फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Basti News ›   Heart patients increased one and a half times in 51 days of extreme heat

Basti News: 51 दिनों की प्रचंड गर्मी में डेढ़ गुना बढ़े दिल के मरीज

Tue, 25 Jun 2024 02:58 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती Updated Tue, 25 Jun 2024 02:58 AM IST
विज्ञापन
Heart patients increased one and a half times in 51 days of extreme heat
कई मरीजों का ऑक्सीजन लेबल बहुत गिर जाने से मुश्किल से बनी जान
विज्ञापन

संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। 51 दिनों की प्रचंड गर्मी ने दिल पर घातक प्रहार किया है। दिल के मरीजों की संख्या में डेढ़ गुना का इजाफा हुआ है। इन रोगियों को सांस फूलने, जल्दी थकान और ऑक्सीजन का स्तर गिरने जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ा है। डाॅक्टरों का कहना है कि यह हार्ट फेलियर के लक्षण हैं। इसमें रक्तचाप कम होने जैसी शिकायतें आ रही हैं। डाॅक्टरों का कहना है कि कुछ मरीजों को तो महीने में कई-कई बार भर्ती करना पड़ रहा है। गर्मी का पिछले कई सालों का रिकाॅर्ड टूटने के बाद हार्ट फेलियर के मरीजों की संख्या में डेढ़ गुना का इजाफा हुआ है।
एक मई से अब तक के मौसम विभाग के आंकड़े देखें तो 54 में 50 दिन अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से अधिक रहा। कई-कई दिनों तक तापमान 44 डिग्री सेल्सियस से भी ऊपर रहा। भीषण लू का भी लोगों को सामना करना पड़ा। कई मरीजों का ऑक्सीजन लेबल बहुत गिर जाने से बड़ी मुश्किल से उनकी जान बच सकी।
विज्ञापन

डॉक्टरों का कहना है कि हृदय एक पंप की तरह काम करता है, जो पूरे शरीर में सभी उतकों को रक्त का संचार करता है। यह कार्य अत्यंत महत्वपूर्ण है। क्योंकि रक्त की निरंतर आपूर्ति के बिना कोशिकाएं सही ढंग से काम नहीं कर पातीं और उनके नष्ट होने का खतरा रहता है।
विज्ञापन
विज्ञापन

फिजिशियन डाॅ. रामजी सोनी ने बताया कि 35 डिग्री सेल्सियस तक अधिकतम तापमान होने पर दिल सामान्य रूप से काम करता है। मगर, जैसे ही पारा इससे अधिक होता है तो हार्ट पर दबाव बढ़ने लगता है। शरीर के तापमान को नियंत्रित करने के लिए हृदय को अधिक काम करना पड़ता है।
डाॅ. सोनी ने बताया कि दिल सामान्यतया शरीर में जितना रक्त प्रति मिनट प्रवाह करता है, 40 डिग्री तापमान होने पर शरीर में खून के प्रवाह की मात्रा दो से चार गुना बढ़ जाती है। ऐसी स्थिति में हृदय कमजोर हुआ या पसीना निकलने से शरीर में पानी की मात्रा की अधिक कमी हुई तो हार्ट फेलियर होने का खतरा रहता है।

..
क्या होता है हार्ट फेलियर
हार्ट फेलियर ऐसी स्थिति है, जब किन्हीं कारणों से हृदय शरीर में ठीक तरह से रक्त पंप नहीं कर पाता है। विशेषज्ञ के मुताबिक इसके दो कारण हो सकते हैं। पहला या तो हृदय में पर्याप्त मात्रा में रक्त न भर पाए। दूसरा पूरे शरीर में रक्त को पंप करने के लिए हृदय बहुत कमजोर हो जाए। हर्ट फेलियर होने पर मरीज की अत्यधिक सांस फूलने लगती है। शरीर में सूजन, जल्दी थकान और शरीर की गतिविधियां कम होना आदि लक्षण हैं। भूख लगनी भी बंद हो जाती है। अनियंत्रित मधुमेह, ब्लड प्रेशर और शारीरिक गतिविधि में कमी भी बड़ी वजह है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed