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Basti News: हवा में घुल रहा जहर...24 घंटे में 164 से 190 पर पहुंचा एक्यूआई
Fri, 21 Nov 2025 01:33 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
Updated Fri, 21 Nov 2025 01:33 AM IST
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टांडा हाइवे पर छाई धुंध - संवाद
बस्ती। शहर की हवा लगातार चार दिनों से ज़हर उगल रही है। गुरुवार को 24 घंटे का औसत एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआई) 164 से छलांग लगाकर 190 पर पहुंच गया। सुबह-सवेरे शहर के ऊपर तैरती धुंध और धुएं की मोटी परत ने लोगों को सांस लेने तक में मुश्किलें पैदा कर दी।
कई मोहल्लों में तो सड़क की दूसरी तरफ खड़ा शख्स भी धुंधला नजर आ रहा था। विशेषज्ञों का अंदेशा सच साबित हुआ तो अगले 24-48 घंटे में शहर बहुत खराब हवा की श्रेणी में प्रवेश कर सकता है। शहर के कटरा बाजार निवासी ममता श्रीवास्तव बताती हैं, सुबह गेट खोलते ही धुएं की बदबू आती है, बच्चों की खांसी नहीं रुक रही। डॉक्टर ने सुबह का खेलना-भागना बंद करा दिया है। उधर, रोडवेज चौराहे पर ऑटो चालकों का कहना है कि शाम छह बजे के बाद धुएं से आंखों में चुभन हो रहा है। ई-रिक्शा चालक राजन बोले कि इतनी जलन हो रही कि आंखें आधी बंद करके चलाना पड़ता है। भीड़ में रिक्शा चलाना खतरा बन गया है।
आचार्य नरेंद्र देव कृषि एवं प्रोद्योगिकी विश्वविद्यालय कुमारगंज अयोध्या के मौसम विज्ञानी डॉ. अमरनाथ मिश्र के अनुसार, हवा की गति 2 से 3 किमी प्रति घंटा है। नमी 80 प्रतिशत के आसपास है। ऐसे में प्रदूषक ऊपर नहीं उठ पा रहे, वे जमीन के पास ही चिपक जा रहे हैं। यह क्लासिक स्मॉग की स्थिति है। दो दिन हवा नहीं चली तो एक्यूआई 220-250 तक जा सकता है।
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सुबह की सैर पर ब्रेक, पार्कों में सन्नाटा
अमहट और पार्क में टहलने आने वाले लोग अब देर से घरों से निकलते हैं। सत्येंद्र सिंह बताते हैं कि इतना भारी धुआं है कि 15 मिनट चलने पर ही सीने में जकड़न होने लगती है। जिला अस्पताल के फिजिशियन डॉ. रामजी सोनी बताते हैं कि बीते तीन दिनों में खांसी, गले में खराश और सांस फूलने के मरीजों की संख्या लगभग दोगुनी हो गई है। प्रदूषण के कण सीधे फेफड़ों में जाकर सूजन पैदा करते हैं। बुजुर्ग, बच्चे और दमा के मरीज विशेष खतरे में हैं।
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कई मोहल्लों में तो सड़क की दूसरी तरफ खड़ा शख्स भी धुंधला नजर आ रहा था। विशेषज्ञों का अंदेशा सच साबित हुआ तो अगले 24-48 घंटे में शहर बहुत खराब हवा की श्रेणी में प्रवेश कर सकता है। शहर के कटरा बाजार निवासी ममता श्रीवास्तव बताती हैं, सुबह गेट खोलते ही धुएं की बदबू आती है, बच्चों की खांसी नहीं रुक रही। डॉक्टर ने सुबह का खेलना-भागना बंद करा दिया है। उधर, रोडवेज चौराहे पर ऑटो चालकों का कहना है कि शाम छह बजे के बाद धुएं से आंखों में चुभन हो रहा है। ई-रिक्शा चालक राजन बोले कि इतनी जलन हो रही कि आंखें आधी बंद करके चलाना पड़ता है। भीड़ में रिक्शा चलाना खतरा बन गया है।
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आचार्य नरेंद्र देव कृषि एवं प्रोद्योगिकी विश्वविद्यालय कुमारगंज अयोध्या के मौसम विज्ञानी डॉ. अमरनाथ मिश्र के अनुसार, हवा की गति 2 से 3 किमी प्रति घंटा है। नमी 80 प्रतिशत के आसपास है। ऐसे में प्रदूषक ऊपर नहीं उठ पा रहे, वे जमीन के पास ही चिपक जा रहे हैं। यह क्लासिक स्मॉग की स्थिति है। दो दिन हवा नहीं चली तो एक्यूआई 220-250 तक जा सकता है।
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सुबह की सैर पर ब्रेक, पार्कों में सन्नाटा
अमहट और पार्क में टहलने आने वाले लोग अब देर से घरों से निकलते हैं। सत्येंद्र सिंह बताते हैं कि इतना भारी धुआं है कि 15 मिनट चलने पर ही सीने में जकड़न होने लगती है। जिला अस्पताल के फिजिशियन डॉ. रामजी सोनी बताते हैं कि बीते तीन दिनों में खांसी, गले में खराश और सांस फूलने के मरीजों की संख्या लगभग दोगुनी हो गई है। प्रदूषण के कण सीधे फेफड़ों में जाकर सूजन पैदा करते हैं। बुजुर्ग, बच्चे और दमा के मरीज विशेष खतरे में हैं।