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परिषदीय स्कूलों में व्यवस्था की खुली पोल
ब्यूरो अमर उजाला/ बस्ती
Updated Wed, 13 Jul 2016 11:26 PM IST
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रामनगर ब्लक के प्राथमिक विद्यालय छापिया खास बच्चो को मुर्गा बनाया गया।
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रामनगर ब्लॉक क्षेत्र में परिषदीय स्कूलों में बच्चों को शासन की ओर से दी जाने वाली सुविधाएं नही मिल पा रही है। बच्चों को न तो मीनू के मुताबिक भोजन मिल रहा है और न उन्हें दूध और फल ही दिया जा रहा है। इन स्कूलों में सरकार का मानक नहीं बल्कि प्रधान और हेड मास्टर का बनाया मानक चलता है। इन दोनों की मर्जी के मुताबिक मीनू बनाए जाते हैं। जिसका प्रभाव बच्चों के नामांकन पर पड़ रहा है। अधिकांश स्कूलों में सुविधाएं न मिलने के पीछे खंड शिक्षा अधिकारी की लापरवाही मानी जा रही है।
बुधवार को रामनगर के आठ विद्यालयों का अमर उजाला की ओर से किए गए पड़ताल में तमाम खामियां देखने को मिलीं। इससे पहले भी इस ब्लॉक क्षेत्र के स्कूलों में खामियां मिल चुकी हैं। खामियों के बाबत जब जिम्मेदारों से बात की गई तो वो कोई सार्थक जबाब नही दे सके। सुबह प्राथमिक व पूर्व माध्यमिक विद्यालय नौवागांव में बच्चें को दूध नहीं मिला। यहां कुल 105 बच्चे पंजीकृत है 35 मौजूद मिले। पूर्व माध्यमिक में मात्र 11बच्चे ही पंजीकृत है। यहां दूध की व्यवस्था नही थी। मीनू के बाबत बताया कि उनके यहां आज यही मीनू है।
प्राथमिक व पूर्व माध्यमिक विद्यालय मझारी में कुल बच्चों की संख्या 180 है जिसमें 42 मौजूद मिले। पूर्व माध्यमिक के प्रधानाध्यापक जगतराम ने बताया कि 56 बच्चे पंजीकृत है 30 उपस्थित हैं। यहां भी बच्चे के लिए दूध की व्यवस्था नही थी न ही भोजन मे मीनू का ही पालन किया गया था बताया कि चूंकि खाना यहां प्रधान बनवाते है ऐसे में उन लोगों का कोई हस्तक्षेप नही होता। प्राथमिक विद्यालय जोगिया पाठक मे बच्चों को दूध नही मिला था। प्रधानाध्यापक पप्पू ने बताया कि दूध गांव में नही मिल पा रहा है। प्राथमिक विद्यालय भैसहिया में 151 बच्चे पंजीकृत है जिसमें 40 उपस्थित मिले। यहां भी दूध के बाबत अध्यापकों ने कोई संतोषजनक जवाब नही दिया।
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पूर्व माध्यमिक विद्यालय बारहकोनी में भी दूध की कोई व्यवस्था नही थी। प्रधानाध्यापक सत्येंद्र कुमार चंद ने बताया कि कुल 70 बच्चे पंजीकृत हैं 23 बच्चे उपस्थित मिले। यही हाल प्राथमिक विद्यालय बारहकोनी का भी रहा यहां कढ़ी चावल ही बनाया गया था। प्रधानाध्यापक बाबूलाल चौधरी ने बताया कि तहरी सप्ताह मे दो दिन हो जाने की वजह से बच्चे नही खाते इस लिए कढ़ी चावल बनवाया गया है। कहा कि दूध नही मिलने की वजह से बच्चों को नही दिया गया। यहां कुल 103 बच्चे पंजीकृत है जिसमे 46 उपस्थित मिले।
प्राथमिक विद्यालय रामनगर में बच्चों को तहरी मिली थी लेकिन दूध नही मिला। प्रधानाध्यापक शमशुलहुदा ने बताया कि 146 बच्चे पंजीकृत है जिसमे से 36 बच्चे ही उपस्थित मिले। इसी क्रम मे एबीआरसी रामनगर पटेश्वरी निषाद के निरीक्षण मेें बडोखर के विद्यालयों में भी दूध का वितरण नही हुआ था। इस बारे में ज्यादातर स्कूलों ने दूध उपलब्ध न होने की बात कही।
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बुधवार को रामनगर के आठ विद्यालयों का अमर उजाला की ओर से किए गए पड़ताल में तमाम खामियां देखने को मिलीं। इससे पहले भी इस ब्लॉक क्षेत्र के स्कूलों में खामियां मिल चुकी हैं। खामियों के बाबत जब जिम्मेदारों से बात की गई तो वो कोई सार्थक जबाब नही दे सके। सुबह प्राथमिक व पूर्व माध्यमिक विद्यालय नौवागांव में बच्चें को दूध नहीं मिला। यहां कुल 105 बच्चे पंजीकृत है 35 मौजूद मिले। पूर्व माध्यमिक में मात्र 11बच्चे ही पंजीकृत है। यहां दूध की व्यवस्था नही थी। मीनू के बाबत बताया कि उनके यहां आज यही मीनू है।
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प्राथमिक व पूर्व माध्यमिक विद्यालय मझारी में कुल बच्चों की संख्या 180 है जिसमें 42 मौजूद मिले। पूर्व माध्यमिक के प्रधानाध्यापक जगतराम ने बताया कि 56 बच्चे पंजीकृत है 30 उपस्थित हैं। यहां भी बच्चे के लिए दूध की व्यवस्था नही थी न ही भोजन मे मीनू का ही पालन किया गया था बताया कि चूंकि खाना यहां प्रधान बनवाते है ऐसे में उन लोगों का कोई हस्तक्षेप नही होता। प्राथमिक विद्यालय जोगिया पाठक मे बच्चों को दूध नही मिला था। प्रधानाध्यापक पप्पू ने बताया कि दूध गांव में नही मिल पा रहा है। प्राथमिक विद्यालय भैसहिया में 151 बच्चे पंजीकृत है जिसमें 40 उपस्थित मिले। यहां भी दूध के बाबत अध्यापकों ने कोई संतोषजनक जवाब नही दिया।
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पूर्व माध्यमिक विद्यालय बारहकोनी में भी दूध की कोई व्यवस्था नही थी। प्रधानाध्यापक सत्येंद्र कुमार चंद ने बताया कि कुल 70 बच्चे पंजीकृत हैं 23 बच्चे उपस्थित मिले। यही हाल प्राथमिक विद्यालय बारहकोनी का भी रहा यहां कढ़ी चावल ही बनाया गया था। प्रधानाध्यापक बाबूलाल चौधरी ने बताया कि तहरी सप्ताह मे दो दिन हो जाने की वजह से बच्चे नही खाते इस लिए कढ़ी चावल बनवाया गया है। कहा कि दूध नही मिलने की वजह से बच्चों को नही दिया गया। यहां कुल 103 बच्चे पंजीकृत है जिसमे 46 उपस्थित मिले।
प्राथमिक विद्यालय रामनगर में बच्चों को तहरी मिली थी लेकिन दूध नही मिला। प्रधानाध्यापक शमशुलहुदा ने बताया कि 146 बच्चे पंजीकृत है जिसमे से 36 बच्चे ही उपस्थित मिले। इसी क्रम मे एबीआरसी रामनगर पटेश्वरी निषाद के निरीक्षण मेें बडोखर के विद्यालयों में भी दूध का वितरण नही हुआ था। इस बारे में ज्यादातर स्कूलों ने दूध उपलब्ध न होने की बात कही।