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Basti News: आधी आबादी ने शुरू की पहल... आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर हुआ आमकोईल
Sat, 18 May 2024 02:16 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
Updated Sat, 18 May 2024 02:16 AM IST
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बनकटी क्षेत्र आमाकोइल गांव फूलों की खेती करतीं महिलाएं।
- 17 स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से रोजगार से जुड़ा है पूरा गांव
- आधा दर्जन फैक्टरियों से निकल रहे उत्पादों की अन्य राज्यों में भी मांग
संवाद न्यूज एजेंसी
महादेवा (बस्ती)। जनपद के बनकटी ब्लॉक के आमकोईल गांव आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन चुका है। यहां संचालित 17 स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से पूरा गांव व्पावसायिक गतिविधियों में शामिल हो चुका है। इसकी पहल कोविड के समय आधी आबादी ने मास्क बनाकर की थी। देखते ही देखते पूरा गांव आर्थिक स्प से आत्मनिर्भर हो गया। अब यह गांव जिले का औद्योगिक गांव के रूप में पहचान बना चुका है।
जिला मुख्यालस से बस्ती-महुली मार्ग पर 17 किमी पर आमकोईल गांव है। यहां की आधी आबादी के नाम 17 स्वयं सहायता समूह पंजीकृत हैं। इनमें गांव की 70 प्रतिशत आबादी सदस्य बनकर काम करती हैं। वह स्वयं सहायता समूहों से जुड़कर अपनी आर्थिक स्थिति को बेहतर बना रही हैं। इस कार्य में पुरुष भी उनका साथ दे रहे हैं। करीब एक हजार की आबादी वाले इस गांव में लघु उद्योगों से लेकर आधुनिक खेती तक हो रही है। गांव में ऐसा कोई परिवार नहीं है जो किसी न किसी कारोबार से जुड़ा न हो। स्वयं सहायता समूहों की ही देन है कि आज गांव से पलायन रुक चुका है।
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मास्क बनाने से शुरू हुआ कारोबार, बढ़ता ही गया
समूह की हेड दुर्गावती व रेखा बताती हैं कि 2019-20 में पहली बार जब कोविड आया तो सखियों के साथ मिलकर मास्क बनाने का कार्य शुरू किया। तब गांव के बरात घर में बैठकर सिलाई, कढ़ाई का काम किया। समूह में करीब 150 महिलाएं हैं जो किसी न किसी कार्य से जुड़ी हुई हैं। आज स्कूल ड्रेस, मास्क बनाने से लेकर फूलों की खेती, कंपोस्ट खाद, अचार-पापड़, सिलाई प्रशिक्षण, मशरूम उत्पादन, सरकारी गल्ले की दुकान आदि कार्य समूह के पास है।
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फर्नीचर से लेकर नमकीन तक की फैक्टरी
मकोईम में फर्नीचर की फैक्टरी लेकर नमकीन की फैक्टरी, मिनरल वाटर प्लांट, पोल्ट्री फार्म, स्वेटर बनाने की फैक्टरी, बेसन की फैक्टरी, सर्फ व डिटर्जेंट आदि की फैक्टरी लगी हुई है। यहां बनने वाले उत्पादों को अन्य प्रदेशों में आपूर्ति दी जा रही है। गांव के लवकुश, रामनिवास व रमेश बताते हैं कि सामानों का निर्यात धीरे-धीरे पूरे भारत में फैल रहा है। आने वाले समय में यह गांव बस्ती ही नहीं, बल्कि पूरे देश में अपनी औद्योगिक पहचान बनाएगा।
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- आधा दर्जन फैक्टरियों से निकल रहे उत्पादों की अन्य राज्यों में भी मांग
संवाद न्यूज एजेंसी
महादेवा (बस्ती)। जनपद के बनकटी ब्लॉक के आमकोईल गांव आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन चुका है। यहां संचालित 17 स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से पूरा गांव व्पावसायिक गतिविधियों में शामिल हो चुका है। इसकी पहल कोविड के समय आधी आबादी ने मास्क बनाकर की थी। देखते ही देखते पूरा गांव आर्थिक स्प से आत्मनिर्भर हो गया। अब यह गांव जिले का औद्योगिक गांव के रूप में पहचान बना चुका है।
जिला मुख्यालस से बस्ती-महुली मार्ग पर 17 किमी पर आमकोईल गांव है। यहां की आधी आबादी के नाम 17 स्वयं सहायता समूह पंजीकृत हैं। इनमें गांव की 70 प्रतिशत आबादी सदस्य बनकर काम करती हैं। वह स्वयं सहायता समूहों से जुड़कर अपनी आर्थिक स्थिति को बेहतर बना रही हैं। इस कार्य में पुरुष भी उनका साथ दे रहे हैं। करीब एक हजार की आबादी वाले इस गांव में लघु उद्योगों से लेकर आधुनिक खेती तक हो रही है। गांव में ऐसा कोई परिवार नहीं है जो किसी न किसी कारोबार से जुड़ा न हो। स्वयं सहायता समूहों की ही देन है कि आज गांव से पलायन रुक चुका है।
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मास्क बनाने से शुरू हुआ कारोबार, बढ़ता ही गया
समूह की हेड दुर्गावती व रेखा बताती हैं कि 2019-20 में पहली बार जब कोविड आया तो सखियों के साथ मिलकर मास्क बनाने का कार्य शुरू किया। तब गांव के बरात घर में बैठकर सिलाई, कढ़ाई का काम किया। समूह में करीब 150 महिलाएं हैं जो किसी न किसी कार्य से जुड़ी हुई हैं। आज स्कूल ड्रेस, मास्क बनाने से लेकर फूलों की खेती, कंपोस्ट खाद, अचार-पापड़, सिलाई प्रशिक्षण, मशरूम उत्पादन, सरकारी गल्ले की दुकान आदि कार्य समूह के पास है।
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फर्नीचर से लेकर नमकीन तक की फैक्टरी
मकोईम में फर्नीचर की फैक्टरी लेकर नमकीन की फैक्टरी, मिनरल वाटर प्लांट, पोल्ट्री फार्म, स्वेटर बनाने की फैक्टरी, बेसन की फैक्टरी, सर्फ व डिटर्जेंट आदि की फैक्टरी लगी हुई है। यहां बनने वाले उत्पादों को अन्य प्रदेशों में आपूर्ति दी जा रही है। गांव के लवकुश, रामनिवास व रमेश बताते हैं कि सामानों का निर्यात धीरे-धीरे पूरे भारत में फैल रहा है। आने वाले समय में यह गांव बस्ती ही नहीं, बल्कि पूरे देश में अपनी औद्योगिक पहचान बनाएगा।