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किसानों के लिए वरदान लेकर आई बारिश
ब्यूरो अमर उजाला/ बस्ती
Updated Sat, 02 Jul 2016 11:44 PM IST
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नगर बाजार क्षेत्र मे खेतो मे भरा बारिश का पानी।
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मानसून की पहली बारिश किसानों के लिए वरदान लेकर आया। बारिश देख किसान और कृषि विभाग के अधिकारी गदगद हो गए। बारिश होने से जहां तैयार हो चुके धान की नर्सरी को रोपन का सुनहरा मौका मिल गया, वहीं गिर रहे जल स्तर में भी सुधार हुआ।
जिला कृषि अधिकारी एवं प्रभारी उप निदेशक कृषि डा. सतीश चंद्र पाठक ने बताया कि शनिवार को 48 मिली मीटर बारिश रिकार्ड किया गया, जो कि खेतीबाड़ी के लिए बहुत ही शुभ माना जा रहा है। बताया कि इस साल पिछले वर्ष की अपेक्षा अधिक बारिश होगी। जिसका फायदा किसानों को उठाना चाहिए। उन्होंने किसानों को सलाह दी कि जो धान की नर्सरी तैयार हो चुकी है, उसकी त्वरित रोपाई कर देनी चाहिए।
खेतों में पानी रोकने के लिए किसानों को चहिए कि वह खेत में मेंड़ बंदी अवश्य कर ताकि पानी खेत में ही रहे। कहा कि अगर नर्सरी अभी छोटी है तो उनमें पानी अधिक न लगने दें। कारण, छोटी नर्सरी होने से उसमें दीमक का प्रकोप बढ़ जाता है, ऐसे में किसानों को अधिक सावधानी बरतनी चाहिए। अगर पत्ती पीली पड़ जाती है तो उसमें यूरिया का हल्का छिड़काव किसान करें। बताया कि जिले में 60 फीसदी से अधिक नर्सरी तैयार हो चुकी है। बस उसे त्वरित रोपाई करने की आवश्यकता है।
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जिला कृषि अधिकारी एवं प्रभारी उप निदेशक कृषि डा. सतीश चंद्र पाठक ने बताया कि शनिवार को 48 मिली मीटर बारिश रिकार्ड किया गया, जो कि खेतीबाड़ी के लिए बहुत ही शुभ माना जा रहा है। बताया कि इस साल पिछले वर्ष की अपेक्षा अधिक बारिश होगी। जिसका फायदा किसानों को उठाना चाहिए। उन्होंने किसानों को सलाह दी कि जो धान की नर्सरी तैयार हो चुकी है, उसकी त्वरित रोपाई कर देनी चाहिए।
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खेतों में पानी रोकने के लिए किसानों को चहिए कि वह खेत में मेंड़ बंदी अवश्य कर ताकि पानी खेत में ही रहे। कहा कि अगर नर्सरी अभी छोटी है तो उनमें पानी अधिक न लगने दें। कारण, छोटी नर्सरी होने से उसमें दीमक का प्रकोप बढ़ जाता है, ऐसे में किसानों को अधिक सावधानी बरतनी चाहिए। अगर पत्ती पीली पड़ जाती है तो उसमें यूरिया का हल्का छिड़काव किसान करें। बताया कि जिले में 60 फीसदी से अधिक नर्सरी तैयार हो चुकी है। बस उसे त्वरित रोपाई करने की आवश्यकता है।
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