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गुजरात के जू्नागढ़ की मूंगफली पर हो रहा शोध
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गुजरात के जू्नागढ़ की मूंगफली पर हो रहा शोध
- मूंगफली उत्पादन के लिए बलुई और दोमट मिट्टी मुफीद
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। जिले में मूंगफली का क्षेत्रफल एवं उत्पादन बढ़ाने के लिए कृषि विज्ञान केंद्र गुजरात के जूनागढ़ से बीज मंगाकर प्रयोग कर रहा है। नवीनतम प्रजातियों एवं तकनीकों के प्रचार-प्रसार को बढ़ावा देने के लिए किसानों से मदद ली जा रही है। केंद्र प्राध्यापक एवं अध्यक्ष डॉ. एसएन सिंह ने बताया कि जिले में इसके उत्पादन को बढ़ाने के लिए मूंगफली अनुसंधान संस्थान, जूनागढ़ गुजरात से पांच नई प्रजातियों के बीज मंगाए गए हैं।
डॉ. एसएन सिंह ने बताया कि मूंगफली की खेती के लिए जागरूक करने के उद्देश्य से 15 किसानों के प्रक्षेत्र पर प्रदर्शन कराया जा रहा है। वैज्ञानिक डॉ. आरवी सिंह ने बताया कि मूंगफली नकदी तिलहनी फसल है। इसके उत्पादन के लिए बलुई व दोमट मिट्टी मुफीद मानी जाती है। एक हेक्टेयर क्षेत्रफल में 75-80 किग्रा बीज की की जरूरत पड़ती है। इसकी बुवाई लाइन से की जाती है। लाईन से लाईन की दूरी 30-45 सेंटीमीटर और पौधे से पौधे की दूरी 15 सेंटीमीटर रखनी होती है। गृह वैज्ञानिक डॉ. वीना सचान ने बताया कि बच्चों एवं महिलाओं में प्रोटीन की कमी को पूरा करने के लिए मूंगफली सर्वोत्तम आहार है। पौध सुरक्षा विशेषज्ञ डॉ. प्रेम शंकर ने बताया कि मूंगफली में रोग एवं कीड़े बहुत कम लगते हैं। इसके नियंत्रण के लिए वैज्ञानिकों से सलाह जरूर लें।
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- मूंगफली उत्पादन के लिए बलुई और दोमट मिट्टी मुफीद
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। जिले में मूंगफली का क्षेत्रफल एवं उत्पादन बढ़ाने के लिए कृषि विज्ञान केंद्र गुजरात के जूनागढ़ से बीज मंगाकर प्रयोग कर रहा है। नवीनतम प्रजातियों एवं तकनीकों के प्रचार-प्रसार को बढ़ावा देने के लिए किसानों से मदद ली जा रही है। केंद्र प्राध्यापक एवं अध्यक्ष डॉ. एसएन सिंह ने बताया कि जिले में इसके उत्पादन को बढ़ाने के लिए मूंगफली अनुसंधान संस्थान, जूनागढ़ गुजरात से पांच नई प्रजातियों के बीज मंगाए गए हैं।
डॉ. एसएन सिंह ने बताया कि मूंगफली की खेती के लिए जागरूक करने के उद्देश्य से 15 किसानों के प्रक्षेत्र पर प्रदर्शन कराया जा रहा है। वैज्ञानिक डॉ. आरवी सिंह ने बताया कि मूंगफली नकदी तिलहनी फसल है। इसके उत्पादन के लिए बलुई व दोमट मिट्टी मुफीद मानी जाती है। एक हेक्टेयर क्षेत्रफल में 75-80 किग्रा बीज की की जरूरत पड़ती है। इसकी बुवाई लाइन से की जाती है। लाईन से लाईन की दूरी 30-45 सेंटीमीटर और पौधे से पौधे की दूरी 15 सेंटीमीटर रखनी होती है। गृह वैज्ञानिक डॉ. वीना सचान ने बताया कि बच्चों एवं महिलाओं में प्रोटीन की कमी को पूरा करने के लिए मूंगफली सर्वोत्तम आहार है। पौध सुरक्षा विशेषज्ञ डॉ. प्रेम शंकर ने बताया कि मूंगफली में रोग एवं कीड़े बहुत कम लगते हैं। इसके नियंत्रण के लिए वैज्ञानिकों से सलाह जरूर लें।
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