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चावल की गुणवत्ता ठीक नहीं मिली
अमर उजाला ब्यूरो/ बस्ती
Updated Mon, 21 Dec 2015 11:38 PM IST
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बस्ती के जिला जज मसउद अली सिद्दीकी, डीएम अनिल कुमार दमेले, एसपी शिवहरी मीणा, संतकबीरनगर के जिला जज सैय्यद मोहम्मद हसीब, डीएम डा0 सरोज कुमार और एएसपी अशोक वर्मा ने सोमवार को दोपहर में पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार बस्ती जेल का मुआयना किया।
दोपहर 12 बजे पहुंचे अधिकारियों को जेल की गारद ने सलामी दी, इसके बाद अधिकारी मेन गेट से जेल के अंदर पहुंचे। एक एक बैरक में जाकर अधिकारियों ने जेल की व्यवस्था का जायजा लिया। जेल में निरुद्घ बंदियों से उनकी समस्याएं पूछी। कुछ बंदियों ने अधिवक्ताओं के हड़ताल के कारण जमानत न हो पाने की बात कही। जेल के अंदर मौजूद अस्पताल में पहुंचकर वहां भर्ती मरीजों से बात की।
दवाएं समय से मिलती है कि नहीं यह भी पूछा। बाद में अधिकारी जेल के भोजनालय में पहुंचे। वहां उन्होंने भोजन की गुणवत्ता परखी। चावल की क्वालिटी को लेकर अधिकारियों ने इसे सुधारने को कहा। जेलर वीके मिश्र ने अधिकारियों को बताया कि जेल में बंदियों को रखने की क्षमता महज 480 है, इसके सापेक्ष वर्तमान में 1075 बंदी जेल में निरुद्घ है। ऐसे में व्यवस्था संभालने में थोड़ी दिक्कत होती है, फिर भी उनका प्रयास रहता है कि जेल मैनुअल के अनुसार सभी व्यवस्थाएं संचालित होती रहे।
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इस मौके पर जेल चिकित्सक डॉ. मोहम्मद अतीक, डिप्टी जेलर ओमप्रकाश, डिप्टी जेलर केके मिश्र आदि मौजूद रहे।
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दोपहर 12 बजे पहुंचे अधिकारियों को जेल की गारद ने सलामी दी, इसके बाद अधिकारी मेन गेट से जेल के अंदर पहुंचे। एक एक बैरक में जाकर अधिकारियों ने जेल की व्यवस्था का जायजा लिया। जेल में निरुद्घ बंदियों से उनकी समस्याएं पूछी। कुछ बंदियों ने अधिवक्ताओं के हड़ताल के कारण जमानत न हो पाने की बात कही। जेल के अंदर मौजूद अस्पताल में पहुंचकर वहां भर्ती मरीजों से बात की।
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दवाएं समय से मिलती है कि नहीं यह भी पूछा। बाद में अधिकारी जेल के भोजनालय में पहुंचे। वहां उन्होंने भोजन की गुणवत्ता परखी। चावल की क्वालिटी को लेकर अधिकारियों ने इसे सुधारने को कहा। जेलर वीके मिश्र ने अधिकारियों को बताया कि जेल में बंदियों को रखने की क्षमता महज 480 है, इसके सापेक्ष वर्तमान में 1075 बंदी जेल में निरुद्घ है। ऐसे में व्यवस्था संभालने में थोड़ी दिक्कत होती है, फिर भी उनका प्रयास रहता है कि जेल मैनुअल के अनुसार सभी व्यवस्थाएं संचालित होती रहे।
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इस मौके पर जेल चिकित्सक डॉ. मोहम्मद अतीक, डिप्टी जेलर ओमप्रकाश, डिप्टी जेलर केके मिश्र आदि मौजूद रहे।