी परिसर में नमो राघवाय सेवा समिति की ओर से आयोजित श्रीराम कथा ज्ञान यज्ञ के कथा व्यास चित्रकूट तुलसी पीठाधीश्वर ने अमर उजाला से विशेष बातचीत में कहा कि अयोध्या में 10 से 16 जून तक राम जन्म भूमि न्यास के अध्यक्ष महंत नृत्य गोपालदास जी के 78वें जन्मदिवस पर हो रहे विशेष कार्यक्रम और 17-18 जून को देशभर से बुलाए गए संतों के सम्मेलन में राममंदिर मुद्दे पर चर्चा होगी। 
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भगवा ब्रिगेड की राममंदिर निर्माण के मुद्दे को गर्माने की कोशिश के सवाल पर उन्होंने कहा कि यह गर्माने का विषय नहीं है, मंदिर का निर्माण चल रहा है। छह दिसंबर 2018 तक अयोध्या में राममंदिर निर्माण पूरो हा जाएगा। एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि यूपी में भाजपा के मुख्यमंत्री का नाम सुझाना या ऐसा कोई प्रस्ताव करना संत समाज का काम नहीं है। हर दल की तरह भाजपा को भी इसका फैसला खुद करने का मौका दिया जाना चाहिए। हां सफल मुख्यमंत्री के तौर पर कल्याण सिंह के काम को सराहा जा सकता है। 
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मौजूदा शिक्षा प्रणाली के प्रति असंतुष्टि जाहिर करते हुए कहा कि शिक्षा मित्र को दुधारू गाय माना जाने लगा है। डिग्री की जगह ज्ञान बढ़ाने वाली शिक्षा का माहौल बनना चाहिए। करीब 60 मौलिक ग्रंथों का प्रणयन कर चुके चित्रकूट तुलसी पीठाधीश्वर ने श्रीरामचरित मानस पर प्रामाणिक टीका भावार्थ बोधिनी और श्रीभार्गवराघवीयम, अष्टावक्र तथा अरूंधती आदि महाकाव्यों के बाद महर्षि पाणिनी के अष्टाध्यायी पर भाष्य लेखन को भविष्य की योजना बताया। साथ ही विकलांगों के हित के लिए खुद स्थापित कराए दिव्यांग विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों के लिए अच्छी सुविधाओं के साथ संस्कार उपलब्ध कराना जीवन का लक्ष्य बताया।
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