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Basti News: जिला अस्पताल में फिर मिले जेई-एईएस संक्रमित बच्चे

Wed, 28 Aug 2024 11:40 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती Updated Wed, 28 Aug 2024 11:40 PM IST
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JE-AES infected children found again in the district hospital
जिला अस्पताल का पीआईसीयू वार्ड में बच्चों का इलाज करते डा.सरफराज खान। 
अगस्त माह में हाईग्रेड फीवर से पीड़ित बच्चों की संख्या बढ़ी
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चार में एईएस और दो बच्चों में दिखे जेई के लक्षण, चार की आई पॉजिटिव रिपोर्ट
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। जेई-एईएस का प्रकोप अभी खत्म नहीं हुआ है। बच्चों के साथ काफी सावधानी बरतने की जरूरत है। वरना संक्रमण की चपेट में कब आ जाएं, कुछ कहा नहीं जा सकता है। जिला अस्पताल के पीआईसीयू वार्ड में जेई-एईएस संक्रमित बच्चों की संख्या बढ़ रही है।
इस माह दो बच्चे जेई संक्रमित और दो एईएस पॉजिटिव फिर मिले हैं। जबकि दो अन्य बच्चों में भी एईएस के लक्षण पाए गए हैं। इसमें से दो बच्चों की रिपोर्ट एक सप्ताह के अंदर आई है। हालांकि, यह सभी बच्चे खतरे से बाहर बताए जा रहे हैं। मगर, इस तरह के मरीजों की संख्या बढ़ने से संचारी रोग नियंत्रण अभियान की हवा निकल गई है।
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पीआईसीयू वार्ड के इंचार्ज के अनुसार, संतकबीरनगर जिले दुधारा की गुड्डी (10) 23 अगस्त को भर्ती की गई थी। उसमें जेई के लक्षण दिखाई पड़े। जांच रिपोर्ट के लिए नमूना भेजा गया। दो दिन बाद रिपोर्ट पॉजिटिव आ गई। गुड्डी का इलाज अभी चल रहा है। इसके पहले बहादुरपुर की अंजली आठ अगस्त को भर्ती हुई थी। उसकी भी रिपोर्ट जेई पॉजिटिव आई। हालांकि ठीक होने के बाद उसे 16 अगस्त को डिस्चार्ज कर घर भेज दिया गया।
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चार मरीजों में एईएस के लक्षण पाए गए हैं। इसमें इलाज के दौरान रमवापुर कप्तानगंज की तीन वर्षीय बुद्ध प्रिया और कटरा खुर्द के गनेश की रिपोर्ट पॉजिटिव आ चुकी है। दो अन्य बच्चों में एक की रिपोर्ट अभी नहीं आई है। एक बच्चे की रिपोर्ट निगेटिव आई है। यहां हाईग्रेड फीवर से पीड़ित बच्चों की संख्या बढ़ी हुई है। बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. सरफराज ने बताया कि अगस्त में इस तरह के मरीज ज्यादा आ रहे हैं। फिलहाल सावधानी पूर्वक सभी बच्चों का इलाज किया जा रहा है। अभी तक जेई-एईएस एवं हाईग्रेड फीवर से प्रभावित सभी बच्चों को पूरी तरह से स्वस्थ करके ही भेजा गया है।
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मिल चुके हैं छह एईएएस और दो जेई के मरीज
जिला अस्पताल के पीआईसीयू वार्ड में इस साल अब तक छह एईएस और दो जेई के मरीज मिल चुके हैं। जबकि 112 मरीज हाईग्रेड फीवर से पीड़ित होकर भर्ती हो चुके हैं। इन सभी को ठीक भी किया जा चुका है। तेज बुखार से पीड़ित बच्चों का पहले इलाज शुरू कर दिया जा रहा है। इसके एक-दो दिन बाद लक्षण दिखने पर ही खून का नमूना जांच के लिए भेजा जाता है। दो से तीन दिन के उपचार के बाद बच्चे डेंजर जोन से बाहर आ जा रहे हैं। इसलिए बहुत गंभीर बच्चों की ही रिपोर्ट पॉजिटिव आ रही है।

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बरतें यह सावधानियां
बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. सरफराज ने बताया कि बारिश के इस सीजन में संक्रमण फैलने का खतरा ज्यादा रहता है। ऐसे में सभी लोग सावधानियां बरतें। यदि बच्चे को दिन दिन तक बुखार न छोड़े तत्काल ऐसे चिकित्सक के पास पहुंचे जहां भर्ती करने की व्यवस्था हो। दीपावली तक यह समस्या रहेगी। घरों के आसपास सफाई पर विशेष ध्यान दें। दरवाजे पर या आसपास पानी न एकत्र होने दें। खिड़की दरवाजा खुला न रखा जाए।
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