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नोटबंदी: धैर्य खत्म, हंगामा शुरू

Mon, 05 Dec 2016 11:23 PM IST
बस्ती/ अमर उजाला ब्यूरो
बस्ती/ अमर उजाला ब्यूरो Updated Mon, 05 Dec 2016 11:23 PM IST
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Notbandi: grit finish, creating a chaos
सड़क जाम की - फोटो : अमर उजाला
 नोट किल्लत से परेशान पब्लिक का सब्र जवाब दे रहा है। सोमवार को सल्टौआ, फेटवा और पड़री में कैश नहीं मिलने पर लोग सड़क पर जाम लगा दिए। विरोध प्रदर्शन कर जमकर नारेबाजी की।
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रविवार को अवकाश के बाद सोमवार को बैंक खुले तो पहले ही लोग कैश के लिए बैंकों के बाहर लाइन में लग गए। जहां कैश मिल गया वहां तो लाइन में लगना सार्थक रहा जबकि ग्रामीण क्षेत्रों में लाइन में लगने के बाद भी कैश नहीं पा सके। शहर के अधिकांश एटीएम हमेशा की तरह बंद रहे। जो खुले उन पर लोग कड़ाके की ठंड में लाइन लगाकर अपनी बारी का इंतजार करते दिखे। 
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बनकटी प्रतिनिधि के अनुसार पूर्वांचल बैंक देईसांड़, बानपुर, पक्का बाजार कैशलेस रहे। बनकटी  स्थित सिंडिकेट, एसबीआई बैंक में दो-दो हजार व एसबीआई से जुड़े ग्राहक सेवा  केंद्रों पर एक हजार और 500 रुपये दिए गए। ग्राहक सेवा केंद्र बनकटी  के राकेश पाल ने बताया कि बारह हजार खाताधारक है, एक दिन में 50 हजार रुपये ही मिलता है। 
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सल्टौआ प्रतिनिधि के अनुसार पंजाब नेशनल बैंक सल्टौआ में सुबह से ही लोगों ने  कैश की उम्मीद में लाइन लगा ली। बैंककर्मियों के पहुंचते ही लोगों  की उम्मीदें बढ़ गई, मगर जैसे ही बैंक के सामने  नो कैश का  नोटिस चस्पा किया गया लोग भड़क गए। नारेबाजी करते हुए  बस्ती डुमरियागंज मार्ग को बैंक के सामने जाकर जाम दिया। इससे अफरा तफरी मच गई।  बैंक पर मौजूद सुरक्षा कर्मियों ने इसकी जानकारी उच्चाधिकारियों को दी।  मौके पर पहुचे वाल्टरगंज एसएसओ राम अशीष यादव ने लोगों को समझा बुझाकर जाम को हटवाया। भीड़ हटते ही बैंककर्मी भी ताला लगाकर खिसक लिए। कैश निकालने आई शांती  देवी, कृष्ण मुरारी, सरोज, मीना, कुशलवती, पुष्पा ने बताया कि घर में शादी है। पांच दिन से बैंक से रकम नहीं मिली।
 रुधौली प्रतिनिधि के अनुसार ग्रामीण क्षेत्रों में  स्थिति जस की तस बनी है। हालात यह है कि बैंको पर ग्राहको को  विरोध प्रदर्शन करना पड़ रहा है। सोमवार को पूर्वांचल बैंक पड़री पर ग्राहकों के सब्र का बांध टूट जाने के बाद सड़क जाम कर प्रदर्शन किया। हालांकि मौके पर  मौजूद पुलिस बल ने किसी तरह समझाकर भीड़ को तितर-बितर किया। वहीं दूसरी ओर  तहसील मुख्यालय पर स्थित बैंको पर दोपहर तक नो कैश के बोर्ड लटक गए।
गायघाट प्रतिनिधि के अनुसार पूर्वांचल बैंक गायघाट में धन की कमी के चलते लोग परेशान रहे। भारतीय स्टेट बैंक गायघाट के शाखा प्रबंधक एडी श्रीवास्तव ने अपनी  सूझ बूझ से ब्यापारियों  से रुपये जमा करा प्रति ग्राहक दो-दो सौ  रुपये वितरित किया। 
कलवारी प्रतिनिधि के अनुसार पीएनबी फेटवा में कैश न मिलने पर लोगों ने सड़क जाम कर दिया। थानाध्यक्ष कलवारी ने लोगो को समझा कर जाम  खुलवाया। तकरीबन आधा धंटा तक जाम रहा। पीएनबी कलवारी में रकम न होने के कारण लोग परेशान रहे।  पूर्वांचल बैंक कलवारी में धन न रहने के कारण दोपहर में ही बैंक बंद कर  दिए गए। भारतीय स्टेट बैंक पोखरनी में बैंक और एटीएम दोनों से दो दो हजार की  निकासी होने से लोगो ने राहत की सांस ली।
छावनी प्रतिनिधि के अनुसार एसबीआई पीएनबी और पूर्वांचल बैंक की शाखाओं में सोमवार को  केवल एसबीआई के खाताधारकों को ही रकम मिल पाया, शेष में सुबह  से ही नो कैश का बोर्ड लगा रहा। पीएनबी और एसबीआई की शाखाओं पर लगे एटीएम  का शटर भी पूरे दिन नहीं उठा। उपभोक्ता पूरे दिन रकम की आस में बैंक के  आसपास चक्कर काटते रहे। शाम खाली हाथ वापस घर लौटना पड़ा।
वाल्टरगंज प्रतिनिधि के अनुसार क्षेत्र में स्थित भारतीय स्टेट बैंक पर सुबह से खाता धारकों की लंबी  लाइन लग गई। रुपये के लिए लोगों को टोकन लेने के लिए अलग से लाइन लगाना पड़ा। बैंक के अंदर प्रवेश करने के लिए दुबारा लाइन में खड़ा होना पड़ा जिसके कारण लोगों को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा। यहां पर लगा हुआ एटीएम पिछले कई महीनों से खराब पड़ा हुआ है  जिसके कारण उपभोक्ताओं को रुपए निकालने के लिए बैंक का ही सहारा लेना पड़  रहा है। क्षेत्र के भरौली बाबू में स्थित भारतीय स्टेट बैंक के ग्राहक सेवा  केंद्र पर महिलाओं व पुरूषों की लंबी कतारें लगी हुई है। यहां पर प्रति  उपभोक्ता को पांच सौ रुपये दिए गए। जबकि भारतीय स्टेट बैंक की ओर से बचत खाता धारक  को छह हजार रुपये दिए गए। पूर्वांचल बैंक पर प्रति खाताधारकों दो हजार  रुपए ही भुगतान किए गए।
सोनहा प्रतिनिधि के अनुसार पंजाब नेशनल बैंक भिरिया रितुराज में रुपया न मिलने से  लोगों को निराश होकर वापस लौटना पडा है। भिरिया के धर्मेंद्र कुमार, प्रदीप, जगराम, श्रीराम आदि किसानो ने बताया कि रुपया न मिलने से लोगो में नाराजगी है। पूर्वांचल ग्रामीण बैंक सोनहा में भी कैश न होने के कारण खाताधारकों को निराश लौटना पड़ा।

भानपुर प्रतिनिधि के अनुसार नोटबंदी के 27 दिन बाद भी ग्रामीण इलाकों मे बैंको पर लगने वाली  लाइन समाप्त नहीं हो पाई हैं, न ही मांग के सापेक्ष बैंकों में कैश पहुंच पा रहा है। हर रोज लोग बैंक के सामने रुपये के लिए लाइन लगाकर  खाली हाथ वापस लौटने को विवश हैं। सोमवार को सुबह से ही लाइन मे लगे लोगों को बैंक खुलने पर जब कैश न होने  की जानकारी मिली तो वे निराश होकर वापस लौट गए। पीएनबी रामनगर, तुसायल व  पूर्वांचल बैंक शंकरपुर में कैश की आस में तो कई लोग दोपहर बाद तक भी बैंक के बाहर डटें  रहे। पूर्वांचल बैंक असनहरा व एसबीआई भानपुर के  खाता धारकों को मात्र दो हजार रुपये मिला। भानपुर तहसील में सभी एटीएम शोपीस बने हुए है।  एसबीआई  भानपुर का एटीएम बीच में दो दिन के लिए सक्रिय हुआ था लेकिन उसके बाद उसमें  भी कैश न होने के वह बंद हो गया।
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