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राष्ट्रीय खिलाड़ी को मिला आवास
बस्ती ब्यूरो
Updated Wed, 17 May 2017 11:16 PM IST
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हैंडबाल की राष्ट्रीय खिलाड़ी हिना खातून के घर डीएम अरविंद्र कुमार सिंह जाकर पारिवारिक स्थितियो की जानकारी लिया।
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पालीटेक्निक चौराहे पर झोपड़ी बनाकर रहने वाले हैंडबाल की राष्ट्रीय खिलाड़ी हिना खातून के परिवार को डीएम अरविंद सिंह ने आवास का तोहफा दिया है। इसके अलावा खेल अभ्यास के लिए मासिक आहार भत्ता उपलब्ध कराने का वादा किया।
अमर उजाला में मदर्स डे पर छपी ‘मां की मेहनत के बदौलत मुफलिसी में भी छू लिया आसमान’ की खबर को संज्ञान में लेकर जिलाधिकारी ने क्रीडाधिकारी सुरेश बोनकर से पूरी स्थिति जानी। खिलाड़ी हिना खातून की मां के हौसले को सराहने के लिए डीएम मय दलबल उसके झोपड़ी पर जा पहुंचे और घर की स्थिति देख वे खुद ही भौचक रह गए। मां से बातचीत कर उन्हें भरोसा दिलाया कि जो मंसूबा उनके दिल में बेटी के लिए पल रहा है वह परवान चढ़ेगा। मौके पर ही डीएम ने हिना के परिवार को आवास का तोहफा देकर खिलाड़ी की हौसला अफजाई की।
उल्लेखनीय है कि बीस वर्ष पूर्व हिना की मां को उसके पिता ने इस नाते तलाक दे दिया कि उसके कोख से केवल बेटियां ही जन्म ले रही हैं। बीस वर्ष पूर्व हुई इस घटना के बाद से मां तरीबुन्निशां बेटियों को लेकर उक्त स्थान पर चली गई और यहीं लोगों के घर चौका बर्तन करने के बाद अंडा बेंच कर जीवन निर्वाह करने लगी। तब हिना छोटी थी, ज्यों-ज्यों हिना बड़ी होती गई त्यों-त्यों उससे मां की आस बढ़ती गई। खेल में अव्वल हिना के लिए मां खुद कड़ी मशक्कत कर उसे मुकाम दिलाने का प्रयास करती रही। इस बीच उसकी मुलाकात हैंडबाल के जिला सचिव अजय श्रीवास्तव से हो गई। हिना की कद काठी व हैंडबाल के प्रति रुचि देख अजय व जिला क्रीड़ाधिकारी सुरेश बोनकर ने हिना के खेल को निखार दिया। इस दौरान हिना ने महिला हैंडबाल में आठ बार यूपी टीम का नेतृत्व किया। स्नातक शिक्षा प्राप्त हिना एनसीसी में भी सी सर्टिफिकेट धारक है। सुरेश बोनकर ने कहा कि हिना के खेल में आर्थिक व संसाधनों की कोई कमी न होने पाए। इसके निर्देश दिए गए हैं।
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अमर उजाला में मदर्स डे पर छपी ‘मां की मेहनत के बदौलत मुफलिसी में भी छू लिया आसमान’ की खबर को संज्ञान में लेकर जिलाधिकारी ने क्रीडाधिकारी सुरेश बोनकर से पूरी स्थिति जानी। खिलाड़ी हिना खातून की मां के हौसले को सराहने के लिए डीएम मय दलबल उसके झोपड़ी पर जा पहुंचे और घर की स्थिति देख वे खुद ही भौचक रह गए। मां से बातचीत कर उन्हें भरोसा दिलाया कि जो मंसूबा उनके दिल में बेटी के लिए पल रहा है वह परवान चढ़ेगा। मौके पर ही डीएम ने हिना के परिवार को आवास का तोहफा देकर खिलाड़ी की हौसला अफजाई की।
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उल्लेखनीय है कि बीस वर्ष पूर्व हिना की मां को उसके पिता ने इस नाते तलाक दे दिया कि उसके कोख से केवल बेटियां ही जन्म ले रही हैं। बीस वर्ष पूर्व हुई इस घटना के बाद से मां तरीबुन्निशां बेटियों को लेकर उक्त स्थान पर चली गई और यहीं लोगों के घर चौका बर्तन करने के बाद अंडा बेंच कर जीवन निर्वाह करने लगी। तब हिना छोटी थी, ज्यों-ज्यों हिना बड़ी होती गई त्यों-त्यों उससे मां की आस बढ़ती गई। खेल में अव्वल हिना के लिए मां खुद कड़ी मशक्कत कर उसे मुकाम दिलाने का प्रयास करती रही। इस बीच उसकी मुलाकात हैंडबाल के जिला सचिव अजय श्रीवास्तव से हो गई। हिना की कद काठी व हैंडबाल के प्रति रुचि देख अजय व जिला क्रीड़ाधिकारी सुरेश बोनकर ने हिना के खेल को निखार दिया। इस दौरान हिना ने महिला हैंडबाल में आठ बार यूपी टीम का नेतृत्व किया। स्नातक शिक्षा प्राप्त हिना एनसीसी में भी सी सर्टिफिकेट धारक है। सुरेश बोनकर ने कहा कि हिना के खेल में आर्थिक व संसाधनों की कोई कमी न होने पाए। इसके निर्देश दिए गए हैं।
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