{"_id":"5edfb5a68ebc3e43024fd0c2","slug":"korona-basti-news-gkp3541307178","type":"story","status":"publish","title_hn":"कोरोना संक्रमितों के इलाज में लापरवाही बर्दाश्त नहीं","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कोरोना संक्रमितों के इलाज में लापरवाही बर्दाश्त नहीं
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
डीएम बोले, सीएम हेल्पलाइन से मरीजों का पूछा जा रहा हाल
संवाद न्यूज
बस्ती। कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी आशुतोष निरंजन ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक की। उन्होंने कहा कि कोरोना वायरस से मौत के लिए अधिकारियों-कर्मचारियों की जिम्मेदारी तय की जाएगी। संक्रमित मरीजों के इलाज में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मरीजों से सीएम हेल्पलाइन द्वारा सीधे बात करके फीडबैक भी लिया जा रहा है। मरीजों ने बताया है कि डॉक्टर व पैरामेडिकल स्टाफ समय से उनको अटेंड नहीं करते हैं, समय से उनकी विभिन्न जांच नहीं की जाती हैं। जांच रिपोर्ट आने पर समय से जानकारी नहीं दी जाती है। परिवार के लोगों को मरीज की हालत के बारे में नहीं बताया जाता है।
डीएम ने कहा कि आने वाले दिनों में क्वारंटीन सेंटर पर भी सीएम हेल्पलाइन से फोन आ सकता है और वहां की व्यवस्थाओं के बारे में जानकारी ली जा सकती है। ऐसे में सभी डॉक्टर एवं पैरामेडिकल स्टाफ सतर्क रहे और अपने कर्तव्यों का निर्वहन करें। स्वास्थ्य केंद्रों से कोरोना के संभावित मरीजों को तत्काल जांच के लिए जिला चिकित्सालय रेफर किया जाए।
गांव में बाहर से आए हुए लोगों के बारे में आशा सही सूचना नहीं दे रही हैं। कुछ आशाएं तो फोन भी नहीं उठा रही हैं यह आपत्तिजनक है। आशा वर्करों को प्रत्येक तीसरे दिन बाहर से आए हुए लोगों के घर जाकर विजिट करना है। स्वास्थ्य के बारे में जानकारी लेकर निगरानी समिति और प्रभारी चिकित्साधिकारी को जानकारी देनी है। उन्होंने सभी एमओआईसी को निर्देश दिया कि आशाओं के क्रियाकलाप पर नजर रखें। 10 वर्ष से कम आयु के बच्चों, गर्भवती माताओं और 50 वर्ष से ऊपर आयु के व्यक्तियों के अलावा कैंसर, डायबिटीज, टीवी आदि गंभीर बीमारियों के रोगियों की मॉनिटरिंग की जानी है। इसमें लापरवाही पर आशा कार्यकर्ता के खिलाफ एफआईआर दर्ज होगी।
विज्ञापन
इस दौरान सीडीओ सरनीत कौर ब्रोका, प्रधानाचार्य मेडिकल कॉलेज डॉ नवनीत कुमार, सीएमएस डॉ जीएम शुक्ला, सीएमएस डॉ एके सिंह, डॉ फखरेयार हुसैन, डॉ सीके वर्मा, डॉ सीएल कन्नौजिया आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
संवाद न्यूज
बस्ती। कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी आशुतोष निरंजन ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक की। उन्होंने कहा कि कोरोना वायरस से मौत के लिए अधिकारियों-कर्मचारियों की जिम्मेदारी तय की जाएगी। संक्रमित मरीजों के इलाज में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मरीजों से सीएम हेल्पलाइन द्वारा सीधे बात करके फीडबैक भी लिया जा रहा है। मरीजों ने बताया है कि डॉक्टर व पैरामेडिकल स्टाफ समय से उनको अटेंड नहीं करते हैं, समय से उनकी विभिन्न जांच नहीं की जाती हैं। जांच रिपोर्ट आने पर समय से जानकारी नहीं दी जाती है। परिवार के लोगों को मरीज की हालत के बारे में नहीं बताया जाता है।
डीएम ने कहा कि आने वाले दिनों में क्वारंटीन सेंटर पर भी सीएम हेल्पलाइन से फोन आ सकता है और वहां की व्यवस्थाओं के बारे में जानकारी ली जा सकती है। ऐसे में सभी डॉक्टर एवं पैरामेडिकल स्टाफ सतर्क रहे और अपने कर्तव्यों का निर्वहन करें। स्वास्थ्य केंद्रों से कोरोना के संभावित मरीजों को तत्काल जांच के लिए जिला चिकित्सालय रेफर किया जाए।
विज्ञापन
गांव में बाहर से आए हुए लोगों के बारे में आशा सही सूचना नहीं दे रही हैं। कुछ आशाएं तो फोन भी नहीं उठा रही हैं यह आपत्तिजनक है। आशा वर्करों को प्रत्येक तीसरे दिन बाहर से आए हुए लोगों के घर जाकर विजिट करना है। स्वास्थ्य के बारे में जानकारी लेकर निगरानी समिति और प्रभारी चिकित्साधिकारी को जानकारी देनी है। उन्होंने सभी एमओआईसी को निर्देश दिया कि आशाओं के क्रियाकलाप पर नजर रखें। 10 वर्ष से कम आयु के बच्चों, गर्भवती माताओं और 50 वर्ष से ऊपर आयु के व्यक्तियों के अलावा कैंसर, डायबिटीज, टीवी आदि गंभीर बीमारियों के रोगियों की मॉनिटरिंग की जानी है। इसमें लापरवाही पर आशा कार्यकर्ता के खिलाफ एफआईआर दर्ज होगी।
विज्ञापन
इस दौरान सीडीओ सरनीत कौर ब्रोका, प्रधानाचार्य मेडिकल कॉलेज डॉ नवनीत कुमार, सीएमएस डॉ जीएम शुक्ला, सीएमएस डॉ एके सिंह, डॉ फखरेयार हुसैन, डॉ सीके वर्मा, डॉ सीएल कन्नौजिया आदि मौजूद रहे।