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Basti News: हर बार आखिरी चेतावनी... फिर भी बनकर तैयार नहीं हुआ छावनी ओवरब्रिज
Fri, 23 Aug 2024 02:23 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
Updated Fri, 23 Aug 2024 02:23 AM IST
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अयोध्या गोरखपुर हाईवे पर छावनी में निर्माणाधीन ओवरब्रिज।
- अक्तूबर 2023 में ही बनकर तैयार होना था छावनी में ओवरब्रिज
- दो साल से सर्विस रोड पर चल रहा है लखनऊ- गोरखपुर फोरलेन का आवागमन
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। छावनी में लखनऊ- गोरखपुर फोरलेन पर प्रस्तावित ओवरब्रिज निर्धारित अवधि के एक साल बाद भी बनकर तैयार नहीं हो सका। इस पुल को तैयार करने के लिए लोकनिर्माण विभाग के मंत्री से लेकर डीएम तक कई हिदायत भी दे चुके हैं। कार्यदाई एजेंसी के लिए हर बार आखिरी चेतावनी रहती है। बावजूद इसके प्रस्तावित ओवरब्रिज चलने के काबिल नहीं हो सका। दो साल से फोरलेन का आवागमन एक किलोमीटर की दूरी में सर्विस रोड पर चल रहा है।
छावनी में प्रस्तावित ओवर ब्रिज के निर्माण पर शुरू से ही ग्रहण लगा है। यह परियोजना तीन साल पुरानी होने वाली है। अक्तूबर 2023 में इसे पूरा होना था। एक साल की देरी के बाद भी इस ओवरब्रिज का निर्माण पूर्ण नहीं हो सका। शुरूआत के एक साल तक मुआवजा वितरण न होने से निर्माण ठप रहा। किसी तरह मुआवजा वितरित हुआ तो कार्यदाई एजेंसी पीडब्ल्यूडी एनएच शाखा निर्माण कार्य में तेजी ही नहीं ला पाई। जबकि दो साल से निर्माण के चलते छावनी कस्बे में गोरखपुर- लखनऊ फोरलेन अवरूद्ध कर दिया गया है। इस मार्ग का आवागमन एक किमी तक सर्विस लेन पर उतार दिया गया है। छावनी कस्बे के अलावा फोरलेन का आवागमन होने से सर्विस लेन पर दिन में जाम की समस्या लगातार बनी हुई है। पिछले साल अक्तूबर 2023 में इस निर्माणाधीन ओवरब्रिज के निरीक्षण के दौरान लोक निर्माण विभाग के मंत्री ने दिसंबर 2023 तक इसे पूर्ण करने के निर्देश दिए थे। इसके बाद प्रदेश के मुख्य सचिव ने भ्रमण कार्यक्रम के दौरान इस फ्लाईओवर को जल्द पूर्ण करने की सख्त हिदायत थी। बावजूद इसके निर्माण कार्य में तेजी नहीं आई। जनवरी 2024 में तत्कालीन डीएम अंद्रा वामसी ने कार्यदाई एजेंसी को मार्च 2024 तक का समय दिया। अप्रैल में इस ओवरब्रिज को चालू करने के लिए आखिरी चेतावनी दी गई। मगर स्थिति जस की तस रह गई। ओवरब्रिज का केवल ढांचा तैयार हो पाया है। सड़क के निर्माण में कुछ कार्य शेष बचे हुए हैं। कार्यदाई एजेंसी का कहना है कि 80 प्रतिशत से अधिक कार्य हो चुका है। लेकिन इसे चालू करने के लिए हर महीने अवधि बढ़ानी पड़ रही है। इस लेटलतीफी की मार हाईवे के यात्रियों को झेलनी पड़ रही है। सर्विस लेन पर आवागमन उतार दिए जाने से दुर्घटना की संभावना बनी रहती है। इस माह में इसे चालू कर पाना कठिन लग रहा है।
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रामजानकी मार्ग का हिस्सा है यह ओवरब्रिज
छावनी में फोरलेन पर ओवरब्रिज का निर्माण रामजानकी मार्ग के टू-लेन सड़क परियोजना के तहत कराया जा रहा है। इस ओवरब्रिज के नीचे रामजानकी मार्ग को अंडरपास देकर फोरलेन से जोड़ा जाएगा। मगर निर्माण कार्य पूरा न होने के कारण रामजानकी मार्ग का जुड़ाव हाईवे से नहीं हो पा रहा है। ऊपर से फोरलेन का आवागमन भी प्रभावित है।
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तत्कालीन डीएम के स्थानांतरण के बाद धीमी हुई कार्य की गति
जून माह में तत्कालीन डीएम अंद्रा वामसी ने कार्यदाई एजेंसी को जुलाई में ओवरब्रिज चालू करने के लिए आखिरी बार चेताया था। इसके बाद कार्रवाई की चेतावनी दी गई थी। इस दौरान निर्माण कार्य में काफी तेजी आई थी। ओवरब्रिज के सड़क का पैच कार्य लगभग पूरा कर लिया गया था। इसी बीच तत्कालीन डीएम का स्थानांतरण हो गया। ऐसे में कार्यदाई एजेंसी फिर सुस्त पड़ गई। निर्माण कार्य की गति धीमी हो गई और दो महीने का समय बीतने के बाद यह ओवरब्रिज चालू नहीं किया जा सका।
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सौ करोड़ होने हैं खर्च
छावनी में ओवरब्रिज निर्माण पर सौ करोड़ रुपये खर्च किए जाने हैं। पांच सौ मीटर लंबाई में 24 मीटर चौड़ा ओवरब्रिज बनाया जा रहा है। ताकि फोरलेन का मानक पूरा हो सकें। ओवरब्रिज न बनने से आवागमन प्रभावित है।
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जनप्रतिनिधि भी नहीं ले रहे रूचि
ओवरब्रिज के निर्माण में हो रही लेटलतीफी की सुधि स्थानीय जनप्रतिनिधियों को भी नहीं है। जिले स्तर एवं शासन स्तर पर होने वाली प्रमुख बैठकों में जनप्रतिनिधियों को यह मुद्दा याद नहीं रहता है। इस वजह से भी निर्माण कार्य में तेजी नहीं आ पा रही है।
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ओवरब्रिज का कार्य लगभग अंतिम चरण में है। छिटपुट कार्य ही शेष बचे हैं। उसे भी जल्द पूरा करा दिया जाएगा। कुछ दिनों में ओवरब्रिज चालू होने वाला है।
इं. आरके वर्मा, एक्सईएन, पीडब्ल्यूडी, एनएच।
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- दो साल से सर्विस रोड पर चल रहा है लखनऊ- गोरखपुर फोरलेन का आवागमन
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। छावनी में लखनऊ- गोरखपुर फोरलेन पर प्रस्तावित ओवरब्रिज निर्धारित अवधि के एक साल बाद भी बनकर तैयार नहीं हो सका। इस पुल को तैयार करने के लिए लोकनिर्माण विभाग के मंत्री से लेकर डीएम तक कई हिदायत भी दे चुके हैं। कार्यदाई एजेंसी के लिए हर बार आखिरी चेतावनी रहती है। बावजूद इसके प्रस्तावित ओवरब्रिज चलने के काबिल नहीं हो सका। दो साल से फोरलेन का आवागमन एक किलोमीटर की दूरी में सर्विस रोड पर चल रहा है।
छावनी में प्रस्तावित ओवर ब्रिज के निर्माण पर शुरू से ही ग्रहण लगा है। यह परियोजना तीन साल पुरानी होने वाली है। अक्तूबर 2023 में इसे पूरा होना था। एक साल की देरी के बाद भी इस ओवरब्रिज का निर्माण पूर्ण नहीं हो सका। शुरूआत के एक साल तक मुआवजा वितरण न होने से निर्माण ठप रहा। किसी तरह मुआवजा वितरित हुआ तो कार्यदाई एजेंसी पीडब्ल्यूडी एनएच शाखा निर्माण कार्य में तेजी ही नहीं ला पाई। जबकि दो साल से निर्माण के चलते छावनी कस्बे में गोरखपुर- लखनऊ फोरलेन अवरूद्ध कर दिया गया है। इस मार्ग का आवागमन एक किमी तक सर्विस लेन पर उतार दिया गया है। छावनी कस्बे के अलावा फोरलेन का आवागमन होने से सर्विस लेन पर दिन में जाम की समस्या लगातार बनी हुई है। पिछले साल अक्तूबर 2023 में इस निर्माणाधीन ओवरब्रिज के निरीक्षण के दौरान लोक निर्माण विभाग के मंत्री ने दिसंबर 2023 तक इसे पूर्ण करने के निर्देश दिए थे। इसके बाद प्रदेश के मुख्य सचिव ने भ्रमण कार्यक्रम के दौरान इस फ्लाईओवर को जल्द पूर्ण करने की सख्त हिदायत थी। बावजूद इसके निर्माण कार्य में तेजी नहीं आई। जनवरी 2024 में तत्कालीन डीएम अंद्रा वामसी ने कार्यदाई एजेंसी को मार्च 2024 तक का समय दिया। अप्रैल में इस ओवरब्रिज को चालू करने के लिए आखिरी चेतावनी दी गई। मगर स्थिति जस की तस रह गई। ओवरब्रिज का केवल ढांचा तैयार हो पाया है। सड़क के निर्माण में कुछ कार्य शेष बचे हुए हैं। कार्यदाई एजेंसी का कहना है कि 80 प्रतिशत से अधिक कार्य हो चुका है। लेकिन इसे चालू करने के लिए हर महीने अवधि बढ़ानी पड़ रही है। इस लेटलतीफी की मार हाईवे के यात्रियों को झेलनी पड़ रही है। सर्विस लेन पर आवागमन उतार दिए जाने से दुर्घटना की संभावना बनी रहती है। इस माह में इसे चालू कर पाना कठिन लग रहा है।
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रामजानकी मार्ग का हिस्सा है यह ओवरब्रिज
छावनी में फोरलेन पर ओवरब्रिज का निर्माण रामजानकी मार्ग के टू-लेन सड़क परियोजना के तहत कराया जा रहा है। इस ओवरब्रिज के नीचे रामजानकी मार्ग को अंडरपास देकर फोरलेन से जोड़ा जाएगा। मगर निर्माण कार्य पूरा न होने के कारण रामजानकी मार्ग का जुड़ाव हाईवे से नहीं हो पा रहा है। ऊपर से फोरलेन का आवागमन भी प्रभावित है।
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तत्कालीन डीएम के स्थानांतरण के बाद धीमी हुई कार्य की गति
जून माह में तत्कालीन डीएम अंद्रा वामसी ने कार्यदाई एजेंसी को जुलाई में ओवरब्रिज चालू करने के लिए आखिरी बार चेताया था। इसके बाद कार्रवाई की चेतावनी दी गई थी। इस दौरान निर्माण कार्य में काफी तेजी आई थी। ओवरब्रिज के सड़क का पैच कार्य लगभग पूरा कर लिया गया था। इसी बीच तत्कालीन डीएम का स्थानांतरण हो गया। ऐसे में कार्यदाई एजेंसी फिर सुस्त पड़ गई। निर्माण कार्य की गति धीमी हो गई और दो महीने का समय बीतने के बाद यह ओवरब्रिज चालू नहीं किया जा सका।
सौ करोड़ होने हैं खर्च
छावनी में ओवरब्रिज निर्माण पर सौ करोड़ रुपये खर्च किए जाने हैं। पांच सौ मीटर लंबाई में 24 मीटर चौड़ा ओवरब्रिज बनाया जा रहा है। ताकि फोरलेन का मानक पूरा हो सकें। ओवरब्रिज न बनने से आवागमन प्रभावित है।
जनप्रतिनिधि भी नहीं ले रहे रूचि
ओवरब्रिज के निर्माण में हो रही लेटलतीफी की सुधि स्थानीय जनप्रतिनिधियों को भी नहीं है। जिले स्तर एवं शासन स्तर पर होने वाली प्रमुख बैठकों में जनप्रतिनिधियों को यह मुद्दा याद नहीं रहता है। इस वजह से भी निर्माण कार्य में तेजी नहीं आ पा रही है।
ओवरब्रिज का कार्य लगभग अंतिम चरण में है। छिटपुट कार्य ही शेष बचे हैं। उसे भी जल्द पूरा करा दिया जाएगा। कुछ दिनों में ओवरब्रिज चालू होने वाला है।
इं. आरके वर्मा, एक्सईएन, पीडब्ल्यूडी, एनएच।