{"_id":"584d827c4f1c1b7c3a2c366e","slug":"mist-cold-intact-people-suffering","type":"story","status":"publish","title_hn":"धुंध,ठंड बरकरार, लोग बेहाल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
धुंध,ठंड बरकरार, लोग बेहाल
ब्यूरो अमर उजाला/ बस्ती
Updated Sun, 11 Dec 2016 10:14 PM IST
विज्ञापन
रामनगर कस्बें में ठंड से बचने के लिए ग्रामीणों ने अलाव का सहारा लिया।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
ठंड ने रविवार को भी कोई सहूलियत नहीं दी। सूरज नहीं निकलने से रविवार को भी बच्चे पार्क या अन्य जगहों की जगह घर में ही धमा चौकड़ी करते रहे। हालांकि रविवार को तापमान शनिवार के मुकाबले एक डिग्री अधिक यानी 11 डिग्री सेल्सियस रहा। लेकिन हवाओं के चलने से ठंड में कोई अंतर नहीं पड़ा।
आसमान में धुंध छाए रहने से कोहरे का प्रभाव कुछ कम जरूर हुआ लेकिन पछुआ हवाएं चलने से गलन बरकरार रही। ब्लोअर, अंगेठी और गरम कपड़ों से लोग बचाव करते रहे। अवकाश होने से बाजारों में भी चहल पहल काफी कम थी। नगर पालिका परिषद की ओर से अलाव की व्यवस्था नहीं होने से दफ्ती, टायर और कागज के टुकड़ों को जलाकर लोग हाथ सेंकते नजर आए। सिर्फ रोडवेज, रेलवे स्टेशन और अस्पताल के पास ही लोगों की भीड़ दिखी। चाय की चुस्कियों के बीच सपा में शनिवार को हुए बदलाव और अखबारों में प्रकाशित नोट बंदी की खबरों पर लोग चर्चा करते नजर आए। दो दिन से बैंकों के बंद होने से एटीएम भी ड्राई रहे।
मौसम के मिजाज पर विशेषज्ञ डॉ. पद्यमाकर त्रिपाठी का कहना था कि ठंड से अभी राहत नहीं मिलने वाली है। पश्चिमी विक्षोभ का असर उत्तरभारत पर है। जिसके कारण बर्फीली हवाएं सताएंगी। वहीं कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक डॉ. एसएन सिंह का कहना है कि ऐसे मौसम में आलू की फसल का बचाव की जरूरत है। किसान हल्की सिंचाई करें। जो किसान गेहूं बोने जा रहे हैं इस मौसम में बीज का अनुपात कुछ अधिक कर लें।
विज्ञापन
वहीं हर्रैया, भानपुर और रुधौली तहसील प्रतिनिधियों के मुताबिक अलाव की व्यवस्था ठीक से नहीं हो पाने में लोगों में नाराजगी है। तहसील से लेकर स्वास्थ्य केंद्रों तक लोगों का आना जाना रहता है। लोग चाय भट्टियों के सामने ठंड दूर करने का प्रयास कर रहे हैं।
विज्ञापन
आसमान में धुंध छाए रहने से कोहरे का प्रभाव कुछ कम जरूर हुआ लेकिन पछुआ हवाएं चलने से गलन बरकरार रही। ब्लोअर, अंगेठी और गरम कपड़ों से लोग बचाव करते रहे। अवकाश होने से बाजारों में भी चहल पहल काफी कम थी। नगर पालिका परिषद की ओर से अलाव की व्यवस्था नहीं होने से दफ्ती, टायर और कागज के टुकड़ों को जलाकर लोग हाथ सेंकते नजर आए। सिर्फ रोडवेज, रेलवे स्टेशन और अस्पताल के पास ही लोगों की भीड़ दिखी। चाय की चुस्कियों के बीच सपा में शनिवार को हुए बदलाव और अखबारों में प्रकाशित नोट बंदी की खबरों पर लोग चर्चा करते नजर आए। दो दिन से बैंकों के बंद होने से एटीएम भी ड्राई रहे।
विज्ञापन
मौसम के मिजाज पर विशेषज्ञ डॉ. पद्यमाकर त्रिपाठी का कहना था कि ठंड से अभी राहत नहीं मिलने वाली है। पश्चिमी विक्षोभ का असर उत्तरभारत पर है। जिसके कारण बर्फीली हवाएं सताएंगी। वहीं कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक डॉ. एसएन सिंह का कहना है कि ऐसे मौसम में आलू की फसल का बचाव की जरूरत है। किसान हल्की सिंचाई करें। जो किसान गेहूं बोने जा रहे हैं इस मौसम में बीज का अनुपात कुछ अधिक कर लें।
विज्ञापन
वहीं हर्रैया, भानपुर और रुधौली तहसील प्रतिनिधियों के मुताबिक अलाव की व्यवस्था ठीक से नहीं हो पाने में लोगों में नाराजगी है। तहसील से लेकर स्वास्थ्य केंद्रों तक लोगों का आना जाना रहता है। लोग चाय भट्टियों के सामने ठंड दूर करने का प्रयास कर रहे हैं।