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खुले में शौच करने वालों को रोकें : कमिश्नर
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 05 Jun 2016 12:22 AM IST
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जिला कार्य योजना की बैठक में स्वच्छ भारत अभियान की समीक्षा करते कमिश्नर पीके सिंह।
- फोटो : रमेश मिश्र
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बस्ती। आयुक्त सभागार में शनिवार को कमिश्नर पीके सिंह की अध्यक्षता में स्वच्छ भारत मिशन की उन्मुखीकरण कार्यशाला का आयोजन हुआ। मुख्य अतिथि एवं पूर्व भारतीय विदेश सेवा व भारत सरकार के सलाहकार पेयजल एवं स्वच्छता राकेश कुमार मैत्रेय ने कहा कि स्वच्छ भारत मिशन की सफलता के मार्ग में आने वाली प्रमुख बाधाओं को चिह्नित करते हुए उन्हें दूर करने का प्रयास पूरी क्षमता से करना होगा। उन्होंने अधिकारियों से आत्म मंथन करने और मिशन के लक्ष्य को प्राप्त करने को कहा।
कमिश्नर पीके सिंह ने अनुशासनहीनता को रेखांकित करते हुए कहा कि खुले में शौच जाने वालों को हतोत्साहित करने के लिए इसके दुष्प्रभावों को संज्ञान में लाने की आवश्यकता है। कहा कि स्वच्छता केवल पंचायत विभाग का ही दायित्व नहीं है। सभी विभागों के प्रयास से ही इसमें सफलता पाई जा सकती है।
कहा कि आज यह संकल्प लिए जाने की आवश्यकता है कि ग्रामीण क्षेत्रों की मां बहन और बेटियां किसी भी दशा में खुले में शौच न करने पाए। उन्होंने स्वच्छ भारत मिशन(ग्रामीण) की सफलता में जन सहभागिता को आवश्यक अंग बताया। कहा कि इसके लिए टोली बनाकर जनसंपर्क करना चाहिए। ग्रामीणों को खुले में शौच जाने के दुष्प्रभावों को बताना होगा और मल संक्रमण के प्रति जागरूक करना होगा। कार्यशाला संयुक्त निदेशक पंचायत एसके पटेल की देखरेख में हुई। इस मौके पर जेडीसी वीपी पांडेय, उपनिदेशक अर्थ एवं संख्या एनएन राय, डीडीओ डीडी शुक्ला आदि अधिकारी मौजूद रहे।
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कमिश्नर पीके सिंह ने अनुशासनहीनता को रेखांकित करते हुए कहा कि खुले में शौच जाने वालों को हतोत्साहित करने के लिए इसके दुष्प्रभावों को संज्ञान में लाने की आवश्यकता है। कहा कि स्वच्छता केवल पंचायत विभाग का ही दायित्व नहीं है। सभी विभागों के प्रयास से ही इसमें सफलता पाई जा सकती है।
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कहा कि आज यह संकल्प लिए जाने की आवश्यकता है कि ग्रामीण क्षेत्रों की मां बहन और बेटियां किसी भी दशा में खुले में शौच न करने पाए। उन्होंने स्वच्छ भारत मिशन(ग्रामीण) की सफलता में जन सहभागिता को आवश्यक अंग बताया। कहा कि इसके लिए टोली बनाकर जनसंपर्क करना चाहिए। ग्रामीणों को खुले में शौच जाने के दुष्प्रभावों को बताना होगा और मल संक्रमण के प्रति जागरूक करना होगा। कार्यशाला संयुक्त निदेशक पंचायत एसके पटेल की देखरेख में हुई। इस मौके पर जेडीसी वीपी पांडेय, उपनिदेशक अर्थ एवं संख्या एनएन राय, डीडीओ डीडी शुक्ला आदि अधिकारी मौजूद रहे।
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