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3.97 करोड़ के ई-टेंडरिंग में पात्रता के खेल का खुलासा
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3.97 करोड़ के ई-टेंडरिंग में पात्रता के खेल का खुलासा
पीडब्लूडी के ई-टेंडरिंग के तकनीकी मूल्यांकन में मिली अनियमितता
निविदा का अभिलेखीय परीक्षण, आख्या के बाद कार्रवाई की संस्तुति
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। लोक निर्माण विभाग के ई-टेंडरिंग में पात्रता के खेल का खुलासा अभिलेखीय जांच में हुआ है। चार निविदाओं के वित्तीय बिड खोलने के संबंध में गठित तीन सदस्यीय समिति ने जांच में एक निविदा जो 397 लाख की थी में अनियमितता पाई है। शिकायत के बाद हुए इस मामले की जांच के बाद आख्या में समिति ने मुख्य अभियंता को नियमानुसार कार्रवाई करने की अनुशंसा की है।
राष्ट्रीय राजमार्ग 28 से पॉलीटेक्निक होते हुए एलडी मार्ग के गौरा चौराहे तक 397 लाख से चौड़ीकरण एवं सुुदृढ़ीकरण का कार्य के लिए निविदा आमंत्रित की गई थी। चार नवंबर 19 को खुले बिड में ओम प्रकाश चौबे, मे. पालीवाल ब्रदर्स, मे. केशराम कांस्ट्रैक्शन, मे. गोविंद माधव, मे. अजय कुमार शाही, राकेश कुमार राय, मे. जितेंद्र सिंह, मे. रवींद्र प्रताप शाही ने ई-टेंडरिंग से निविदा प्राप्त की गई। इसमें मे. पालीवाल ब्रदर्स व मे. केशराम कंस्ट्रक्शन को पात्र बताया गया जबकि शेष को निविदा समिति ने अपात्र घोषित कर दिया। इस कार्य में हुए ई-टेंडरिंग की जांच अधीक्षण अभियंता पीएमजीएसवाई वित्त लोक निर्माण विभाग गोरखपुर अशोक कुमार श्रीवास्तव की टीम ने की। जांच में यह तथ्य संज्ञान में आया है कि निविदा समिति ने उपरोक्त में से पांच ठेकेदारों के अपात्र किए जाने का पर्याप्त आधार नहीं है। जांच समिति ने इसके अलावा 55 लाख में न्यायाधीश आवास के सभी कार्य व 41 लाख में मरम्मत कार्य तथा 41 लाख के गौर-वाल्टरगंज से अजगैवा जंगल होते हुए सुकरौली संपर्क मार्ग के सीसी कार्य में पात्रता का चयन को औचित्य पूर्ण करार दिया है। जांच समिति ने 397 लाख के कार्यों को लेकर निविदा समिति के खेल का खुलासा करते हुए आख्या में यह उल्लिखित किया है कि क्रम संख्या एक के आठ निविदा में पांच ठेकेदारों को अपात्र किए जाने के कारण उक्त निविदा में व्यापक प्रतिस्पर्धा का अभाव पाया गया है। जांच समिति की आख्या के बाद वरिष्ठ स्टाफ आफिसर परिवाद लोक निर्माण विभाग लखनऊ इरफान अहमद ने मुख्य अभियंता बस्ती क्षेत्र को उल्लिखित कार्य के लिए प्राप्त निविदाओं के तकनीकी मूल्यांकन में प्रथम दृष्टया अनियमितता किये जाने को देखते हुए कार्रवाई के लिए लिखा है। इस बाबत प्रभारी मुख्य अभियंता ई. शशिभूषण ने बताया कि पत्र मिला है। मामले में कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
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पीडब्लूडी के ई-टेंडरिंग के तकनीकी मूल्यांकन में मिली अनियमितता
निविदा का अभिलेखीय परीक्षण, आख्या के बाद कार्रवाई की संस्तुति
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। लोक निर्माण विभाग के ई-टेंडरिंग में पात्रता के खेल का खुलासा अभिलेखीय जांच में हुआ है। चार निविदाओं के वित्तीय बिड खोलने के संबंध में गठित तीन सदस्यीय समिति ने जांच में एक निविदा जो 397 लाख की थी में अनियमितता पाई है। शिकायत के बाद हुए इस मामले की जांच के बाद आख्या में समिति ने मुख्य अभियंता को नियमानुसार कार्रवाई करने की अनुशंसा की है।
राष्ट्रीय राजमार्ग 28 से पॉलीटेक्निक होते हुए एलडी मार्ग के गौरा चौराहे तक 397 लाख से चौड़ीकरण एवं सुुदृढ़ीकरण का कार्य के लिए निविदा आमंत्रित की गई थी। चार नवंबर 19 को खुले बिड में ओम प्रकाश चौबे, मे. पालीवाल ब्रदर्स, मे. केशराम कांस्ट्रैक्शन, मे. गोविंद माधव, मे. अजय कुमार शाही, राकेश कुमार राय, मे. जितेंद्र सिंह, मे. रवींद्र प्रताप शाही ने ई-टेंडरिंग से निविदा प्राप्त की गई। इसमें मे. पालीवाल ब्रदर्स व मे. केशराम कंस्ट्रक्शन को पात्र बताया गया जबकि शेष को निविदा समिति ने अपात्र घोषित कर दिया। इस कार्य में हुए ई-टेंडरिंग की जांच अधीक्षण अभियंता पीएमजीएसवाई वित्त लोक निर्माण विभाग गोरखपुर अशोक कुमार श्रीवास्तव की टीम ने की। जांच में यह तथ्य संज्ञान में आया है कि निविदा समिति ने उपरोक्त में से पांच ठेकेदारों के अपात्र किए जाने का पर्याप्त आधार नहीं है। जांच समिति ने इसके अलावा 55 लाख में न्यायाधीश आवास के सभी कार्य व 41 लाख में मरम्मत कार्य तथा 41 लाख के गौर-वाल्टरगंज से अजगैवा जंगल होते हुए सुकरौली संपर्क मार्ग के सीसी कार्य में पात्रता का चयन को औचित्य पूर्ण करार दिया है। जांच समिति ने 397 लाख के कार्यों को लेकर निविदा समिति के खेल का खुलासा करते हुए आख्या में यह उल्लिखित किया है कि क्रम संख्या एक के आठ निविदा में पांच ठेकेदारों को अपात्र किए जाने के कारण उक्त निविदा में व्यापक प्रतिस्पर्धा का अभाव पाया गया है। जांच समिति की आख्या के बाद वरिष्ठ स्टाफ आफिसर परिवाद लोक निर्माण विभाग लखनऊ इरफान अहमद ने मुख्य अभियंता बस्ती क्षेत्र को उल्लिखित कार्य के लिए प्राप्त निविदाओं के तकनीकी मूल्यांकन में प्रथम दृष्टया अनियमितता किये जाने को देखते हुए कार्रवाई के लिए लिखा है। इस बाबत प्रभारी मुख्य अभियंता ई. शशिभूषण ने बताया कि पत्र मिला है। मामले में कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
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