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Basti News: अभी करिए इंतजार... चुनाव बाद यात्रा हो होगी सुखद
Wed, 15 May 2024 01:40 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
Updated Wed, 15 May 2024 01:40 AM IST
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लखनऊ, दिल्ली व आगरा के लिए यात्रियों को नहीं मिल रहीं बसें
भीषण गर्मी में बस स्टेशन पर घंटों करना पड़ रहा इंतजार
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। चरणबद्ध ढंग से चल रहे लोक चुनाव में बस्ती रोडवेज की 64 बसें अधिग्रहित की गई हैं। इसके चलते यात्रियों को मुसीबत झेलनी पड़ रही है। रोडवेज पर यात्रियों को धूप में घंटों बस का इंतजार करना पड़ता है, तब जाकर कोई बस मिल पाती है। यात्रियों काे यह इंतजार फिलहाल चुनाव तक करना होगा। मतगणना के बाद फिर से रोडवेज की यात्रा सुखद होगी।
बस अड्डे पर यात्रियों को लंबी रूट की बसों के लिए घंटों इंतजार करना पड़ रहा है। सबसे ज्यादा परेशानी यात्रियों को लखनऊ, दिल्ली, गाजियाबाद, बरेली, आगरा जैसे शहरों में जाने के लिए करना पड़ता है। ऐसे में अधिक किराया खर्च कर उन्हें प्राइवेट बसों का सहारा लेना पड़ रहा है। बस्ती डिपो में 87 बसें हैं। इनमें से 64 बसें चुनाव में लग गई हैं। अब डिपो के पास मात्र 23 बसें बची हैं। इसके अलावा जिले की करीब 2500 निजी बसों को भी इस बार चुनाव में लगाया जाएगा। इसे लेकर एआरटीओ ने सड़क पर कसरत शुरू कर दी है।
चुनाव में बसें चली जाने के कारण सभी रूटों पर यात्रियों को समय से रोडवेज की बसें नहीं मिल पा रही हैं। यात्रियों को गंतव्य तक जाने के लिए बस अड्डे पर घंटों प्रतीक्षा करनी पड़ रही है।
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बस अड्डे पर कानपुर जाने के लिए बस की प्रतीक्षा कर रहे रहमान खान ने बताया कि तीन घंटे से बस का इंतजार कर रहा हूं, लेकिन रोडवेज की बस नहीं आई। पूछताछ काउंटर पर यात्रियों को यही बताया जा रहा है कि लंबी रूट की बसों के लिए इंतजार करना पड़ेगा। क्योंकि अधिकतर बसें चुनाव ड्यूटी में लगा दी गई हैं।
यात्री प्रभाकर ने बताया कि आगरा तक की यात्रा करनी है। तीन घंटे से रोडवेज बस नहीं मिल रही है। मजबूर होकर अधिक रुपये खर्च कर प्राइवेट वाहन से जाना पड़ेगा। यात्री सुमित सक्सेना ने बताया कि बरेली और दिल्ली के लिए डिपो में रोडवेज बस कई घंटे से नहीं मिल रही है। भीषण गर्मी में प्राइवेट वाहनों में सवारियों को ठूंस कर बैठाया जा रहा है। मजबूर होकर यात्रा करनी पड़ती है।
...
कोट
अधिकतर बसें चुनाव ड्यूटी में हैं। छह बस वापस आई थी। फिर से उन्हें दूसरे स्थान पर भेजा गया है। लोकल रूटों पर बसें हैं, मगर लंबी दूरी वाले स्थानों के लिए कम बस निकल पा रही है। पहले एक दिन में लंबी दूरी की बसों के 48 फेरे लगते थे। इधर 16 फेरा ही लग पा रहा है। चुनाव बाद यात्रियों को राहत मिल सकेगी।
आयुष भटनागर, एआरएच
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भीषण गर्मी में बस स्टेशन पर घंटों करना पड़ रहा इंतजार
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। चरणबद्ध ढंग से चल रहे लोक चुनाव में बस्ती रोडवेज की 64 बसें अधिग्रहित की गई हैं। इसके चलते यात्रियों को मुसीबत झेलनी पड़ रही है। रोडवेज पर यात्रियों को धूप में घंटों बस का इंतजार करना पड़ता है, तब जाकर कोई बस मिल पाती है। यात्रियों काे यह इंतजार फिलहाल चुनाव तक करना होगा। मतगणना के बाद फिर से रोडवेज की यात्रा सुखद होगी।
बस अड्डे पर यात्रियों को लंबी रूट की बसों के लिए घंटों इंतजार करना पड़ रहा है। सबसे ज्यादा परेशानी यात्रियों को लखनऊ, दिल्ली, गाजियाबाद, बरेली, आगरा जैसे शहरों में जाने के लिए करना पड़ता है। ऐसे में अधिक किराया खर्च कर उन्हें प्राइवेट बसों का सहारा लेना पड़ रहा है। बस्ती डिपो में 87 बसें हैं। इनमें से 64 बसें चुनाव में लग गई हैं। अब डिपो के पास मात्र 23 बसें बची हैं। इसके अलावा जिले की करीब 2500 निजी बसों को भी इस बार चुनाव में लगाया जाएगा। इसे लेकर एआरटीओ ने सड़क पर कसरत शुरू कर दी है।
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चुनाव में बसें चली जाने के कारण सभी रूटों पर यात्रियों को समय से रोडवेज की बसें नहीं मिल पा रही हैं। यात्रियों को गंतव्य तक जाने के लिए बस अड्डे पर घंटों प्रतीक्षा करनी पड़ रही है।
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बस अड्डे पर कानपुर जाने के लिए बस की प्रतीक्षा कर रहे रहमान खान ने बताया कि तीन घंटे से बस का इंतजार कर रहा हूं, लेकिन रोडवेज की बस नहीं आई। पूछताछ काउंटर पर यात्रियों को यही बताया जा रहा है कि लंबी रूट की बसों के लिए इंतजार करना पड़ेगा। क्योंकि अधिकतर बसें चुनाव ड्यूटी में लगा दी गई हैं।
यात्री प्रभाकर ने बताया कि आगरा तक की यात्रा करनी है। तीन घंटे से रोडवेज बस नहीं मिल रही है। मजबूर होकर अधिक रुपये खर्च कर प्राइवेट वाहन से जाना पड़ेगा। यात्री सुमित सक्सेना ने बताया कि बरेली और दिल्ली के लिए डिपो में रोडवेज बस कई घंटे से नहीं मिल रही है। भीषण गर्मी में प्राइवेट वाहनों में सवारियों को ठूंस कर बैठाया जा रहा है। मजबूर होकर यात्रा करनी पड़ती है।
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अधिकतर बसें चुनाव ड्यूटी में हैं। छह बस वापस आई थी। फिर से उन्हें दूसरे स्थान पर भेजा गया है। लोकल रूटों पर बसें हैं, मगर लंबी दूरी वाले स्थानों के लिए कम बस निकल पा रही है। पहले एक दिन में लंबी दूरी की बसों के 48 फेरे लगते थे। इधर 16 फेरा ही लग पा रहा है। चुनाव बाद यात्रियों को राहत मिल सकेगी।
आयुष भटनागर, एआरएच