{"_id":"68a4d9ba424bc543b80bff8e","slug":"hemoglobin-gluco-meter-urine-stick-bp-machine-became-inactive-as-soon-as-they-were-distributedreturn-them-basti-news-c-207-1-bst1005-142258-2025-08-20","type":"story","status":"publish","title_hn":"Basti News: हीमोग्लोबिन-ग्लूको मीटर, यूरिन स्टिक, बीपी मशीन बंटते ही हो गईं निष्क्रिय...करें वापस","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Basti News: हीमोग्लोबिन-ग्लूको मीटर, यूरिन स्टिक, बीपी मशीन बंटते ही हो गईं निष्क्रिय...करें वापस
Wed, 20 Aug 2025 01:38 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
Updated Wed, 20 Aug 2025 01:38 AM IST
विज्ञापन
बस्ती। जिला स्वास्थ्य समिति (डीएचएस) की बैठक मंगलवार को डीएम रवीश गुप्ता की अध्यक्षता में कलक्ट्रेट सभागार में हुई। बैठक में कार्रवाई बुकलेट प्रस्तुत की गई। कई नेशनल हेल्थ कार्यक्रमों में ब्लॉक फिसड्डी दिखे। वहीं, सब सेंटरों पर हाल ही में वितरित किए गए हीमोग्लोबिन मीटर, ग्लूकोमीटर, यूरिन स्टिक और बीपी मशीन अक्रियाशील पाई गईं। उसे तत्काल वापस करने के लिए डीएम ने सभी चीफ फार्मासिस्ट व जनपदीय ड्रग वेयर हाउस के फार्मासिस्ट को निर्देशित किया।
डीएम ने जननी सुरक्षा योजना के तहत प्रोत्साहन राशि भुगतान में ढिलाई पर कड़े निर्देश दिए। बताया गया कि बजट न आने से भुगतान नहीं हो पा रहे। उन्होंने सीएचसी स्तर पर प्रसूताओं को जेएसवाई के तहत भोजन, नाश्ता समूह की महिलाओं से लेने को कहा। एएनएम, स्टाफ नर्स के औचित्य पूर्ण तैनाती और निजी अस्पतालों की ओर से मरीजों की रिपोर्ट मासिक न देने पर नाराजगी जताई। नौ सीएचसी का प्रसव दर कम पाया गया। 50 से कम प्रसव वाले कप्तानगंज, सांऊघाट, विक्रमजोत, बहादुरपुर, मरवटिया, कुदरहा, मुंडेरवा, अमरौली शुमाली, दुबौलिया के एमओआईसी को कड़े निर्देश दिए गए। एफआरयू में कम प्रसव होने पर नाराजगी जताई। प्रसव दौरान जच्चा-बच्चा की मृत्यु पर रिपोर्टिंग स्पष्ट न होने पर कड़े निर्देश दिए। नसबंदी कार्यक्रम में भी कई ब्लॉकों की स्थिति ठीक नहीं पाई गई। डीएम ने नेशनल स्वास्थ्य कार्यक्रमों में आपेक्षाकृत उपलब्धि न करने वाले एमओआईसी को एक सप्ताह में सुधार के लिए निर्देशित किया। सीएमओ डॉ. राजीव निगम, एसीएमओ डॉ. एके गुप्ता, डिप्टी सीएमओ डॉ. बृजेश कुमार शुक्ल, डॉ. एके चौधरी, डॉ. एसबी सिंह, डॉ. खालिद रिजवान अहमद, उप प्रधानाचार्य मेडिकल कॉलेज डॉ. अनिल कुमार यादव, अर्बन हेल्थ कोआर्डिनेटर सच्चिदानंद चौरिसया, डीसीपीएम दुर्गेश मल्ल मौजूद रहे। संचालन एनएचएम के डीपीएम राकेश पांडेय ने किया।
विज्ञापन
डीएम ने जननी सुरक्षा योजना के तहत प्रोत्साहन राशि भुगतान में ढिलाई पर कड़े निर्देश दिए। बताया गया कि बजट न आने से भुगतान नहीं हो पा रहे। उन्होंने सीएचसी स्तर पर प्रसूताओं को जेएसवाई के तहत भोजन, नाश्ता समूह की महिलाओं से लेने को कहा। एएनएम, स्टाफ नर्स के औचित्य पूर्ण तैनाती और निजी अस्पतालों की ओर से मरीजों की रिपोर्ट मासिक न देने पर नाराजगी जताई। नौ सीएचसी का प्रसव दर कम पाया गया। 50 से कम प्रसव वाले कप्तानगंज, सांऊघाट, विक्रमजोत, बहादुरपुर, मरवटिया, कुदरहा, मुंडेरवा, अमरौली शुमाली, दुबौलिया के एमओआईसी को कड़े निर्देश दिए गए। एफआरयू में कम प्रसव होने पर नाराजगी जताई। प्रसव दौरान जच्चा-बच्चा की मृत्यु पर रिपोर्टिंग स्पष्ट न होने पर कड़े निर्देश दिए। नसबंदी कार्यक्रम में भी कई ब्लॉकों की स्थिति ठीक नहीं पाई गई। डीएम ने नेशनल स्वास्थ्य कार्यक्रमों में आपेक्षाकृत उपलब्धि न करने वाले एमओआईसी को एक सप्ताह में सुधार के लिए निर्देशित किया। सीएमओ डॉ. राजीव निगम, एसीएमओ डॉ. एके गुप्ता, डिप्टी सीएमओ डॉ. बृजेश कुमार शुक्ल, डॉ. एके चौधरी, डॉ. एसबी सिंह, डॉ. खालिद रिजवान अहमद, उप प्रधानाचार्य मेडिकल कॉलेज डॉ. अनिल कुमार यादव, अर्बन हेल्थ कोआर्डिनेटर सच्चिदानंद चौरिसया, डीसीपीएम दुर्गेश मल्ल मौजूद रहे। संचालन एनएचएम के डीपीएम राकेश पांडेय ने किया।
विज्ञापन