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मूल्यांकन में गति नहीं, बहिष्कार जारी

Wed, 21 Mar 2018 11:43 PM IST
basti
basti Updated Wed, 21 Mar 2018 11:43 PM IST
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ouestion on university examination
एपीएनपीजी कॉलेज में परीक्षा देते परीक्षार्थी। - फोटो : amar ujala
बस्ती। सिद्धार्थ यूनिवर्सिटी की स्नातक और परास्नातक कक्षाओं की परीक्षाएं चल रही हैं। बुधवार से अवध यूनिवर्सिटी की भी परीक्षाएं शुरू हो गईं। जिले के 88 महाविद्यालयों के 41,441 परीक्षार्थी 54 केंद्रों पर परीक्षा दे रहे हैं।
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नकलविहीन परीक्षा के लिए सिद्धार्थ विश्वविद्यालय प्रशासन ने सचल दल की दो टीमें गठित की हैं। दावे तो सीसीटीवी कैमरों की निगरानी में परीक्षा कराने की है। यूपी बोर्ड की परीक्षा की तर्ज पर महाविद्यालयों में सख्ती के दावे भी किए गए लेकिन पिछले 10 दिन में सिर्फ दो ही नकलची पकड़े गए। शहर में तो सीसीटीवी कैमरे लगे हैं लेकिन ग्रामीणांचल में बनाए गए परीक्षों केंद्रों के सभी कक्षों में कैमरे नहीं लगाए जा सके हैं। नकल को रोकने के लिए विश्वविद्यालीय सचल दल के अलावा सेक्टर, जोनल मजिस्ट्रेट और एसटीएफ की निगरानी में परीक्षा कराए जाने की बात कही। जहां पुलिस कर्मी के अलावा नाममात्र के होमगार्ड भेज दिए गए हैं। केंद्र के सूत्रों के मुताबिक नकल माफिया सभी दावों की हवा निकाल रहे हैं। इतना ही नहीं छात्राओं के कॉलेज को छोड़कर अन्य कॉलेजों के परीक्षा केंद्र दूसरी जगह बनाए जाने का दावा भी पूरा नहीं हुआ। 
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कैमरे की जद में नहीं आने की व्यवस्था
परीक्षा केंद्रों के कक्षों में इस एंगिल पर कैमरे लगे हैं जहां से नकल बोलकर कराई जाए और जद में भी नहीं आएं। कुछ कमरों में तो दिखाने के लिए खराब सीसीटीवी कैमरे लगे हैं। शहर से सटे कई महाविद्यालयों के सूत्रों के मुताबिक परीक्षा केंद्र के बाहर सन्नाटा रह रहा है तो भीतर नकल हो रही है। बाकायदा परीक्षा के लिए विषय विशेषज्ञ की ड्यूटी लगाई गई है। जो कमरों में पहुंचकर बोल कर नकल करा रहे हैं। 
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समय से कलेक्शन सेंटर पर नहीं पहुंच रहा बंडल 
कई परीक्षा केंद्रों की कॉपियां समय से न जमा करने की भी खबर है। केंद्राध्यक्षों का कहना है कि प्रशिक्षक से नकल रोकने की बात कही जाती है तो उनके समक्ष सुरक्षा का न होना चुनौती है। ऐसे में चाहकर भी नकल रोक पाने में अपने को असहाय महसूस कर रहे हैं। नकल के चलते ही संकलन केंद्र बनाए गए एपीएन पीजी कॉलेज में समय से उत्तर पुस्तिकाएं भी नहीं पहुंच पा रही हैं। 

प्रशासन को स्थिति बताई गई : जोनल अफसर 
सिद्धार्थ यूनिवर्सिटी की परीक्षाओं के लिए जोनल अधिकारी बनाए गए एपीएनपीजी कॉलेज के प्राचार्य डॉ. असलम सिद्दीकी का कहना है कि नकल रोकेने के लिए कई बार प्रशासन को लिखा गया लेकिन अभी तक न कॉलेजों को और न सचल दल के लोगों को पुलिस फोर्स उपलब्ध कराई गई है। इसके कारण असुरक्षा हमेशा बनी रहती है। डॉ. असलम का कहना है कि विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से कहा गया था जिला मजिस्ट्रेट और एसटीएफ की निगरानी रहेगी लेकिन कहीं कोई सहयोग नहीं मिला है। 


अधिकारियों ने कहा
सिद्धार्थ यूनिवर्सिटी की परीक्षाओं के दौरान पर्याप्त फोर्स नहीं मिलने पर अपर पुलिस अधीक्षक नरेंद्र कुमार सिंह ने कहा कि सेंटर से लेकर कॉपी जमा कराने तक फोर्स दी गई है। लेकिन परीक्षाएं किन-किन तिथियों में हैं इसकी जानकारी यूनिवर्सिटी या जोनल अफसर की ओर से नहीं दी गई। जबकि परीक्षा स्कीम दी जानी चाहिए। ऐसे में जानकारी नहीं हो पाती कि आज परीक्षा है या नहीं। इस बाबत जिला अधिकारी सुशील कुमार मौर्य का कहना है कि प्रशासन की ओर से मजिस्ट्रेट तैनात किए गए हैं।
 

 
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