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Basti News: एआई के दौर में हाथ व सीटी के भरोसे ट्रैफिक, बिना सिग्नल हांफ रही रफ्तार

Sat, 11 Jul 2026 01:20 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Sat, 11 Jul 2026 01:20 AM IST
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In the age of AI, traffic relies on hand signals and whistles; the pace of movement is struggling without traffic lights.
कंपनीबाग चौराहे पर सिग्नल न होने पर ट्रैफिक व्यवस्था संभालते होमगार्ड व पीआरडी जवान संवाद
बस्ती। एआई और स्मार्ट सॉल्यूशंस के दौर में बढ़ती आबादी और वाहनों की संख्या के मुकाबले यातायात व्यवस्था पूरी तरह मानव संसाधन पर निर्भर है। आज भी शहर के चौक-चौराहों पर ट्रैफिक सिग्नल नहीं लगे हैं। पुलिस कर्मी सीटी बजाकर वाहनों को पास कराते हैं।
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सुगम यातायात के लिए 296 कर्मियों की लंबी-चौड़ी फौज है, इसके बावजूद शहर सुबह और शाम जाम से जूझ रहा है। यातायात विभाग का कहना है कि सिग्नल ठीक कराने के लिए नगर पालिका से पत्राचार किया जा रहा है।
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शहर की आबादी पौने दो लाख से अधिक पहुंच चुकी है, जबकि वाहनों की संख्या 29 हजार के ऊपर है। इसमें पांच हजार के करीब ई-रिक्शा हैं। शहर के बीच से बड़ेवन-कंपनीबाग फोरलेन गुजरने के बाद भी अभी तक ट्रैफिक सिग्नल की व्यवस्था नहीं हो सकी है। कई साल से ट्रैफिक सिग्नल लगाने के दावे किए जा रहे, मगर अभी तक योजना धरातल पर नहीं उतर सकी है।
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ऐसे में चौराहे पर तैनात जवान सीटी और हाथ के इशारे से यातायात नियंत्रित करने का प्रयास करते हैं। वाहनों के बढ़ते दबाव के कारण यह व्यवस्था चुनौतीपूर्ण होती जा रही है। शहर में कोई टैक्सी स्टैंड भी नहीं है। यह भी परेशानी बढ़ने का एक कारण है। चालक जहां चाहते हैं मनमाने तरीके से वाहन रोक कर सवारी बैठाते और उतारते हैं।
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