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भवनों से टपकता है पानी, अभिलेखों पर संकट
basti
Updated Tue, 03 Jul 2018 11:24 PM IST
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बीएसए कार्यालय की टूटी छत।
- फोटो : amar ujala
बस्ती। पिछले तीन दिनों की बारिश से जन-जीवन को राहत मिली, मगर सरकारी भवनों और दफ्तर इसके चलते टपकने लगे। इससे इन भवनों में रखे महत्वपूर्ण अभिलेख के खराब होने का संकट बढ़ गया है। शहर से लेकर गांवों तक स्थित जर्जर भवनों में जहां बच्चे शिक्षा ग्रहण करते हैं वहीं कर्मचारी इसके छत के नीचे दिन भर बैठकर सरकारी कामकाज निपटाते हैं।
शहर के बीएसए दफ्तर से बात शुरू करते हैं। अंग्रेजों के जमाने के इस भवन की कई बार मरम्मत भी हो चुकी है, मगर इसके अधिकांश कमरों में बारिश होते ही पानी टपकने लगता है। इसके चलते यहां रखे महत्वपूर्ण अभिलेख भीग गए हैं। कार्यालय के बरामदे का खपरैल की छत जगह-जगह टूट गई है, जिससे बारिश का पानी भीतर तक जाता है। कर्मचारी भी यहां बारिश होने पर खुद को सुरक्षित करने के लिए दूसरे कमरों में बैठते हैं। यही हाल शहर के प्राइमरी पाठशाला कटरा का भी है। हालांकि, इस भवन का जीर्णोद्धार कराया जा चुका है, मगर आज भी भवन कीछत टपकती है। यहां के बच्चों को बरसात में नए भवन में शिफ्ट कर दिया गया है। यह अलग बात है कि इस स्कूल भवन को जर्जर घोषित कर दिया गया, मगर उसे ध्वस्त नहीं किया गया। ऐसे में नए भवन के निकट स्थित इस स्कूल के गिरने का खतरा बना हुआ है और यहीं बच्चे आते-जाते हैं।
बीएसए अरुण कुमार शुक्ल ने कहा कि प्राइमरी पाठशाला कटरा की पुराने भवन को जर्जर घोषित किया जा चुका है। इसके ध्वस्तीकरण की फाइल चलाई गई है। रही बीएसए ऑफिस की बात तो इसे भी जल्द से जल्द नए भवन में स्थानांतरित किया जाएगा। बनकटी प्रतिनिधि के अनुसार ब्लॉक मुख्यालय पर स्थित अस्पताल, एएनएम सेंटर व ब्लॉक कार्यालय के आवासों का बुरा हाल है। यहां एक घंटे बरसात आवासों की छत घंटों टपकती रहती है, जिससे इसमें रहने वाले डॉक्टर और कर्मचारी परेशान हैं। प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. धर्मेंद्र चौधरी ने बताया कि जर्जर एएनएम सेंटर एकमा, खोरिया, सिसवा की रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को दी जा चुकी है। मुख्यालय के भवनों की मरम्मत के लिए भी लिखा गया है। रुधौली प्रतिनिधि के अनुसार नगर पंचायत कार्यालय जाने वाले मार्ग पर जलभराव होने से आने-जाने वाले राहगीरों को काफी दिक्कत हो रही है। वहीं विकास खंड कार्यालय भवन की भी स्थिति बारिश ने खराब कर दी है। बरसात के चलते छत टपकने लगी है और दीवारों में सीलन आ गई है। इसके चलते अभिलेख और संसाधनों के रख-रखाव में दिक्कत आ गई है।
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शहर के बीएसए दफ्तर से बात शुरू करते हैं। अंग्रेजों के जमाने के इस भवन की कई बार मरम्मत भी हो चुकी है, मगर इसके अधिकांश कमरों में बारिश होते ही पानी टपकने लगता है। इसके चलते यहां रखे महत्वपूर्ण अभिलेख भीग गए हैं। कार्यालय के बरामदे का खपरैल की छत जगह-जगह टूट गई है, जिससे बारिश का पानी भीतर तक जाता है। कर्मचारी भी यहां बारिश होने पर खुद को सुरक्षित करने के लिए दूसरे कमरों में बैठते हैं। यही हाल शहर के प्राइमरी पाठशाला कटरा का भी है। हालांकि, इस भवन का जीर्णोद्धार कराया जा चुका है, मगर आज भी भवन कीछत टपकती है। यहां के बच्चों को बरसात में नए भवन में शिफ्ट कर दिया गया है। यह अलग बात है कि इस स्कूल भवन को जर्जर घोषित कर दिया गया, मगर उसे ध्वस्त नहीं किया गया। ऐसे में नए भवन के निकट स्थित इस स्कूल के गिरने का खतरा बना हुआ है और यहीं बच्चे आते-जाते हैं।
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बीएसए अरुण कुमार शुक्ल ने कहा कि प्राइमरी पाठशाला कटरा की पुराने भवन को जर्जर घोषित किया जा चुका है। इसके ध्वस्तीकरण की फाइल चलाई गई है। रही बीएसए ऑफिस की बात तो इसे भी जल्द से जल्द नए भवन में स्थानांतरित किया जाएगा। बनकटी प्रतिनिधि के अनुसार ब्लॉक मुख्यालय पर स्थित अस्पताल, एएनएम सेंटर व ब्लॉक कार्यालय के आवासों का बुरा हाल है। यहां एक घंटे बरसात आवासों की छत घंटों टपकती रहती है, जिससे इसमें रहने वाले डॉक्टर और कर्मचारी परेशान हैं। प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. धर्मेंद्र चौधरी ने बताया कि जर्जर एएनएम सेंटर एकमा, खोरिया, सिसवा की रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को दी जा चुकी है। मुख्यालय के भवनों की मरम्मत के लिए भी लिखा गया है। रुधौली प्रतिनिधि के अनुसार नगर पंचायत कार्यालय जाने वाले मार्ग पर जलभराव होने से आने-जाने वाले राहगीरों को काफी दिक्कत हो रही है। वहीं विकास खंड कार्यालय भवन की भी स्थिति बारिश ने खराब कर दी है। बरसात के चलते छत टपकने लगी है और दीवारों में सीलन आ गई है। इसके चलते अभिलेख और संसाधनों के रख-रखाव में दिक्कत आ गई है।
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