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Basti News: बढ़ रही डेंगू मरीजों की संख्या... पैंतीस सौ रुपये में खरीदा जा रहा प्लेटलेट
Thu, 26 Sep 2024 03:22 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
Updated Thu, 26 Sep 2024 03:22 AM IST
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जिला अस्पताल में बना डेगूं वार्ड।
जिला अस्पताल के पीआईसीयू मेंं डेंगू प्रभावित दो बच्चे भर्ती
कैली में भी डेंगू के दो मरीज किए गए भर्ती, बाहर से लाना पड़ रहा प्लेटलेट्स
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। जिले में डेंगू मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। जिला अस्पताल से लेकर ओपेक चिकित्सालय कैली में डेंगू प्रभावित मरीज भर्ती किए जा रहे हैं। जबकि सीएचसी पर भी इन मरीजों की संख्या बढ़ी हुई है। गंभीर मरीजों के लिए प्लेटलेट का संकट खड़ा हो गया है। मरीजों की जान बचाने के लिए तीमारदार बाहर से 3500 रुपये खर्च कर प्लेटलेट सरकारी अस्पताल में पहुंचा रहे हैं।
मेडिकल कॉलेज के ओपेक चिकित्सालय कैली में डेंगू से प्रभावित दो मरीज भर्ती किए गए हैं। इन्हें अस्पताल की तरफ से प्लेटलेट्स नहीं उपलब्ध कराया जा रहा है। एक मरीज के तीमारदार ने बताया कि मंगलवार को अस्पताल में प्लेटलेट्स बाहर से लाने के लिए कहा गया। इसके मिलने की जानकारी भी नहीं थी। बिचौलियों के माध्यम से किसी तरह एक निजी ब्लड बैंक में गए। वहां 3500 रुपये में चार यूनिट प्लेटलेट्स उपलब्ध कराया गया। तब जाकर उनके मरीज को प्लेटलेट्स चढ़ सका। दूसरे दिन बुधवार को भी इसकी डिमांड की गई। तीमारदारों ने हो हल्ला किया। देर शाम को किसी तरह अस्पताल के भीतर स्थित ब्लड बैंक से डोनर देने पर महज दो यूनिट प्लेटलेट्स उपलब्ध हो सका। तीमारदारों का आरोप हैं कि अस्पताल के ब्लड बैंक में प्लेटलेट्स उपलब्ध न होने की जानकारी देकर तीमारदारों को बाहर भेज दिया जा रहा है। जबकि ओपेक चिकित्सालय कैली के ब्लड बैंक की प्रतिदिन 15 यूनिट प्लेटलेट्स तैयार करने की क्षमता है। वहीं जिला अस्पताल के ओपीडी में भी दो व्यस्क मरीज बुधवार को डेंगू पॉजिटिव पाए गए हैं। इन्हें होम आइसुलेट रखने की सलाह दी गई है। जबकि पीआईसीयू वार्ड में डेंगू से प्रभावित दो बच्चे भर्ती किए गए हैं। इनका इलाज चल रहा है।
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केशवपुर में आठ लोग आ चुके हैं चपेट में
हर्रैया क्षेत्र के केशवपुर गांव में आठ लोग डेंगू की चपेट में आ चुके हैं। यहां स्वास्थ्य विभाग की टीम तीन दिनों से लगातार भ्रमण कर रही है। 30 से ज्यादा लोगों के खून के नमूने लिए गए हैं। गांव में छिड़काव आदि का कार्य कराया जा रहा है।
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बीमारी फैलने के बाद सक्रिय होती स्वास्थ्य विभाग की टीम
संक्रामक बीमारी फैलने के बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम सक्रिय होती है। इस सीजन में अभी तक यहीं देखा गया है। जेई प्रभावित गांव परसा जागीर, डेंगू प्रभावित गांव केशवपुर, पैकौलिया, डायरिया प्रभावित गांव तिलकपुरवा में मरीज पाए जाने के बाद विभाग अलर्ट मोड में दिखा। इसके पहले इन गांवों में कोई बचाव कार्य नहीं हुआ। जबकि संक्रामक रोग नियंत्रण अनुभाग के अधीन जुलाई- अगस्त में संचारी रोग नियंत्रण अभियान चलाने का दावा किया गया था। इसके तहत ग्राम स्वास्थ्य समितियों के माध्यम से एंटी लार्वा छिड़कांव, सफाई आदि के कार्य कराए जाने अनिवार्य है। मगर ग्राम पंचायत स्तर पर यह समितियां सक्रिय ही नहीं है। कई ग्राम पंचायतों में धन उपलब्ध होने के बाद भी छिड़कांव आदि के उपकरण एवं सामग्री ही नहीं खरीदे गए हैं। स्वास्थ्य एवं पंचायत विभाग इसका सत्यापन भी नहीं कराता है।
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डेंगू को लेकर विभाग अलर्ट है। सभी सीएचसी, पीएचसी पर इलाज की मुकम्मल व्यवस्था की गई है। गांवों में भी बचाव कार्य के लिए सीएचसी स्तर से टीमें भेजी जा रही हैं।
-डॉ. आरएस दुबे, सीएमओ
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कैली में भी डेंगू के दो मरीज किए गए भर्ती, बाहर से लाना पड़ रहा प्लेटलेट्स
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। जिले में डेंगू मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। जिला अस्पताल से लेकर ओपेक चिकित्सालय कैली में डेंगू प्रभावित मरीज भर्ती किए जा रहे हैं। जबकि सीएचसी पर भी इन मरीजों की संख्या बढ़ी हुई है। गंभीर मरीजों के लिए प्लेटलेट का संकट खड़ा हो गया है। मरीजों की जान बचाने के लिए तीमारदार बाहर से 3500 रुपये खर्च कर प्लेटलेट सरकारी अस्पताल में पहुंचा रहे हैं।
मेडिकल कॉलेज के ओपेक चिकित्सालय कैली में डेंगू से प्रभावित दो मरीज भर्ती किए गए हैं। इन्हें अस्पताल की तरफ से प्लेटलेट्स नहीं उपलब्ध कराया जा रहा है। एक मरीज के तीमारदार ने बताया कि मंगलवार को अस्पताल में प्लेटलेट्स बाहर से लाने के लिए कहा गया। इसके मिलने की जानकारी भी नहीं थी। बिचौलियों के माध्यम से किसी तरह एक निजी ब्लड बैंक में गए। वहां 3500 रुपये में चार यूनिट प्लेटलेट्स उपलब्ध कराया गया। तब जाकर उनके मरीज को प्लेटलेट्स चढ़ सका। दूसरे दिन बुधवार को भी इसकी डिमांड की गई। तीमारदारों ने हो हल्ला किया। देर शाम को किसी तरह अस्पताल के भीतर स्थित ब्लड बैंक से डोनर देने पर महज दो यूनिट प्लेटलेट्स उपलब्ध हो सका। तीमारदारों का आरोप हैं कि अस्पताल के ब्लड बैंक में प्लेटलेट्स उपलब्ध न होने की जानकारी देकर तीमारदारों को बाहर भेज दिया जा रहा है। जबकि ओपेक चिकित्सालय कैली के ब्लड बैंक की प्रतिदिन 15 यूनिट प्लेटलेट्स तैयार करने की क्षमता है। वहीं जिला अस्पताल के ओपीडी में भी दो व्यस्क मरीज बुधवार को डेंगू पॉजिटिव पाए गए हैं। इन्हें होम आइसुलेट रखने की सलाह दी गई है। जबकि पीआईसीयू वार्ड में डेंगू से प्रभावित दो बच्चे भर्ती किए गए हैं। इनका इलाज चल रहा है।
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केशवपुर में आठ लोग आ चुके हैं चपेट में
हर्रैया क्षेत्र के केशवपुर गांव में आठ लोग डेंगू की चपेट में आ चुके हैं। यहां स्वास्थ्य विभाग की टीम तीन दिनों से लगातार भ्रमण कर रही है। 30 से ज्यादा लोगों के खून के नमूने लिए गए हैं। गांव में छिड़काव आदि का कार्य कराया जा रहा है।
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बीमारी फैलने के बाद सक्रिय होती स्वास्थ्य विभाग की टीम
संक्रामक बीमारी फैलने के बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम सक्रिय होती है। इस सीजन में अभी तक यहीं देखा गया है। जेई प्रभावित गांव परसा जागीर, डेंगू प्रभावित गांव केशवपुर, पैकौलिया, डायरिया प्रभावित गांव तिलकपुरवा में मरीज पाए जाने के बाद विभाग अलर्ट मोड में दिखा। इसके पहले इन गांवों में कोई बचाव कार्य नहीं हुआ। जबकि संक्रामक रोग नियंत्रण अनुभाग के अधीन जुलाई- अगस्त में संचारी रोग नियंत्रण अभियान चलाने का दावा किया गया था। इसके तहत ग्राम स्वास्थ्य समितियों के माध्यम से एंटी लार्वा छिड़कांव, सफाई आदि के कार्य कराए जाने अनिवार्य है। मगर ग्राम पंचायत स्तर पर यह समितियां सक्रिय ही नहीं है। कई ग्राम पंचायतों में धन उपलब्ध होने के बाद भी छिड़कांव आदि के उपकरण एवं सामग्री ही नहीं खरीदे गए हैं। स्वास्थ्य एवं पंचायत विभाग इसका सत्यापन भी नहीं कराता है।
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डेंगू को लेकर विभाग अलर्ट है। सभी सीएचसी, पीएचसी पर इलाज की मुकम्मल व्यवस्था की गई है। गांवों में भी बचाव कार्य के लिए सीएचसी स्तर से टीमें भेजी जा रही हैं।
-डॉ. आरएस दुबे, सीएमओ