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लखनऊ-दिल्ली : तपती दोपहरी में मुसाफिरों ने सफर से मुंह मोड़ा
Mon, 19 Jun 2023 01:01 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
Updated Mon, 19 Jun 2023 01:01 AM IST
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रोडवेज परिसर में धूप के कारण पसरा सन्नाटा।
बस्ती। लगातार पड़ रही भीषण गर्मी से मुसाफिर यात्रा पर नहीं निकल रहे हैं, जिसने रोडवेज की दैनिक आमदनी को प्रभावित कर दिया है। दूसरी तरफ मानक के अनुसार पर्याप्त यात्री न मिलने के कारण बसें नहीं निकल पा रही हैं। जरूरतमंदों को लखनऊ व दिल्ली पहुंचना मुश्किल हो गया है। वहीं लोकल रूटों पर भी बसों का आवागमन प्रभावित हो चुका है।
पारा बढ़ने के साथ ही परिवहन सेवा बाधित हो गई है। कई लोकल रूट पर जहां समय से बसें नहीं उपलब्ध हो पाती हैं, वहीं लंबी दूरी पर जाने वाले यात्री घंटों बस का इंतजार करते दिखाई देते हैं। इस समय डुमरियागंज रूट पर बस की सुविधा बाधित हो गई है। इस रूट पर कभी बस उपलब्ध होती है तो यात्री नहीं उपलब्ध होते हैं और जब यात्री जुटते हैं तो बस नहीं मिल पाती है। डुमरियागंज व इस रूट पर जाने वाले यात्री राम भुआल, कमल चौधरी, श्याम सिंह व चौधरी शेर सिंह आदि ने बताया कि हम लोग नियमित यात्रा करते हैं लेकिन ऐसा कभी नहीं हुआ। इधर तकरीबन 15 दिन से परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कभी बस ही नहीं रहती तो कभी यात्रियों के अभाव में बस नहीं रवाना हो पाती।
वहीं लंबी दूरी के लिए बढ़नी व सोनौली से दो बसें बस्ती होकर लखनऊ व दिल्ली तक सेवा देती थीं। इसके अलावा बस्ती से नियमित दो बसें इसी रूट पर रवाना होती थीं। जबकि इस समय सिर्फ सोनौली व बढ़नी की बसें ही थोड़े बहुत यात्रियों को लेकर लंबे रूट पर निकल पा रही हैं। वहीं बस्ती की बसें यात्रियों के अभाव में प्रभावित हो रही हैं। जिसका नतीजा यह हो रहा है कि बस्ती डिपो रोजाना घाटे की तरफ बढ़ता जा रहा है।
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तीन लाख रुपए घट गई रोजाना आय
पिछले दिनों की अपेक्षा जून के दूसरे सप्ताह में डिपो की आय में औसतन लगभग तीन लाख रुपए का रोजाना नुक़सान हो रहा है। इसका प्रमुख कारण जहां डिपो के वर्कशॉप में कर्मचारियों की कमी बताई जा रही है, वहीं दिन भर तपती धूप एक बड़ी बाधा बनी हुई है। विभागीय अधिकारियों व कर्मचारियों के अनुसार पहले जहां कुल दिल्ली की दर्जन भर बसों समेत रोजाना कुल तकरीबन 55-60 बसें निकलती थीं, वहीं इन दिनों बमुश्किल से 30-35 बसें ही निकल पा रही हैं।
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प्रचंड धूप से नहीं निकल रहे यात्री
डिपो के एआरएम आयुष भटनागर ने बताया कि लगातार बढ़ती गर्मी को देखते हुए सभी बसों को चाक चौबंद रखा गया है। प्रचंड गर्मी के कारण यात्रियों की संख्या में गिरावट आई है। डिपो में पर्याप्त बसें उपलब्ध हैं, सुबह व शाम को जैसे-जैसे यात्री जुटते हैं, उसी अनुसार बसों को रवाना किया।
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बोले परिचालक
गोरखपुर के लिए बस लेकर जा रहे परिचालक धनंजय मिश्र ने बताया कि पिछले पंद्रह दिन से सवारियां बेहद कम हो गई हैं। लंबे इंतजार के बाद बमुश्किल दस सवारी मिली है, जिसे लेकर गोरखपुर जा रहे हैं।
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लखनऊ जा रहे बस के परिचालक अमरेश चौधरी ने बताया कि सुबह 11 बजे से बस लगाकर खड़े हैं। अब तक केवल 12 यात्री ही मिले हैं, मगर बस लेकर जाना पड़ेगा। रास्ते में भी इन दिनों सवारियां नहीं मिल रही हैं।
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पारा बढ़ने के साथ ही परिवहन सेवा बाधित हो गई है। कई लोकल रूट पर जहां समय से बसें नहीं उपलब्ध हो पाती हैं, वहीं लंबी दूरी पर जाने वाले यात्री घंटों बस का इंतजार करते दिखाई देते हैं। इस समय डुमरियागंज रूट पर बस की सुविधा बाधित हो गई है। इस रूट पर कभी बस उपलब्ध होती है तो यात्री नहीं उपलब्ध होते हैं और जब यात्री जुटते हैं तो बस नहीं मिल पाती है। डुमरियागंज व इस रूट पर जाने वाले यात्री राम भुआल, कमल चौधरी, श्याम सिंह व चौधरी शेर सिंह आदि ने बताया कि हम लोग नियमित यात्रा करते हैं लेकिन ऐसा कभी नहीं हुआ। इधर तकरीबन 15 दिन से परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कभी बस ही नहीं रहती तो कभी यात्रियों के अभाव में बस नहीं रवाना हो पाती।
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वहीं लंबी दूरी के लिए बढ़नी व सोनौली से दो बसें बस्ती होकर लखनऊ व दिल्ली तक सेवा देती थीं। इसके अलावा बस्ती से नियमित दो बसें इसी रूट पर रवाना होती थीं। जबकि इस समय सिर्फ सोनौली व बढ़नी की बसें ही थोड़े बहुत यात्रियों को लेकर लंबे रूट पर निकल पा रही हैं। वहीं बस्ती की बसें यात्रियों के अभाव में प्रभावित हो रही हैं। जिसका नतीजा यह हो रहा है कि बस्ती डिपो रोजाना घाटे की तरफ बढ़ता जा रहा है।
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तीन लाख रुपए घट गई रोजाना आय
पिछले दिनों की अपेक्षा जून के दूसरे सप्ताह में डिपो की आय में औसतन लगभग तीन लाख रुपए का रोजाना नुक़सान हो रहा है। इसका प्रमुख कारण जहां डिपो के वर्कशॉप में कर्मचारियों की कमी बताई जा रही है, वहीं दिन भर तपती धूप एक बड़ी बाधा बनी हुई है। विभागीय अधिकारियों व कर्मचारियों के अनुसार पहले जहां कुल दिल्ली की दर्जन भर बसों समेत रोजाना कुल तकरीबन 55-60 बसें निकलती थीं, वहीं इन दिनों बमुश्किल से 30-35 बसें ही निकल पा रही हैं।
प्रचंड धूप से नहीं निकल रहे यात्री
डिपो के एआरएम आयुष भटनागर ने बताया कि लगातार बढ़ती गर्मी को देखते हुए सभी बसों को चाक चौबंद रखा गया है। प्रचंड गर्मी के कारण यात्रियों की संख्या में गिरावट आई है। डिपो में पर्याप्त बसें उपलब्ध हैं, सुबह व शाम को जैसे-जैसे यात्री जुटते हैं, उसी अनुसार बसों को रवाना किया।
बोले परिचालक
गोरखपुर के लिए बस लेकर जा रहे परिचालक धनंजय मिश्र ने बताया कि पिछले पंद्रह दिन से सवारियां बेहद कम हो गई हैं। लंबे इंतजार के बाद बमुश्किल दस सवारी मिली है, जिसे लेकर गोरखपुर जा रहे हैं।
लखनऊ जा रहे बस के परिचालक अमरेश चौधरी ने बताया कि सुबह 11 बजे से बस लगाकर खड़े हैं। अब तक केवल 12 यात्री ही मिले हैं, मगर बस लेकर जाना पड़ेगा। रास्ते में भी इन दिनों सवारियां नहीं मिल रही हैं।