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निलंबित उप निदेशक कृषि का ज्वाइनिंग आदेश निरस्त
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 12 Dec 2015 12:28 AM IST
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बस्ती। डीएम अनिल कुमार दमेले ने दो दिन पहले जारी अपने उस आदेश को निरस्त
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कर दिया है, जिसके आधार पर निलंबित उप निदेशक कृषि डॉ. पीके कन्नौजिया ने
कार्यभार ग्रहण किया था।
शुक्रवार को जारी आदेश में कहा गया है कि निलंबन पर मिले कोर्ट के स्थगन आदेश पर उपनिदेशक को कार्यभार ग्रहण कराना उनके अधिकार क्षेत्र के बाहर है।
उप निदेशक कृषि से कहा गया है कि वह अपना प्रत्यावेदन शासन में करें। इसके साथ ही डीएम ने पूर्व की भांति उप निदेशक कृषि का प्रभार जिला कृषि अधिकारी डॉ. सतीशचंद्र पाठक को देने का आदेश जारी किया है।
उल्लेखनीय है कि किसानों के हितों की अनदेखी के आरोप में शासन ने 21 नवंबर को जेडीए और डीडी को एक साथ निलंबित कर दोनों को मुख्यालय से संबद्ध कर दिया था। निलंबन के विरुद्ध दोनों उच्च न्यायालय चले गए।
हाईकोर्ट ने निलंबन की कार्रवाई पर रोक लगा दी। डीडी ने नौ दिसंबर 2015 को डीएम के समक्ष कार्यभार ग्रहण कराने का प्रत्यावेदन दिया। डीएम ने उसी दिन डीडी को कार्यभार ग्रहण करने का आदेश पारित किया और इसकी जानकारी प्रमुख सचिव कृषि को दे दी।
दो दिन बाद डीएम को पता चला कि उपनिदेशक को कार्यभार ग्रहण कराने का अधिकार शासन को है, उन्होंने आदेश को वापस ले लिया। डीएम ने बताया कि व्यस्तता के कारण पत्रावली का वह ठीक से अवलोकन नहीं कर पाए थे।
इस मामले में न तो वह पक्षकार हैं और न ही उन्हें कार्यभार ग्रहण कराने का कोई अधिकार है। इसलिए जो उन्होंने अपने नौ दिसंबर के आदेश को निरस्त कर दिया है और इसकी जानकारी शासन सहित कृषि विभाग को दे दी गई।
शुक्रवार को जारी आदेश में कहा गया है कि निलंबन पर मिले कोर्ट के स्थगन आदेश पर उपनिदेशक को कार्यभार ग्रहण कराना उनके अधिकार क्षेत्र के बाहर है।
उप निदेशक कृषि से कहा गया है कि वह अपना प्रत्यावेदन शासन में करें। इसके साथ ही डीएम ने पूर्व की भांति उप निदेशक कृषि का प्रभार जिला कृषि अधिकारी डॉ. सतीशचंद्र पाठक को देने का आदेश जारी किया है।
उल्लेखनीय है कि किसानों के हितों की अनदेखी के आरोप में शासन ने 21 नवंबर को जेडीए और डीडी को एक साथ निलंबित कर दोनों को मुख्यालय से संबद्ध कर दिया था। निलंबन के विरुद्ध दोनों उच्च न्यायालय चले गए।
हाईकोर्ट ने निलंबन की कार्रवाई पर रोक लगा दी। डीडी ने नौ दिसंबर 2015 को डीएम के समक्ष कार्यभार ग्रहण कराने का प्रत्यावेदन दिया। डीएम ने उसी दिन डीडी को कार्यभार ग्रहण करने का आदेश पारित किया और इसकी जानकारी प्रमुख सचिव कृषि को दे दी।
दो दिन बाद डीएम को पता चला कि उपनिदेशक को कार्यभार ग्रहण कराने का अधिकार शासन को है, उन्होंने आदेश को वापस ले लिया। डीएम ने बताया कि व्यस्तता के कारण पत्रावली का वह ठीक से अवलोकन नहीं कर पाए थे।
इस मामले में न तो वह पक्षकार हैं और न ही उन्हें कार्यभार ग्रहण कराने का कोई अधिकार है। इसलिए जो उन्होंने अपने नौ दिसंबर के आदेश को निरस्त कर दिया है और इसकी जानकारी शासन सहित कृषि विभाग को दे दी गई।