{"_id":"63f8ce893251c76c71015e24","slug":"power-corporation-basti-news-c-7-1-65721-2023-02-24","type":"story","status":"publish","title_hn":"Basti News: लटकते बिजली के तार, खतरा बरकरार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Basti News: लटकते बिजली के तार, खतरा बरकरार
विज्ञापन
स्कूली के ऊपर से गुजरते हाईटेंशन तार।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
फोटो-
संवाद न्यूज एजेंसी बस्ती। हाईटेंशन लाइन का तार टूटकर गिरने से मंडल के सिद्धार्थनगर जिले के रेहरा गांव निवासी मां-बेटी की मौत हो गई। इसी तरह की घटना जनपद में भी होने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता है। जिले में 111 परिषदीय विद्यालय के ऊपर हाइटेंशन लाइन बिछी हुई है। तमाम जगहों पर रिहायशी क्षेत्र में मकानों के ऊपर से भी तार गुजर रहे हैं। इनमें ज्यादातर लाइनें पांच से छह दशक पुरानी हैं। जो अब जर्जर हो चुकी हैं।
जिले में करीब 2071 प्राथमिक विद्यालय हैं। इनमें 111 के ऊपर से हाइटेंशन तार गुजर रहे हैं। कहीं विद्यालय भवन की छत, तो कहीं परिसर के बीचों बीच से हाईटेंशन लाइन निकल रही है। लाइन हटवाने के लिए स्कूल महानिदेशक विजय किरन आनंद ने जुलाई में बीएसए को निर्देश दिए थे, लेकिन इसे अभी तक अमलीजामा नहीं पहनाया जा सकता। बीएसए कार्यालय के अनुसार, बनकटी ब्लॉक में 21, सदर में 10, दुबौलिया में पांच, गौर में सात, कुदरहा में नौ, परशुरामपुर 20, सांऊघाट 11, विक्रमजोत में नौ, रुधौली में तीन व बहादुरपुर में 10 विद्यालयों के ऊपर से हाईटेंशन लाइन गुजर रही है। तार हटवाने के लिए एक लाख रुपये तक का खर्च ग्राम पंचायतें वहन करेंगी। इससे ऊपर क्षेत्र पंचायत को करना है। बीएसए ने बताया कि तारों को हटवाने में आने वाला खर्च ग्राम पंचायत और क्षेत्र पंचायत निधि से होना। बिजली विभाग को सूची भेज दी गई है।
-- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -
विज्ञापन
धन मिलने पर हटाई जाएंगी लाइनें
प्राथमिक विद्यालयों से बिजली तारों को हटवाने में आने वाले खर्च का प्रस्ताव शिक्षा विभाग को भेजा जा चुका है। धनराशि मिलने के बाद हटवाने का काम शुरु कराया जाएगा।
-एके आर्या, अधीक्षण अभियंता, विद्युत वितरण मंडल
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी बस्ती। हाईटेंशन लाइन का तार टूटकर गिरने से मंडल के सिद्धार्थनगर जिले के रेहरा गांव निवासी मां-बेटी की मौत हो गई। इसी तरह की घटना जनपद में भी होने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता है। जिले में 111 परिषदीय विद्यालय के ऊपर हाइटेंशन लाइन बिछी हुई है। तमाम जगहों पर रिहायशी क्षेत्र में मकानों के ऊपर से भी तार गुजर रहे हैं। इनमें ज्यादातर लाइनें पांच से छह दशक पुरानी हैं। जो अब जर्जर हो चुकी हैं।
जिले में करीब 2071 प्राथमिक विद्यालय हैं। इनमें 111 के ऊपर से हाइटेंशन तार गुजर रहे हैं। कहीं विद्यालय भवन की छत, तो कहीं परिसर के बीचों बीच से हाईटेंशन लाइन निकल रही है। लाइन हटवाने के लिए स्कूल महानिदेशक विजय किरन आनंद ने जुलाई में बीएसए को निर्देश दिए थे, लेकिन इसे अभी तक अमलीजामा नहीं पहनाया जा सकता। बीएसए कार्यालय के अनुसार, बनकटी ब्लॉक में 21, सदर में 10, दुबौलिया में पांच, गौर में सात, कुदरहा में नौ, परशुरामपुर 20, सांऊघाट 11, विक्रमजोत में नौ, रुधौली में तीन व बहादुरपुर में 10 विद्यालयों के ऊपर से हाईटेंशन लाइन गुजर रही है। तार हटवाने के लिए एक लाख रुपये तक का खर्च ग्राम पंचायतें वहन करेंगी। इससे ऊपर क्षेत्र पंचायत को करना है। बीएसए ने बताया कि तारों को हटवाने में आने वाला खर्च ग्राम पंचायत और क्षेत्र पंचायत निधि से होना। बिजली विभाग को सूची भेज दी गई है।
विज्ञापन
विज्ञापन
धन मिलने पर हटाई जाएंगी लाइनें
प्राथमिक विद्यालयों से बिजली तारों को हटवाने में आने वाले खर्च का प्रस्ताव शिक्षा विभाग को भेजा जा चुका है। धनराशि मिलने के बाद हटवाने का काम शुरु कराया जाएगा।
-एके आर्या, अधीक्षण अभियंता, विद्युत वितरण मंडल