{"_id":"7aae0afc2227629a79474e297c94ffea","slug":"police-subinspector-and-constable-suspended-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"बीट दरोगा और सिपाही निलंबित","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बीट दरोगा और सिपाही निलंबित
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 08 Oct 2015 12:36 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बस्ती। हर्रैया थाना के बेबहना गांव में पंचायत चुनाव की रंजिश में पूर्व प्रधान रामपाल सिंह की हत्या के मामले में पुलिस ने तीन आरोपियों रमाशंकर, बृजराज शुक्ल और रामभवन उर्फ श्याम भवन को गिरफ्तार कर लिया है।
इनमें रमाशंकर का फैजाबाद के जिला अस्पताल में इलाज चल रहा है। पुलिस ने उसको अपनी निगरानी मेें ले लिया है। एसपी ने मामले में लापरवाही व कार्यों में शिथिलता के चलते बीट दरोगा संतोष तिवारी और सिपाही दद्दन प्रसाद को निलंबित कर दिया है।
ग्राम चौकीदार की बर्खास्तगी के लिए पत्र लिखा है। मामले को लेकर गांव में अभी भी लोग दहशत में हैं। गांव में पुलिस और पीएसी तैनात है।
बता दें कि बेबहना गांव के पूर्व प्रधान रामपाल सिंह आशा देवी को बीडीसी चुनाव लड़वा रहे थे। इसको लेकर उनके विरोधी खुन्नस खाए थे।
ब्लॉक प्रमुख पद के दावेदार राघवेंद्र सिंह के खास माने जाने वाले बृजराज शुक्ल निवासी डाडा अपने समर्थक रामशंकर उर्फ बब्बन पांडेय आदि को साथ लेकर मंगलवार सुबह बेबहना गांव में पहुंचे। आरोप है कि ये लोग बीडीसी प्रत्याशी आशा देवी को अगवा करने गए थे।
विज्ञापन
रामपाल आशा देवी को बचाने के लिए अपने समर्थकों के साथ जुट गए। दोनों गुटों में मार-पीट होने लगी। शोर सुनकर गांव वाले मौके पर पहुंच गए। बृजराज असलहा लहराते हुए साथियों के साथ भागने लगा। कुछ लोगों नेे रमाशंकर को बुरी तरह पीट दिया।
सूचना पाकर पुलिस के दो जवान भी आ गए और बंधक को किसी तरह कर छुड़ाया। बाद में बृजराज आदि ने तेज रफ्तार गाड़ी चलाकर रामपाल को कुचल दिया। रामपाल बुरी तरह जख्मी हो गए। आसपास के लोगों ने उसे तुरंत सीएचसी पहुंचाया।
वहां से उनको जिला चिकित्सालय रेफर कर दिया गया। इलाज के दौरान ग्यारह बजे उनकी मौत हो गई। वहीं घायल रमाशंकर को फैजाबाद जिला अस्पताल में भर्ती कराया।
दिवंगत रामपाल सिंह के पुत्र संतोष आदि ने आरोप लगाया कि ब्लॉक प्रमुख पद के प्रत्याशी राघवेंद्र प्रताप सिंह के इशारे पर उनके समर्थक बृजराज और अन्य बीडीसी प्रत्याशी को जबरन उठाने आए थे। रोकने पर अपनी गाड़ी से कुचलकर हत्या कर दी।
मौके पर डीएम अनिल कुमार दमेले, एसपी कृपांशकर सिंह, एएसपी वीरेंद्र यादव ने पहुंचकर आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए निर्देश दिया। देर रात में पुलिस ने फैजाबाद में भर्ती रमाशंकर को गिरफ्तार करते हुए उसकी निगरानी के लिए दो पुलिस कर्मियों को लगा दिया।
एसपी कृपाशंर सिंह ने बताया कि मामले में रामपाल के पुत्र संतोष की तहरीर पर राघवेंद्र प्रताप सिंह, रामभवन उर्फ श्याम भवन पुत्र रामकुमार चौधरी निवासी सिंदुरिया, बृजलाल शुक्ला पुत्र अज्ञात निवासी डाडा, रमाशंकर पांडेय पुत्र बब्बन, राजेंद्र, सुुरेंद्र तिवारी के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।
इनमें रामभवन उर्फ श्यामभवन, बृजराज शुक्ल और रमाशंकर उर्फ बब्बन को गिरफ्तार कर लिया। जबकि राघवेंद्र सिंह के साथ ही अन्य अभियुक्त फरार है, जिनकी गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं।
एसपी का कहना है कि इसमें दूसरे पक्ष से भी धारा 323, 342, 308 भादवि के तहत मुकदमा पंजीकृत कराया गया है। बताया कि मामले में लापरवाही बरतने को लेकर बीट उपनिरीक्षक संतोष तिवारी और बीट आरक्षी दद्दन प्रसाद को निलंबित कर दिया है।
साथ ही ग्राम चौकीदार श्याम भवन पुत्र रामकुमार चौधरी के विरुद्ध बर्खास्तगी के लिए डीएम को रिपोर्ट दी गई है। एसपी ने बताया कि मौके पर सुरक्षा व्यवस्था के लिए पुलिस और पीएसी लगाई गई है।
विज्ञापन
इनमें रमाशंकर का फैजाबाद के जिला अस्पताल में इलाज चल रहा है। पुलिस ने उसको अपनी निगरानी मेें ले लिया है। एसपी ने मामले में लापरवाही व कार्यों में शिथिलता के चलते बीट दरोगा संतोष तिवारी और सिपाही दद्दन प्रसाद को निलंबित कर दिया है।
विज्ञापन
ग्राम चौकीदार की बर्खास्तगी के लिए पत्र लिखा है। मामले को लेकर गांव में अभी भी लोग दहशत में हैं। गांव में पुलिस और पीएसी तैनात है।
बता दें कि बेबहना गांव के पूर्व प्रधान रामपाल सिंह आशा देवी को बीडीसी चुनाव लड़वा रहे थे। इसको लेकर उनके विरोधी खुन्नस खाए थे।
ब्लॉक प्रमुख पद के दावेदार राघवेंद्र सिंह के खास माने जाने वाले बृजराज शुक्ल निवासी डाडा अपने समर्थक रामशंकर उर्फ बब्बन पांडेय आदि को साथ लेकर मंगलवार सुबह बेबहना गांव में पहुंचे। आरोप है कि ये लोग बीडीसी प्रत्याशी आशा देवी को अगवा करने गए थे।
विज्ञापन
रामपाल आशा देवी को बचाने के लिए अपने समर्थकों के साथ जुट गए। दोनों गुटों में मार-पीट होने लगी। शोर सुनकर गांव वाले मौके पर पहुंच गए। बृजराज असलहा लहराते हुए साथियों के साथ भागने लगा। कुछ लोगों नेे रमाशंकर को बुरी तरह पीट दिया।
सूचना पाकर पुलिस के दो जवान भी आ गए और बंधक को किसी तरह कर छुड़ाया। बाद में बृजराज आदि ने तेज रफ्तार गाड़ी चलाकर रामपाल को कुचल दिया। रामपाल बुरी तरह जख्मी हो गए। आसपास के लोगों ने उसे तुरंत सीएचसी पहुंचाया।
वहां से उनको जिला चिकित्सालय रेफर कर दिया गया। इलाज के दौरान ग्यारह बजे उनकी मौत हो गई। वहीं घायल रमाशंकर को फैजाबाद जिला अस्पताल में भर्ती कराया।
दिवंगत रामपाल सिंह के पुत्र संतोष आदि ने आरोप लगाया कि ब्लॉक प्रमुख पद के प्रत्याशी राघवेंद्र प्रताप सिंह के इशारे पर उनके समर्थक बृजराज और अन्य बीडीसी प्रत्याशी को जबरन उठाने आए थे। रोकने पर अपनी गाड़ी से कुचलकर हत्या कर दी।
मौके पर डीएम अनिल कुमार दमेले, एसपी कृपांशकर सिंह, एएसपी वीरेंद्र यादव ने पहुंचकर आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए निर्देश दिया। देर रात में पुलिस ने फैजाबाद में भर्ती रमाशंकर को गिरफ्तार करते हुए उसकी निगरानी के लिए दो पुलिस कर्मियों को लगा दिया।
एसपी कृपाशंर सिंह ने बताया कि मामले में रामपाल के पुत्र संतोष की तहरीर पर राघवेंद्र प्रताप सिंह, रामभवन उर्फ श्याम भवन पुत्र रामकुमार चौधरी निवासी सिंदुरिया, बृजलाल शुक्ला पुत्र अज्ञात निवासी डाडा, रमाशंकर पांडेय पुत्र बब्बन, राजेंद्र, सुुरेंद्र तिवारी के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।
इनमें रामभवन उर्फ श्यामभवन, बृजराज शुक्ल और रमाशंकर उर्फ बब्बन को गिरफ्तार कर लिया। जबकि राघवेंद्र सिंह के साथ ही अन्य अभियुक्त फरार है, जिनकी गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं।
एसपी का कहना है कि इसमें दूसरे पक्ष से भी धारा 323, 342, 308 भादवि के तहत मुकदमा पंजीकृत कराया गया है। बताया कि मामले में लापरवाही बरतने को लेकर बीट उपनिरीक्षक संतोष तिवारी और बीट आरक्षी दद्दन प्रसाद को निलंबित कर दिया है।
साथ ही ग्राम चौकीदार श्याम भवन पुत्र रामकुमार चौधरी के विरुद्ध बर्खास्तगी के लिए डीएम को रिपोर्ट दी गई है। एसपी ने बताया कि मौके पर सुरक्षा व्यवस्था के लिए पुलिस और पीएसी लगाई गई है।