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मुंडेरवा मिल पर किसानों ने बंद कराई तौल
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मुंडेरवा मिल पर किसानों ने बंद कराई तौल
पर्ची को हायल बताकर रोकने से थे नाराज, प्रबंधन से वार्ता के बाद बनी बात
अमर उजाला ब्यूरो
मुंडेरवा(बस्ती)। शुगर मिल गेट पर गन्ना तौल कराने आए किसान बुधवार को पर्ची को हायल (समय सीमा समाप्त) बताकर तौल करने से मना करने पर किसान नाराज हो उठे। गुस्साए किसानों ने तौल बंद करा दी और नारेबाजी करने लगे। सूचना पर मिल प्रबंधन से वार्ता के बाद पर्ची की तिथि बढ़ाकर तौल कराई गई। तब जाकर किसान मानें और दो घंटे बाद फिर से तौल शुरू हुई।
बुधवार सुबह जब किसान मिल यार्ड में गन्ना लेकर पहुंचे तो वहां पर्ची को हायल बताकर लिपिक ने तौल से मना कर दिया। किसानों से गन्ना विभाग में जाकर पर्ची अपडेट कराने की बात कही।
मिल प्रबंधन ने कहा कि बिना सचिव के हस्ताक्षर और अनुमति के डेट नहीं बढ़ायी जा सकती। वहीं किसानों का कहना था कि मिल प्रबंधन किसानों को परेशान करने पर आमादा है। इसी सत्र में बिना सचिव के अनुमति के ही पर्ची गन्ना विभाग में अपडेट की जाती रही है। बुधवार को गन्ना विभाग सचिव को बीच में लाकर किसानों को परेशान किया जा रहा है। नाराज किसान एकत्र होकर कांटे पर पहुंच गए और तौल रुकवा दी। जानकारी होते ही हियुवा के जिला उपाध्यक्ष राम दिनेश चौधरी शुगर मिल पहुंचे और किसानों को लेकर जीएम आफिस में गए। किसानों की समस्याओं से जीएम को अवगत कराया। बातचीत के बाद मिल प्रबंधन ने पर्ची की तिथि तत्काल बढ़वा दी। इसके बाद किसान शांत हुए।
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जीएम बृजेंद्र द्विवेदी ने कहा कि समस्या को लेकर किसान उनसे मिले थे। उनकी समस्याओं का निदान कर दिया गया। इसके बाद तौल शुरू हो गई।
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पर्ची को हायल बताकर रोकने से थे नाराज, प्रबंधन से वार्ता के बाद बनी बात
अमर उजाला ब्यूरो
मुंडेरवा(बस्ती)। शुगर मिल गेट पर गन्ना तौल कराने आए किसान बुधवार को पर्ची को हायल (समय सीमा समाप्त) बताकर तौल करने से मना करने पर किसान नाराज हो उठे। गुस्साए किसानों ने तौल बंद करा दी और नारेबाजी करने लगे। सूचना पर मिल प्रबंधन से वार्ता के बाद पर्ची की तिथि बढ़ाकर तौल कराई गई। तब जाकर किसान मानें और दो घंटे बाद फिर से तौल शुरू हुई।
बुधवार सुबह जब किसान मिल यार्ड में गन्ना लेकर पहुंचे तो वहां पर्ची को हायल बताकर लिपिक ने तौल से मना कर दिया। किसानों से गन्ना विभाग में जाकर पर्ची अपडेट कराने की बात कही।
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मिल प्रबंधन ने कहा कि बिना सचिव के हस्ताक्षर और अनुमति के डेट नहीं बढ़ायी जा सकती। वहीं किसानों का कहना था कि मिल प्रबंधन किसानों को परेशान करने पर आमादा है। इसी सत्र में बिना सचिव के अनुमति के ही पर्ची गन्ना विभाग में अपडेट की जाती रही है। बुधवार को गन्ना विभाग सचिव को बीच में लाकर किसानों को परेशान किया जा रहा है। नाराज किसान एकत्र होकर कांटे पर पहुंच गए और तौल रुकवा दी। जानकारी होते ही हियुवा के जिला उपाध्यक्ष राम दिनेश चौधरी शुगर मिल पहुंचे और किसानों को लेकर जीएम आफिस में गए। किसानों की समस्याओं से जीएम को अवगत कराया। बातचीत के बाद मिल प्रबंधन ने पर्ची की तिथि तत्काल बढ़वा दी। इसके बाद किसान शांत हुए।
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जीएम बृजेंद्र द्विवेदी ने कहा कि समस्या को लेकर किसान उनसे मिले थे। उनकी समस्याओं का निदान कर दिया गया। इसके बाद तौल शुरू हो गई।