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Basti News: फातिमा हॉस्पिटल पहुंची जांच टीम... नहीं मिले सर्जन
Fri, 23 Aug 2024 02:25 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
Updated Fri, 23 Aug 2024 02:25 AM IST
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महिला का लापरवाही पूर्वक आपरेशन किए जाने का मामला
- फोन पर हुई सर्जरी करने वाले चिकित्सक से बात, टीम ने सीएमओ आफिस में किया तलब- निकला नहीं जॉच का निष्कर्ष, मौका मुआयना के लौट आई डिप्टी सीएमओ की टीम
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। महिला का लापरवाही पूर्वक ऑपरेशन कर बच्चेदानी निकालने के मामले में बृहस्पतिवार को डिप्टी सीएमओ की टीम शहर के कटरा पतेलवा मोहल्ले में स्थित फातिमा हॉस्पिटल पहुंची। इस दौरान प्रकरण की जांच शुरू की गई। यहां भर्ती की गई संबंधित महिला की बीएसटी ही केवल उपलब्ध हो पाई। इसके अलावा अस्पताल के पंजीकरण से संबंधित दस्तावेज और सर्जरी करने वाले चिकित्सक नहीं मिले। मौके पर केवल एक बीएमएस चिकित्सक मौजूद मिले। मौका मुआयना और पूछताछ के बाद टीम लौट आई।
महिला की लापरवाही से ऑपरेशन किए जाने का आरोप लगने के तत्काल बाद डिप्टी सीएमओ डॉ. एके चौधरी संबंधित हॉस्पिटल पहुंचे थे। उन्होंने अस्पताल प्रबंधन से 10 बिंदुओं पर सूचना मांगी थी। जिसमें महिला के ऑपरेशन और सर्जरी करने वाले चिकित्सक के अलावा अस्पताल पंजीयन से संबंधित सभी दस्तावेज तलब किए गए हैं। अस्पताल प्रशासन की तरफ से अभी इन बिंदुओं से संबंधित विवरण एवं दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराए गए हैं।
दूसरी बार सीएमओ के निर्देश पर डिप्टी सीएमओ डॉ. रणजीत सिंह के नेतृत्व में गठित तीन सदस्यीय टीम पहुंची। टीम ने भी पूर्व में मांगी गई दस बिंदुओं के अलावा तीन-चार अन्य बिंदुओं पर जानकारी मांगी। मगर, मौके पर अस्पताल प्रशासन की ओर से दस्तावेज एवं विवरण उपलब्ध नहीं कराए जा सकें। इस दौरान महिला की सर्जरी करने वाले चिकित्सक की भी टीम ने तलाश की। मगर, वह अस्पताल में मौजूद नहीं मिले। अलबत्ता अस्पताल की तरफ से उनका मोबाइल नंबर उपलब्ध कराया गया।
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टीम ने उनसे फोन पर बात कर बुलाने का प्रयास किया। लेकिन, संबंधित चिकित्सक अपने पिता की तबियत खराब होने की बात कहकर तत्काल पहुंचने से इनकार कर दिए। टीम ने उन्हें सीएमओ ऑफिस में आकर बयान दर्ज कराने को कहा। डिप्टी सीएमओ के अनुसार जब तक अस्पताल प्रबंधन की तरफ अपेक्षित सूचनाएं एवं दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराए जाएंगे तब तक किसी निष्कर्ष तक पहुंचना संभव नहीं है। अस्पताल प्रबंधन को दिन में तीन बजे तक समस्त विवरण सीएमओ कार्यालय में उपलब्ध कराने को कहा गया था। लेकिन, शाम तक प्रस्तुत नहीं हो सका है। अस्पताल की जॉच पूरी होने के बाद पीड़ित महिला एवं शिकायतकर्ता उनके पति का बयान दर्ज किया जाएगा। इसके बाद कार्रवाई की स्थिति बनेगी।
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दो दिन पहले लौट गई थी टीम
जांच टीम में शामिल डिप्टी सीएमओ डॉ. रणजीत सिंह, सर्जन डॉ. सुनील तिवारी और गायनी डॉ. प्रीति त्रिपाठी को दो दिन पहले ही संबंधित हॉस्पिटल पर जॉच करने पहुंचना था। लेकिन, यह टीम रास्ते से लौट गई। इसको लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। हालांकि टीम ने गायनी चिकित्सक की ड्यूटी लगने के कारण उस दिन वापस होने की जानकारी दी थी।
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यह है प्रकरण
वाल्टरगंज थाना क्षेत्र के गनेशपुर बड़ेवन निवासी मेवालाल ने सीएमओ को शिकायती पत्र देकर फातिमा हॉस्पिटल पर आरोप लगाया था कि उनकी पत्नी रीता को प्रसव पीड़ा होने के दौरान आशा के साथ महिला अस्पताल ले जाया गया। जहां अल्ट्रासाउंड के बाद पता चला कि पेट में बच्चा मर गया है। महिला चिकित्सालय से रेफर होने के बाद वह अपनी पत्नी को फातिमा हाॅस्पिटल एवं मैटरनिटी सेंटर लेकर पहुंचे। आरोप है कि चिकित्सक ने लापरवाही पूर्वक ऑपरेशन के दौरान मृत बच्चे के साथ बच्चेदानी भी निकाल दी। बाद में उनकी पत्नी को रेफर कर दिया गया।
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कोट
टीम ने जांच शुरू कर दी है। अस्पताल प्रबंधन को समस्त विवरण के साथ तलब किया गया है। संबंधित चिकित्सक को भी बुलाया गया है। जॉच पूरी होने के बाद मामले की सच्चाई सामने आएगी। इसके बाद जो भी दोषी होगा कार्रवाई की जाएगी।
-डाॅ. आरएस दुबे, सीएमओ
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- फोन पर हुई सर्जरी करने वाले चिकित्सक से बात, टीम ने सीएमओ आफिस में किया तलब- निकला नहीं जॉच का निष्कर्ष, मौका मुआयना के लौट आई डिप्टी सीएमओ की टीम
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। महिला का लापरवाही पूर्वक ऑपरेशन कर बच्चेदानी निकालने के मामले में बृहस्पतिवार को डिप्टी सीएमओ की टीम शहर के कटरा पतेलवा मोहल्ले में स्थित फातिमा हॉस्पिटल पहुंची। इस दौरान प्रकरण की जांच शुरू की गई। यहां भर्ती की गई संबंधित महिला की बीएसटी ही केवल उपलब्ध हो पाई। इसके अलावा अस्पताल के पंजीकरण से संबंधित दस्तावेज और सर्जरी करने वाले चिकित्सक नहीं मिले। मौके पर केवल एक बीएमएस चिकित्सक मौजूद मिले। मौका मुआयना और पूछताछ के बाद टीम लौट आई।
महिला की लापरवाही से ऑपरेशन किए जाने का आरोप लगने के तत्काल बाद डिप्टी सीएमओ डॉ. एके चौधरी संबंधित हॉस्पिटल पहुंचे थे। उन्होंने अस्पताल प्रबंधन से 10 बिंदुओं पर सूचना मांगी थी। जिसमें महिला के ऑपरेशन और सर्जरी करने वाले चिकित्सक के अलावा अस्पताल पंजीयन से संबंधित सभी दस्तावेज तलब किए गए हैं। अस्पताल प्रशासन की तरफ से अभी इन बिंदुओं से संबंधित विवरण एवं दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराए गए हैं।
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दूसरी बार सीएमओ के निर्देश पर डिप्टी सीएमओ डॉ. रणजीत सिंह के नेतृत्व में गठित तीन सदस्यीय टीम पहुंची। टीम ने भी पूर्व में मांगी गई दस बिंदुओं के अलावा तीन-चार अन्य बिंदुओं पर जानकारी मांगी। मगर, मौके पर अस्पताल प्रशासन की ओर से दस्तावेज एवं विवरण उपलब्ध नहीं कराए जा सकें। इस दौरान महिला की सर्जरी करने वाले चिकित्सक की भी टीम ने तलाश की। मगर, वह अस्पताल में मौजूद नहीं मिले। अलबत्ता अस्पताल की तरफ से उनका मोबाइल नंबर उपलब्ध कराया गया।
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टीम ने उनसे फोन पर बात कर बुलाने का प्रयास किया। लेकिन, संबंधित चिकित्सक अपने पिता की तबियत खराब होने की बात कहकर तत्काल पहुंचने से इनकार कर दिए। टीम ने उन्हें सीएमओ ऑफिस में आकर बयान दर्ज कराने को कहा। डिप्टी सीएमओ के अनुसार जब तक अस्पताल प्रबंधन की तरफ अपेक्षित सूचनाएं एवं दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराए जाएंगे तब तक किसी निष्कर्ष तक पहुंचना संभव नहीं है। अस्पताल प्रबंधन को दिन में तीन बजे तक समस्त विवरण सीएमओ कार्यालय में उपलब्ध कराने को कहा गया था। लेकिन, शाम तक प्रस्तुत नहीं हो सका है। अस्पताल की जॉच पूरी होने के बाद पीड़ित महिला एवं शिकायतकर्ता उनके पति का बयान दर्ज किया जाएगा। इसके बाद कार्रवाई की स्थिति बनेगी।
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दो दिन पहले लौट गई थी टीम
जांच टीम में शामिल डिप्टी सीएमओ डॉ. रणजीत सिंह, सर्जन डॉ. सुनील तिवारी और गायनी डॉ. प्रीति त्रिपाठी को दो दिन पहले ही संबंधित हॉस्पिटल पर जॉच करने पहुंचना था। लेकिन, यह टीम रास्ते से लौट गई। इसको लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। हालांकि टीम ने गायनी चिकित्सक की ड्यूटी लगने के कारण उस दिन वापस होने की जानकारी दी थी।
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यह है प्रकरण
वाल्टरगंज थाना क्षेत्र के गनेशपुर बड़ेवन निवासी मेवालाल ने सीएमओ को शिकायती पत्र देकर फातिमा हॉस्पिटल पर आरोप लगाया था कि उनकी पत्नी रीता को प्रसव पीड़ा होने के दौरान आशा के साथ महिला अस्पताल ले जाया गया। जहां अल्ट्रासाउंड के बाद पता चला कि पेट में बच्चा मर गया है। महिला चिकित्सालय से रेफर होने के बाद वह अपनी पत्नी को फातिमा हाॅस्पिटल एवं मैटरनिटी सेंटर लेकर पहुंचे। आरोप है कि चिकित्सक ने लापरवाही पूर्वक ऑपरेशन के दौरान मृत बच्चे के साथ बच्चेदानी भी निकाल दी। बाद में उनकी पत्नी को रेफर कर दिया गया।
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कोट
टीम ने जांच शुरू कर दी है। अस्पताल प्रबंधन को समस्त विवरण के साथ तलब किया गया है। संबंधित चिकित्सक को भी बुलाया गया है। जॉच पूरी होने के बाद मामले की सच्चाई सामने आएगी। इसके बाद जो भी दोषी होगा कार्रवाई की जाएगी।
-डाॅ. आरएस दुबे, सीएमओ