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Basti News: चमकने लगीं सड़कें.. बस हरियाली और फुटपाथ की रह गई जरूरत
Sat, 14 Dec 2024 11:10 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
Updated Sat, 14 Dec 2024 11:10 PM IST
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चमकाई जा रही मालवीय मार्ग और बड़ेवन-कंपनीबाग की सड़क
फुटपाथ बनाने की योजना नहीं, चमकती सड़क का किनारा बदरंग
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। शहर की की सभी प्रमुख सड़कों की तस्वीर बदलती हुई दिख रही है। मगर, कसक रह गई है जर्जर फुटपाथ की। अधिकतर जगहों पर चमकती सड़कों का दोनों किनारा बदरंग है। फुटपाथ की इंटरलॉकिंग ईंटें उखड़कर गायब हो गई हैं। नई सड़क बनने के बाद भी धूल का गुबार उड़ रहा है। नई सड़कों के किनारे बस फुटपाथ बन जाए और हरियाली की दृष्टि से पौधे लग जाएं तो शहर स्वच्छ और सुंदर दिखने लगेगा।
टूटी सड़कें, उजड़ा फुटपाथ, हरियाली की कमी शहर की आबोहवा बिगाड़ कर रख दी थी। हवा की गुणवत्ता लगातार खराब बनी रही। धूल-धूसरित वातावरण में शहरवासी किसी तरह कचहरी, रोडवेज, रेलवे स्टेशन, अस्पताल तक की यात्रा कर पा रहे थे। इधर दो-तीन माह से तस्वीर कुछ बदलने लगी। मगर, थोड़ी कसक रह गई है। दक्षिण दरवाजा से रेलवे स्टेशन मार्ग की सड़क का शेष आधा हिस्सा दो माह पहले नगर पालिका ने 60 लाख खर्च कर चमका दिया है। मगर, सड़क के दोनों किनारे के फुटपाथ बदहाल अवस्था में छोड़ दिया गया है। यहां जर्जर सड़क की दुश्वारी कम तो हुई। मगर, फुटपाथ की हालत जर्जर होने से चमकती सड़क पर धूल का गुबार उड़ना बंद नहीं हुआ है।
कमोवेश यही हाल मालवीय मार्ग का भी है। नगर पालिका में धनाभाव के चलते इस सड़क के जीर्णोद्धार का बीड़ा बीडीए ने उठाया है। 2.32 करोड़ की लागत से मरम्मत कार्य कराया जा रहा है। इस सड़क के एस्टीमेट में फुटपाथ की मरम्मत का कार्य शामिल नहीं है। सिर्फ दोनों लेन की सड़क दुरुस्त होगी और बीच के डिवाइडर की मरम्मत कराईजाएगी। आधे से अधिक दूरी में यह सड़क चमकने लगी हैं। मगर, दोनों किनारे बदरंग अवस्था छोड़ दिए जा रहे हैं।
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नई सड़क के दोनों किनारों का फुटपाथ उजड़ा सा दिख रहा है। आवागमन के दौरान यदि कोई वाहन साइड देने के चक्कर में फुटपाथ पर उतर रहा है तो धूल उड़कर सड़क तक आ रही है। शहरवासी मनीष शुक्ल, राघवेंद्र सिंह, ज्ञानेंद्र कुमार आदि का कहना है कि यदि बैरिकेडिंग के साथ फुटपाथ भी नया कर दिया जाए और पौधे लगा दिए जाएं तो नई सड़कें टिकाऊ भी होंगी और शहर की सुंदरता भी बढ़ जाएगी।
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पहले बना था इंटरलॉकिंग ईंट का फुटपाथ
मालवीय मार्ग, रेलवे स्टेशन मार्ग, गांधीनगर मार्ग पर सड़क चौड़ीकरण के साथ डिवाइडर और इंटरलॉकिंग ईंट के फुटपाथ भी बनाए गए थे। गांधीनगर मार्ग पर दोनों किनारों पर फुटपाथ की स्थिति अब भी ठीक हैं। मगर, मालवीय और रेलवे स्टेशन मार्ग पर सड़क जर्जर होने के साथ फुटपाथ के ईंट भी उखड़ गए है। फुटपाथ जर्जर होने के कारण इस पर लोग पैदल भी नहीं चल पा रहे हैं। पूरा आवागमन सड़क पर ही निर्भर होकर रह गया है।
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यहां हरियाली की भी हुई थी पहल
पांच साल पहले मालवीय मार्ग के दोनों किनारे पर हरियाली विकसित करने की पहल हुई थी। नगर पालिका और प्रशासन की पहल से कुछ बैंक और निजी क्षेत्र के उद्यमियों की मदद से जगह-जगह ब्रिक गार्ड बनाकर पौधे लगाए गए। मगर, उनकी सुरक्षा नहीं हो पाई। इससे पौधे विकसित होने की जगह ब्रिकगार्ड सहित गायब हो गए।
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फोरलेन बनने से गायब हो गया फुटपाथ
बड़ेवन से कंपनीबाग तक 1.75 किमी दूरी में सड़क के दोनों तरफ फुटपाथ और हरियाली गायब हो गई गई। यहां एक साल पहले फोरलेन सड़क तैयार करने की योजना आई। इसके 22 मीटर चौड़ाई की जगह अधिग्रहीत की गई तो फुटपाथ और उस पर लगे पेड़-पौधे काटकर खत्म कर दिए गए। अब केवल 22 मीटर चौड़ी चमचमाती सड़क दिख रही है। पुराने समय में फुटपाथ के बाद बनाए गए मकान, दुकान, शोरूम अब फोरलेन से सट गए हैं। इतनी भी जगह नहीं है कि दोनों किनारों पर पहले की तरह हरियाली के लिए पौधे लगाए जा सकें। इस वजह से वन विभाग हरियाली की क्षतिपूर्ति के लिए पीडब्ल्यूडी से प्राप्त किया हुआ धन इस मार्ग के बजाय कहीं और खर्च कर रहा है।
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कोट
सड़कों के किनारे शेष जगह का सर्वे कराया जाएगा। यदि जगह उपलब्ध है तो फुटपाथ और पौधारोपण की योजना तैयार की जाएगी। इसमें बीडीए, नगर पालिका काे भी शामिल किया जाएगा। जल्द ही इस दिशा में प्रयास होगा।
-प्रतिपाल सिंह चौहान, सचिव, बीडीए/एडीएम
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फुटपाथ बनाने की योजना नहीं, चमकती सड़क का किनारा बदरंग
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। शहर की की सभी प्रमुख सड़कों की तस्वीर बदलती हुई दिख रही है। मगर, कसक रह गई है जर्जर फुटपाथ की। अधिकतर जगहों पर चमकती सड़कों का दोनों किनारा बदरंग है। फुटपाथ की इंटरलॉकिंग ईंटें उखड़कर गायब हो गई हैं। नई सड़क बनने के बाद भी धूल का गुबार उड़ रहा है। नई सड़कों के किनारे बस फुटपाथ बन जाए और हरियाली की दृष्टि से पौधे लग जाएं तो शहर स्वच्छ और सुंदर दिखने लगेगा।
टूटी सड़कें, उजड़ा फुटपाथ, हरियाली की कमी शहर की आबोहवा बिगाड़ कर रख दी थी। हवा की गुणवत्ता लगातार खराब बनी रही। धूल-धूसरित वातावरण में शहरवासी किसी तरह कचहरी, रोडवेज, रेलवे स्टेशन, अस्पताल तक की यात्रा कर पा रहे थे। इधर दो-तीन माह से तस्वीर कुछ बदलने लगी। मगर, थोड़ी कसक रह गई है। दक्षिण दरवाजा से रेलवे स्टेशन मार्ग की सड़क का शेष आधा हिस्सा दो माह पहले नगर पालिका ने 60 लाख खर्च कर चमका दिया है। मगर, सड़क के दोनों किनारे के फुटपाथ बदहाल अवस्था में छोड़ दिया गया है। यहां जर्जर सड़क की दुश्वारी कम तो हुई। मगर, फुटपाथ की हालत जर्जर होने से चमकती सड़क पर धूल का गुबार उड़ना बंद नहीं हुआ है।
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कमोवेश यही हाल मालवीय मार्ग का भी है। नगर पालिका में धनाभाव के चलते इस सड़क के जीर्णोद्धार का बीड़ा बीडीए ने उठाया है। 2.32 करोड़ की लागत से मरम्मत कार्य कराया जा रहा है। इस सड़क के एस्टीमेट में फुटपाथ की मरम्मत का कार्य शामिल नहीं है। सिर्फ दोनों लेन की सड़क दुरुस्त होगी और बीच के डिवाइडर की मरम्मत कराईजाएगी। आधे से अधिक दूरी में यह सड़क चमकने लगी हैं। मगर, दोनों किनारे बदरंग अवस्था छोड़ दिए जा रहे हैं।
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नई सड़क के दोनों किनारों का फुटपाथ उजड़ा सा दिख रहा है। आवागमन के दौरान यदि कोई वाहन साइड देने के चक्कर में फुटपाथ पर उतर रहा है तो धूल उड़कर सड़क तक आ रही है। शहरवासी मनीष शुक्ल, राघवेंद्र सिंह, ज्ञानेंद्र कुमार आदि का कहना है कि यदि बैरिकेडिंग के साथ फुटपाथ भी नया कर दिया जाए और पौधे लगा दिए जाएं तो नई सड़कें टिकाऊ भी होंगी और शहर की सुंदरता भी बढ़ जाएगी।
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पहले बना था इंटरलॉकिंग ईंट का फुटपाथ
मालवीय मार्ग, रेलवे स्टेशन मार्ग, गांधीनगर मार्ग पर सड़क चौड़ीकरण के साथ डिवाइडर और इंटरलॉकिंग ईंट के फुटपाथ भी बनाए गए थे। गांधीनगर मार्ग पर दोनों किनारों पर फुटपाथ की स्थिति अब भी ठीक हैं। मगर, मालवीय और रेलवे स्टेशन मार्ग पर सड़क जर्जर होने के साथ फुटपाथ के ईंट भी उखड़ गए है। फुटपाथ जर्जर होने के कारण इस पर लोग पैदल भी नहीं चल पा रहे हैं। पूरा आवागमन सड़क पर ही निर्भर होकर रह गया है।
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यहां हरियाली की भी हुई थी पहल
पांच साल पहले मालवीय मार्ग के दोनों किनारे पर हरियाली विकसित करने की पहल हुई थी। नगर पालिका और प्रशासन की पहल से कुछ बैंक और निजी क्षेत्र के उद्यमियों की मदद से जगह-जगह ब्रिक गार्ड बनाकर पौधे लगाए गए। मगर, उनकी सुरक्षा नहीं हो पाई। इससे पौधे विकसित होने की जगह ब्रिकगार्ड सहित गायब हो गए।
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फोरलेन बनने से गायब हो गया फुटपाथ
बड़ेवन से कंपनीबाग तक 1.75 किमी दूरी में सड़क के दोनों तरफ फुटपाथ और हरियाली गायब हो गई गई। यहां एक साल पहले फोरलेन सड़क तैयार करने की योजना आई। इसके 22 मीटर चौड़ाई की जगह अधिग्रहीत की गई तो फुटपाथ और उस पर लगे पेड़-पौधे काटकर खत्म कर दिए गए। अब केवल 22 मीटर चौड़ी चमचमाती सड़क दिख रही है। पुराने समय में फुटपाथ के बाद बनाए गए मकान, दुकान, शोरूम अब फोरलेन से सट गए हैं। इतनी भी जगह नहीं है कि दोनों किनारों पर पहले की तरह हरियाली के लिए पौधे लगाए जा सकें। इस वजह से वन विभाग हरियाली की क्षतिपूर्ति के लिए पीडब्ल्यूडी से प्राप्त किया हुआ धन इस मार्ग के बजाय कहीं और खर्च कर रहा है।
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कोट
सड़कों के किनारे शेष जगह का सर्वे कराया जाएगा। यदि जगह उपलब्ध है तो फुटपाथ और पौधारोपण की योजना तैयार की जाएगी। इसमें बीडीए, नगर पालिका काे भी शामिल किया जाएगा। जल्द ही इस दिशा में प्रयास होगा।
-प्रतिपाल सिंह चौहान, सचिव, बीडीए/एडीएम