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समय के बाद पर्चा वापसी पर हंगामा
अमर उजाला ब्यूरो, बस्ती
Updated Sun, 11 Oct 2015 01:05 AM IST
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बस्ती। जिला पंचायत विक्रमजोत प्रथम सीट से एक पर्चा वापस होने पर दूसरे प्रत्याशी ने हंगामा शुरू कर दिया। कहा कि समय सीमा बीत जाने के बाद नामांकन पत्र वापस लिया गया है। ऐसे में यह नियम विरुद्ध है।
प्रत्याशी और उनके समर्थकों ने एडीएम कक्ष के बाहर हंगामा शुरू कर दिया। मामला बिगड़ता देख एडीएम ने उन सभी को चेतावनी दी और पुलिस फोर्स बुला लिया।
विक्रमजोत प्रथम जिला पंचायत सदस्य सीट से अखिलेश ने नामांकन पत्र दाखिल किया था। उन्होंने शनिवार को अपना नामांकन पत्र वापस ले लिया।
इसकी जानकारी होते ही इसी सीट पर पर्चा दाखिले किए दूसरे प्रत्याशी अरविंद यादव ने नाराजगी जताई और हंगामा शुरू कर दिया। उन्होंने एडीएम से पूछा कि जब नामांकन वापसी की समय सीमा समाप्त हो गई तो अखिलेश का नामांकन किस तरह वापस किया गया।
उनका आरोप है कि प्रशासन ने दबाव में बैक डोर से अखिलेश का नामांकन वापस कराया। अरविंद और उनके समर्थक एडीएम कक्ष के सामने जब हंगामा करने लगे तो एडीएम ने पुलिस बुलाकर गिरफ्तार कराने की चेतावनी दी। इसके बाद अरविंद अड़ गए गिरफ्तार कराने की चुनौती दे दी।
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कोतवाली पुलिस के पहुंचने के बाद लोग एडीएम कक्ष के बाहर से जिला पंचायत भवन के पास आ गए। अरविंद यादव ने कहा कि अखिलेश का मूल नाम बहरैची है। उसने गलत अभिलेखों के आधार पर अखिलेश के नाम से नामांकन पत्र दाखिल किया। उन्होंने आपत्ति की थी। इस मामले में उनका पक्ष सुना भी नहीं गया।
पर्चा खारिज करने के बजाए बैक डोर से नामांकन वापस करा दिया गया। वहीं नामांकन वापस लेने वाले अखिलेश का कहना है कि उन्होंने सुबह ही अपने अधिवक्ता के साथ आकर नामांकन वापसी का आवेदन एडीएम के पास दे दिया था। उसने स्वेच्छा से नामांकन पत्र वापस लिया है, किसी के दबाव में नहीं।
एडीएम राकेश कुमार सिंह ने कहा कि नामांकन वापसी समय सीमा के भीतर हुई। बैक डोर और समय सीमा बीत जाने के बाद नामांकन वापसी की बात गलत है। एक प्रत्याशी उनके कक्ष के सामने हंगामा कर रहे थे। ऐसे में उन्हें फोर्स बुलानी पड़ी।
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प्रत्याशी और उनके समर्थकों ने एडीएम कक्ष के बाहर हंगामा शुरू कर दिया। मामला बिगड़ता देख एडीएम ने उन सभी को चेतावनी दी और पुलिस फोर्स बुला लिया।
विक्रमजोत प्रथम जिला पंचायत सदस्य सीट से अखिलेश ने नामांकन पत्र दाखिल किया था। उन्होंने शनिवार को अपना नामांकन पत्र वापस ले लिया।
इसकी जानकारी होते ही इसी सीट पर पर्चा दाखिले किए दूसरे प्रत्याशी अरविंद यादव ने नाराजगी जताई और हंगामा शुरू कर दिया। उन्होंने एडीएम से पूछा कि जब नामांकन वापसी की समय सीमा समाप्त हो गई तो अखिलेश का नामांकन किस तरह वापस किया गया।
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उनका आरोप है कि प्रशासन ने दबाव में बैक डोर से अखिलेश का नामांकन वापस कराया। अरविंद और उनके समर्थक एडीएम कक्ष के सामने जब हंगामा करने लगे तो एडीएम ने पुलिस बुलाकर गिरफ्तार कराने की चेतावनी दी। इसके बाद अरविंद अड़ गए गिरफ्तार कराने की चुनौती दे दी।
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कोतवाली पुलिस के पहुंचने के बाद लोग एडीएम कक्ष के बाहर से जिला पंचायत भवन के पास आ गए। अरविंद यादव ने कहा कि अखिलेश का मूल नाम बहरैची है। उसने गलत अभिलेखों के आधार पर अखिलेश के नाम से नामांकन पत्र दाखिल किया। उन्होंने आपत्ति की थी। इस मामले में उनका पक्ष सुना भी नहीं गया।
पर्चा खारिज करने के बजाए बैक डोर से नामांकन वापस करा दिया गया। वहीं नामांकन वापस लेने वाले अखिलेश का कहना है कि उन्होंने सुबह ही अपने अधिवक्ता के साथ आकर नामांकन वापसी का आवेदन एडीएम के पास दे दिया था। उसने स्वेच्छा से नामांकन पत्र वापस लिया है, किसी के दबाव में नहीं।
एडीएम राकेश कुमार सिंह ने कहा कि नामांकन वापसी समय सीमा के भीतर हुई। बैक डोर और समय सीमा बीत जाने के बाद नामांकन वापसी की बात गलत है। एक प्रत्याशी उनके कक्ष के सामने हंगामा कर रहे थे। ऐसे में उन्हें फोर्स बुलानी पड़ी।