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संकुल प्रभारी नियुक्ति में खेल
ब्यूरो अमर उजाला/ बस्ती
Updated Thu, 27 Oct 2016 11:14 PM IST
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खंड शिक्षा अधिकारियों के नियम विरुद्ध संकुल प्रभारी नियुक्ति करने का खेल जारी है। इसी को लेकर अभी सदर ब्लॉक के आठ संकुल प्रभारियों का मामला चल ही रहा है, कि बनकटी ब्लॉक का प्रकरण सामने आ गया। यहां पर एक 19 साल के जूनियर शिक्षक को संकुल प्रभारी बना दिया, इतना ही दूसरे न्याय पंचायत के शिक्षक को संकुल प्रभारी बना दिया गया। जबकि शासन और बीएसए की ओर से नियम विरुद्घ तैनात किए गए संकुल प्रभारियों के स्थान पर योग्य शिक्षकों को तैनात करने का आदेश जारी किया गया। एडी बेसिक भी इस मामले में बीएसए को आदेश जारी कर चुके हैं। प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष उदय शंकर शुक्ल ने बताया कि जिले के सभी खंड शिक्षा अधिकारी अपने नीजि लाभ के लिए नियम विरुद्घ संकुल प्रभारी बना दिया। बताया कि इसकी शिकायत बीएसए से की गई है, और उन्होंने कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है।
शासनादेश के तहत जूनियर स्कूलों के हेड मास्टर को ही प्रत्येक न्याय पंचायत में एक संकुल प्रभारी बनाना है। अनुभवी शिक्षकों को संकुल प्रभारी बनाने के पीछे सरकार की मंशा शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार लाने के साथ ही उन स्कूलों में जाकर बच्चों को पढ़ाना जहां पर शिक्षकों की कमी है। स्कूलों और बीआरसी व बीएसए कार्यालय के बीच समन्वय स्थापित करना भी सरकार की मंशा है। शासनादेश में स्पष्ट है कि किसी भी प्राइमरी स्कूल और दूसरे न्याय पंचायतों के शिक्षकों को संकुल प्रभारी नहीं बनाया जा सकता। मगर बनकटी में जो रिपोर्ट मिली है, उसके तहत न्याय पंचायत कराहपीठिया में एक ऐसे शिक्षक का संकुल प्रभारी बना दिया गया जो प्राइमरी स्कूल के सहायक अध्यापक के साथ 19 साल जूनियर भी है। इसी तरह न्याय पंचायत भरवलिया में न्याय पंचायत बाघापार के शिक्षक का संकुल प्रभारी बना दिया गया। खंड शिक्षा अधिकारी सुभाष वर्मा ने बताया कि शिक्षकों के अभाव में जूनियर को संकुल प्रभारी बनाया गया, चूंकि अब सीनियर शिक्षकों की तैनाती हो चुकी है, इसलिए जूनियर के स्थान पर सीनियर की तैनाती कर दी जाएगी।
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शासनादेश के तहत जूनियर स्कूलों के हेड मास्टर को ही प्रत्येक न्याय पंचायत में एक संकुल प्रभारी बनाना है। अनुभवी शिक्षकों को संकुल प्रभारी बनाने के पीछे सरकार की मंशा शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार लाने के साथ ही उन स्कूलों में जाकर बच्चों को पढ़ाना जहां पर शिक्षकों की कमी है। स्कूलों और बीआरसी व बीएसए कार्यालय के बीच समन्वय स्थापित करना भी सरकार की मंशा है। शासनादेश में स्पष्ट है कि किसी भी प्राइमरी स्कूल और दूसरे न्याय पंचायतों के शिक्षकों को संकुल प्रभारी नहीं बनाया जा सकता। मगर बनकटी में जो रिपोर्ट मिली है, उसके तहत न्याय पंचायत कराहपीठिया में एक ऐसे शिक्षक का संकुल प्रभारी बना दिया गया जो प्राइमरी स्कूल के सहायक अध्यापक के साथ 19 साल जूनियर भी है। इसी तरह न्याय पंचायत भरवलिया में न्याय पंचायत बाघापार के शिक्षक का संकुल प्रभारी बना दिया गया। खंड शिक्षा अधिकारी सुभाष वर्मा ने बताया कि शिक्षकों के अभाव में जूनियर को संकुल प्रभारी बनाया गया, चूंकि अब सीनियर शिक्षकों की तैनाती हो चुकी है, इसलिए जूनियर के स्थान पर सीनियर की तैनाती कर दी जाएगी।
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